ई-रेडिएशन सेंटर से बढ़ा निर्यात और रोजगार

किसानों से लेकर महिलाओं तक को फायदा, ई-रेडिएशन सेंटर से बढ़ा निर्यात और रोजगार

पटना के बिहटा में बने बिहार के पहले ई-रेडिएशन सेंटर से राज्य के फल-सब्जियों के निर्यात को नई रफ्तार मिली है। इस तकनीक से आम, लीची, केला, मखाना और आलू जैसे कृषि उत्पाद बैक्टीरिया और कीटों से मुक्त होकर 3 से 6 महीने, कुछ मामलों में एक साल तक सुरक्षित रह सकते हैं। इससे बिहार के उत्पाद अब सीधे खाड़ी देशों, जापान और नेपाल जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहुंच रहे हैं। इस पहल से किसानों को बेहतर दाम, निर्यात में नुकसान कम और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

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21 से 31 जनवरी 2026 तक खुलेंगे गेहूं उत्पाद निर्यात के आवेदन

DGFT का ऐलान: 21 से 31 जनवरी 2026 तक खुलेंगे गेहूं उत्पाद निर्यात के आवेदन

केंद्र सरकार ने करीब तीन साल बाद गेहूं के आटे और उससे बने उत्पादों के 5 लाख टन निर्यात को सीमित रूप से मंजूरी दी है। यह निर्यात तय कोटे और लाइसेंस के तहत होगा, जबकि गेहूं के सीधे निर्यात पर रोक जारी रहेगी। अच्छे मानसून और बेहतर पैदावार की उम्मीद के चलते सरकार ने यह फैसला लिया है।

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सरकार ने 5 लाख टन गेहूं उत्पादों के निर्यात को दी मंजूरी

घरेलू भंडार मजबूत, सरकार ने 5 लाख टन गेहूं उत्पादों के निर्यात को दी मंजूरी

केंद्र सरकार ने 2022 से लगे प्रतिबंध में आंशिक ढील देते हुए 5 लाख टन गेहूं उत्पादों (आटा, मैदा, सूजी) के निर्यात की अनुमति दी है। देश में रिकॉर्ड उत्पादन और पर्याप्त भंडार के बीच यह फैसला लिया गया है, जिससे विदेशों में रहने वाले भारतीयों को भारतीय ब्रांड्स के गेहूं उत्पाद मिल सकेंगे। हालांकि, निर्यात की समय-सीमा और मात्रा को लेकर उद्योग को अभी स्पष्टता का इंतजार है।

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APEDA

गैर-बासमती चावल निर्यात के लिए APEDA में कॉन्ट्रैक्ट रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

सरकार ने गैर-बासमती चावल के निर्यात के लिए नया नियम लागू किया है। अब निर्यात केवल तभी होगा जब कॉन्ट्रैक्ट APEDA में रजिस्टर किया जाए। यह कदम पारदर्शिता और नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। इस बीच, अप्रैल-अगस्त 2025 में भारत का चावल निर्यात 6.4% बढ़कर 4.7 अरब डॉलर पर पहुंच गया।

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पटना, रायपुर और देहरादून

पटना, रायपुर और देहरादून में खुलेंगे APEDA के नए ऑफिस, किसानों को होगा फायदा

एपीडा (APEDA) पटना, रायपुर और देहरादून में नए रीजनल ऑफिस खोल रहा है ताकि कृषि निर्यातकों को मदद मिल सके। भारत का कृषि निर्यात 2024-25 में 50 अरब डॉलर से अधिक हो गया है। एपीडा जीआई टैग वाले, ऑर्गेनिक और प्रोसेस्ड उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए खास कदम उठा रहा है। साथ ही, पैकेजिंग सुधार, शोध और किसानों को ट्रेनिंग देकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा मजबूत की जा रही है।

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उत्तराखंड

विदेशी बाजार में उतरा उत्तराखंड का सेब, किसानों को मिलेगा फायदा

उत्तराखंड के सेब अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कदम रख रहे हैं। देहरादून से दुबई के लिए 1.2 मीट्रिक टन गढ़वाली सेब (किंग रोट किस्म) की पहली ट्रायल खेप रवाना की गई। वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने इसे हरी झंडी दिखाई। यह पहल किसानों की आय बढ़ाने और राज्य के कृषि निर्यात को नई दिशा देने की ओर एक अहम कदम माना जा रहा है।

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दुबई में दशहरी आम का जलवा, यूपी से पहली बार हुआ सीधा निर्यात

उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत 1,200 किलोग्राम दशहरी आम (400 बक्से, प्रत्येक का वजन तीन किलोग्राम) हवाई मार्ग से दुबई भेजा गया है। रविवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गयी।

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चाय उत्पादक

दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चाय निर्यातक देश बना भारत, 2024 में 255 मिलियन किलोग्राम चाय हुआ निर्यात

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चाय उत्पादक देश है। भारत के उत्तर पूर्वी भाग में सबसे अधिक चाय का उत्पादन होता है। यहाँ देश का लगभग 85 प्रतिशत चाय का उत्पादन होता है। भारत दुनिया के सर्वाधिक चाय खपत करने वाले देशों में से एक है। यहां देश में चाय उत्पादन का 80 प्रतिशत देश के भीतर उपभोग किया जाता है। भारतीय चाय बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक़ भारत ने 2024 में 255 मिलियन किलोग्राम चाय निर्यात किया। इसके साथ ही श्रीलंका को पछाड़ भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चाय निर्यातक देश बन गया है। इसी क्रम में केन्या ने अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा है।

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APEDA

भारत के ताजे फलों का निर्यात साल-दर-साल 29 प्रतिशत बढ़ा, अकेले अनार में 20 प्रतिशत की वृद्धि

भारत के कृषि निर्यात के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में कृषि और प्रसंस्‍करण खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने एग्रोस्टार और के बी एक्सपोर्ट्स के साथ मिलकर समुद्र के रास्ते ऑस्ट्रेलिया को प्रीमियम सांगोला और भगवा अनार की भारत की पहली वाणिज्यिक परीक्षण शिपमेंट सफलतापूर्वक पूरी की। यह भारतीय ताजा उपज के लिहाज से बाजार पहुंच का विस्तार करने में एक बड़ी सफलता है। एपीडा के मुताबिक़ भारत के कृषि निर्यात में तेज़ी आयी है, जिसमें ताजे फलों का निर्यात साल-दर-साल 29 प्रतिशत बढ़ रहा है। अकेले अनार में 20 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है, जो इस सेगमेंट की अपार संभावनाओं को दर्शाता है।

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apeda

भारत का फल और सब्जी निर्यात 123 देशों तक पहुँचा, 3 वर्षों में 17 नए बाजार भी जुड़े

देश भर में फलों और सब्जियों का उत्पादन बढ़ रहा है और उनकी खेती करने वाले किसानों की आय भी बढ़ रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि देश में सप्लाई के साथ-साथ उनके उत्पाद विदेशों में भी निर्यात हो रहे हैं। आँकड़ों के मुताबिक़ वित्त वर्ष 2023-24 में भारत का ताजे फल और सब्जियों का निर्यात 123 देशों तक पहुंच गया।

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