चीनी के MSP

चीनी के MSP बढ़ाने और निर्यात की अनुमति पर मंथन

सरकार चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य(MSP) बढ़ाने, निर्यात और एथनॉल आवंटन जैसे विकल्पों पर विचार कर रही है, क्योंकि गन्ना किसानों का बकाया तेजी से बढ़ रहा है। खाद्य सचिव ने कहा कि अगले एक महीने में ऐसे फैसले लिए जाएंगे, जिससे उद्योग को राहत मिले और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सके।

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एथनॉल ब्लेंडिंग

एथनॉल ब्लेंडिंग 20% से आगे बढ़ाने की मांग, ब्राजील में 55% तक एथनॉल ब्लेंडिंग

GEMA ने सरकार से पेट्रोल में एथनॉल की मिलावट 20% से आगे बढ़ाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि देश में एथनॉल बनाने की पर्याप्त क्षमता और निवेश मौजूद है, अब जरूरत मांग बढ़ाने की है। इससे ईंधन आयात घटेगा, विदेशी मुद्रा बचेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को फायदा होगा।

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एथेनॉल रेट और शक्कर MSP बढ़ाने की मांग तेज

एथेनॉल रेट और शक्कर MSP बढ़ाने की मांग तेज, सरकार कर रही समीक्षा

सरकार शक्कर उद्योग की मांग पर शक्कर MSP बढ़ाने पर विचार कर रही है, क्योंकि लागत अब 40 रुपये/किलो तक पहुँच गई है। मिलें एथेनॉल कीमत बढ़ाने की भी मांग कर रही हैं, क्योंकि मौजूदा दरों पर नुकसान हो रहा है। सरकार पहले 15 लाख टन निर्यात के असर को देखकर MSP पर फैसला करेगी।

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एथेनॉल से बची शुगर इंडस्ट्री

एथेनॉल से बची शुगर इंडस्ट्री, खेती में चाहिए नई तकनीक: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देश की शुगर इंडस्ट्री सिर्फ एथेनॉल की वजह से बची हुई है और खेती में नई तकनीकों की ज़रूरत है। उन्होंने बताया कि विदर्भ और मराठवाड़ा में किसानों की आत्महत्याओं की मुख्य वजह पानी की कमी रही है। गडकरी ने कहा कि चीनी की अधिकता होने के बावजूद मिलें एथेनॉल उत्पादन से चल रही हैं।

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खाद्य मंत्री

एथेनॉल उत्पादन बढ़ाएं, निर्यात पर करें फोकस: खाद्य मंत्री

खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने चीनी मिलों से एथेनॉल उत्पादन बढ़ाने और इसे निर्यात के लिए तैयार करने पर जोर दिया है। सरकार ने भरोसा दिलाया कि किसानों, उपभोक्ताओं और मिलों तीनों के हितों को ध्यान में रखकर फैसले होंगे। इस बीच, गन्ना किसानों का 99% से ज्यादा बकाया चुकाया जा चुका है और पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण 20% तक पहुंच गया है, जिससे बड़ी विदेशी मुद्रा की बचत हुई है।

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एथेनॉल उत्पादन

एथेनॉल उत्पादन में चीनी मिलों को मिली खुली छूट

भारत सरकार ने चीनी मिलों को गन्ने के रस, सिरप और शीरे से अपनी पसंद से एथेनॉल बनाने की आज़ादी दी है। इससे ज्यादा चीनी उत्पादन को कंट्रोल करने में मदद मिलेगी।अनुमान है कि 2025-26 में चीनी उत्पादन 18% बढ़ेगा, इसलिए 11 मिलियन टन चीनी को एथेनॉल बनाने में डायवर्ट करना होगा।

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2034 तक भारत में 22% चीनी का उपयोग इथेनॉल उत्पादन में होगा, अभी 9% चीनी का होता है इस्तेमाल: रिपोर्ट

भारत के संदर्भ में, रिपोर्ट में कहा गया है कि गन्ना आधारित इथेनॉल उत्पादन को इस क्षेत्र में विविधता लाने के सरकारी उपायों से समर्थन मिलेगा। इसमें यह भी कहा गया है कि भारत, वैश्विक व्यापार में केवल 8 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ, ब्राज़ील और थाईलैंड के बाद चीनी निर्यातक के रूप में तीसरे स्थान पर बना रहेगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के चीनी उत्पादन में इथेनॉल का लगभग 9 प्रतिशत उपयोग होता है और 2034 तक इसके 22 प्रतिशत तक बढ़ने की उम्मीद है।

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चीनी उत्पादन

भारत का चीनी उत्पादन 15 प्रतिशत तक बढ़ने की उम्मीद, जानिए क्या है कारण?

रेटिंग एजेंसी ICRA ने 2026 के लिए भारत के चीनी उत्पादन में 15% की वृद्धि का अनुमान लगाया है, जो महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे प्रमुख राज्यों में अनुकूल मानसून के कारण गन्ने की पैदावार में वृद्धि के कारण है। इस वृद्धि से चीनी कंपनियों के राजस्व में 6-8% की वृद्धि होने की संभावना है। हालाँकि चीनी की कीमतें स्थिर रहने की उम्मीद है।

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एथनॉल की खरीद

चीनी उद्योग ने एथनॉल की खरीद कीमतों में संशोधन की मांग की, जानिए क्या है वजह?

चीनी उद्योग ने इथेनॉल खरीद मूल्यों में संशोधन और मिश्रण लक्ष्य को 20% से आगे बढ़ाने की मांग की है, क्योंकि राष्ट्रीय इथेनॉल कार्यक्रम में इस क्षेत्र का योगदान 73% से घटकर केवल 28% रह गया है। इस गिरावट का मुख्य कारण यह है कि गन्ने के उचित और लाभकारी मूल्य या एफआरपी में वृद्धि के अनुरूप इथेनॉल खरीद मूल्यों में वृद्धि नहीं की गई है, जिससे चीनी मिलों के लिए इथेनॉल उत्पादन कम लाभदायक हो गया है। आपको बता दें कि इस वर्ष 40 लाख टन तक चीनी को इथेनॉल में परिवर्तित करने की संभावना है, परन्तु केवल 32 लाख टन चीनी ही इथेनॉल में परिवर्तित होने की उम्मीद है।

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मक्का उत्पादन

Ethanol के कारण बढ़ रही है मक्के की मांग, किसान अच्छी गुणवत्ता वाले बीज के साथ इन बातों पर ध्यान दें तो बढ़ेगा उत्पादन

देश में मक्का उत्पादन बढ़ाने के लिए भारतीय मक्का अनुसंधान संस्थान (IIMR) ने ‘एथेनॉल उद्योगों के जलग्रहण क्षेत्र में मक्का उत्पादन में वृद्धि’ नामक प्रोजेक्ट शुरू किया है. IIMR के न‍िदेशक डॉ. हनुमान सहाय जाट के अनुसार इस प्रोजेक्ट के तहत अच्छी क‍िस्मों के मक्के की बुवाई करवाई जा रही है. इस प्रोजेक्ट के तहत क‍िसानों को मक्के की खेती के फायदे बताए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि साल 2025-2026 तक पेट्रोल में 20 फीसदी एथेनॉल मिलाने का लक्ष्य हासिल करना है तो मक्का उत्पादन बढ़ाने की जरूरत होगी. इसके लिए पैदावार बढ़ाने के लिए क‍िसानों को अच्छी गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध करावाने होंगे. साथ ही वैज्ञान‍िक तौर-तरीके से खेती करवानी होगी.

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