वैश्विक मसाला बाजार

वैश्विक मसाला बाजार में भारत की बढ़ती ताकत

भारत ने गुवाहाटी में मसालों के लिए अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानक तय करने वाले सत्र में नेतृत्व दिखाया। अब तक 16 मसालों के मानक बने हैं और नए मानकों पर चर्चा जारी है। वैश्विक सहयोग से उत्पादक, व्यापारी और उपभोक्ता सभी को फायदा होगा।

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प्रधानमंत्री मोदी ने खाद्य तेल की खपत 10 प्रतिशत कम करने की अपील दोहराई, मोटापे की समस्या पर दिया जोर

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) के 2019-21 के आंकड़े बताते हैं कि भारत में 24 प्रतिशत महिलाएं और 23 प्रतिशत पुरुष अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त हैं। इसमें यह भी पाया गया कि 15-49 आयु वर्ग की 6.4 प्रतिशत महिलाएं और 4 प्रतिशत पुरुष मोटापे से ग्रस्त हैं। 5 वर्ष से कम उम्र के अधिक वजन वाले बच्चों की व्यापकता भी बढ़ रही है और यह 3.4 प्रतिशत तक पहुँच गई है।

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ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म

FSSAI की सभी E-commerce platforms को चेतावनी…पोर्टल पर देनी होगी डिटेल, नियम तोड़े तो होगी कार्रवाई

FSSAI ने खाद्य सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए सभी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को कड़े निर्देश दिए हैं. कहा है कि सभी कंपनियों को अपने वेयरहाउस और स्टोरेज फैसिलिटी की जानकारी FoSCoS  पोर्टल पर देनी होगी, साथ ही उनकी तस्वीरें भी अपलोड करनी होंगी. फूड प्रोडक्ट की “Use By / Expiry Date” ग्राहक इंटरफेस पर दिखाने की संभावना पर भी चर्चा हुई.

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क्या आप भी बाजार से ‘100% शुद्ध’ लेबल वाली चीजें खरीदते हैं? जानिए इसपर FSSAI का क्या कहना है?

क्या आप भी बाजार से कोई चीज लेने से पहले ये चेक करते हैं कि उसपर ‘100% शुद्ध है’ ये लिखा है या नहीं? ये बिलकुल आम बात है हम सब यही चेक करते हैं और जिसपर लिखा होता है वो चीज फटाफट खरीद लेते हैं. लेकिन क्या आपको ये पता है कि ये बात सिर्फ़ लिखी होती है ‘100% शुद्ध’ होती नहीं है. जी हाँ, ये हम नहीं देश के शीर्ष खाद्य नियामक FSSAI का कहना है. और अब FSSAI ने खाद्य व्यवसाय संचालकों को ये ना लिखने के निर्देश दिए हैं. उसका कहना है कि इससे ग्राहक भ्रमित होते हैं.

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FSSAI

FSSAI ने दिए सख्त निर्देश…फलों को पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड जैसे एजेंट का इस्तेमाल करने वालों पर होगी कार्रवाई

FSSAI ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों और FSSAI के क्षेत्रीय निदेशकों से अनुरोध किया गया है कि वे फलों के बाजारों और मंडियों पर कड़ी निगरानी रखें, ताकि कैल्शियम कार्बाइड जैसे एजेंटों का उपयोग करके फलों को पकाने के अवैध प्रयोग को रोका जा सके.

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FSSAI

बिना कैल्शियम कार्बाइड के ऐसे पकायें आम..मार्केट में मिलेगा ज़्यादा दाम, FSSAI भी देती है इसकी अनुमति

क्या आप भी आम या दूसरे फल पकने के लिए खतरनाक कैल्शियम कार्बाइड का इस्तेमाल करते हैं? जो FSSAI-स्वीकृत नहीं है।अगर आप एक किसान हैं और आम पकाने की इकाई स्थापित करना चाहते हैं, तो यह जानकारी आपके लिये है।


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FSW

FSSAI की “फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स” लैब इस तरह करती है दूध में मिलावट की जांच

FSSAI की मोबाइल खाद्य जाँच प्रयोगशाला, जिसे “फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स” (FSW) के रूप में भी जाना जाता है, विशेष रूप से गांवों, कस्बों और दूरदराज के इलाकों में खाद्य जाँच, ट्रेनिंग और जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वर्तमान में, 35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 285 FSW यूनिट काम कर रही हैं। ये यूनिट्स सभी बुनियादी ढांचे, जिसमें “मिल्क-ओ-स्क्रीन” उपकरण शामिल हैं, जो मुख्य गुणवत्ता मापदंडों जैसे वसा, एसएनएफ, प्रोटीन और मिलावटी पानी, यूरिया, सुक्रोज, माल्टोडेक्सट्रिन और अमोनियम सल्फेट की मौके पर जांच के लिए हैं। इसके अलावा FSW अन्य खाद्य उत्पादों के लिए भी बुनियादी मिलावट जाँच करने में सक्षम हैं।

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FSSAI

FSSAI ने बताई असली-नकली मिर्च की पहचान

आजकल बाजार में मिल तो सब कुछ जाता है लेकिन पैसा देने के बाद भी ये ज़रूरी नहीं है कि आपको सही चीजें मिले. चाहें वो फल-सब्ज़ी हो या घी-आटा या फिर दूध-दही कुछ भी. जो भी बाज़ार से लायी हुई चीजें हम खा रहे हैं एक तो हमें ये नहीं पता कि वो असली है या नक़ली. इसके अलावा, केमिकल्स और हानिकारक फर्टिलाइजर और पेस्टीसाइड्स के इस्तेमाल से इन फ़ूड आइटम्स की गुणवत्ता पर भी सवाल उठते हैं. ऐसे में FSSAI ने खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है. 

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FSSAI का नया MRL फ्रेमवर्क भारतीय मसालों को वैश्विक बाजार में देगा मजबूती

दिल्ली। भारतीय मसाला उत्पादकों और निर्यातकों के लिए एक बड़ी खबर है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) मसालों और जड़ी-बूटियों के लिए नया अधिकतम अवशेष स्तर MRL फ्रेमवर्क तैयार कर रहा है, जिसे जल्द ही अंतिम रूप दिया जाएगा। इस नए MRL फ्रेमवर्क में स्वीकृत MRLs की संख्या को 11 से बढ़ाकर 98…

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जानिए क्या है Best before और एक्स्पाइरी डेट में अंतर ?

हम जो भी दैनिक उत्पाद खरीदते हैं, हम जो बिस्किट खाते हैं, जो किराने का सामान हम खरीदते हैं, क्या आपने कभी उनके लेबल देखे हैं, जिन पर ‘बेस्ट बिफोर’ और ‘एक्सपायरी’ तारीखें लिखी होती हैं? क्या आप जानते हैं कि दोनों शब्दों में अंतर है, हाँ यह भ्रमित करने वाला लग सकता है। भारतीय…

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