किसानों से लेकर महिलाओं तक को फायदा, ई-रेडिएशन सेंटर से बढ़ा निर्यात और रोजगार
पटना के बिहटा में बने बिहार के पहले ई-रेडिएशन सेंटर से राज्य के फल-सब्जियों के निर्यात को नई रफ्तार मिली है। इस तकनीक से आम, लीची, केला, मखाना और आलू जैसे कृषि उत्पाद बैक्टीरिया और कीटों से मुक्त होकर 3 से 6 महीने, कुछ मामलों में एक साल तक सुरक्षित रह सकते हैं। इससे बिहार के उत्पाद अब सीधे खाड़ी देशों, जापान और नेपाल जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहुंच रहे हैं। इस पहल से किसानों को बेहतर दाम, निर्यात में नुकसान कम और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।