महाराष्ट्र और कर्नाटक

महाराष्ट्र और कर्नाटक में बढ़ता किसान संकट, आत्महत्याओं के आंकड़े चिंताजनक

महाराष्ट्र और कर्नाटक दोनों राज्यों में किसान आत्महत्याओं की स्थिति बेहद गंभीर है। महाराष्ट्र में जनवरी–सितंबर 2025 के बीच 781 किसानों ने आत्महत्या की, जबकि कर्नाटक में नवंबर 2025 तक 377 मामले दर्ज हुए। दोनों ही जगह आत्महत्याओं की बड़ी वजह कर्ज़, फसल नुकसान और मौसम है।

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किसान आत्महत्याओं के बीच संयुक्त किसान मोर्चा विदर्भ के दौरे पर हैं।

महाराष्ट्र: संयुक्त किसान मोर्चा की 17 मांगों को लेकर आंदोलन की चेतावनी

महाराष्ट्र में किसानों बढ़ रही आत्महत्याओं के बीच संयुक्त किसान मोर्चा विदर्भ पहुंचा। किसान मोर्चा के इस दौरे का मकसद केंद्र तक इस मुद्दे को पहुंचाना है। इस यात्रा की शुरुआत महात्मा गांधी के सेवाग्राम से शुरू हुई। किसान ने नेता राकेश टिकैत की अगुवाई में पंजाब, हरियाणा, झारखंड, केरल, तेलंगाना और महाराष्ट्र के 23…

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किसानों की आत्महत्या के आंकड़े चिंताजनक

कर्ज, मौसम और बाजार की मार से टूट रहे किसान, किसानों की आत्महत्या के आंकड़े चिंताजनक

महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जनवरी से सितंबर 2025 के बीच यह संख्या 1,700 से ऊपर पहुंचने का अनुमान है। अकेले मराठवाड़ा में 520 और सिर्फ बीड जिले में 120 से अधिक किसानों ने आत्महत्या की। सरकार के मुताबिक 1,546 किसानों की आत्महत्या के मामलों में 517 परिवारों को मुआवजा मंजूर हुआ है, जबकि कई मामले जांच में हैं।

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