इकोनॉमिक सर्वे

इकोनॉमिक सर्वे: चार साल में 100 अरब डॉलर तक पहुँच सकता है भारत का कृषि निर्यात

इकोनॉमिक सर्वे के अनुसार भारत अगले चार साल में कृषि निर्यात को 100 अरब डॉलर तक पहुँचा सकता है। उत्पादन ज्यादा होने के बावजूद भारत का वैश्विक कृषि निर्यात में हिस्सा कम है। सर्वे ने कहा कि स्थिर नीतियों और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से कृषि निर्यात बढ़ेगा, किसानों को फायदा होगा और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

पूरी र‍िपोर्ट
कृषि ही ‘विकसित भारत’ की रीढ़

आर्थिक सर्वे का संकेत: कृषि ही ‘विकसित भारत’ की रीढ़

आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि भारत की अगली विकास यात्रा में खेती की भूमिका सबसे अहम रहेगी। खेती अब सिर्फ अनाज तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पशुपालन, मछली पालन और बागवानी जैसे क्षेत्रों से किसानों की आमदनी बढ़ेगी। पिछले पाँच सालों में कृषि क्षेत्र की औसत वृद्धि दर 4.4% रही है। इसमें सबसे तेज़ बढ़त पशुपालन और मत्स्य पालन में देखी गई है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।

पूरी र‍िपोर्ट
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26

आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26: कृषि उत्पादन बढ़ा, ग्रामीण भारत हुआ सशक्त

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण देश की कृषि और ग्रामीण भारत की मजबूती को दिखाता है। बीते पाँच सालों में खेती की विकास दर 4.4 प्रतिशत रही है और 2024-25 में खाद्यान्न उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है। बागवानी क्षेत्र में भी तेज़ बढ़ोतरी हुई है। गांवों में सड़क, आवास, डिजिटल सुविधा और महिला सशक्तिकरण के जरिए ग्रामीण भारत में बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।

पूरी र‍िपोर्ट
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26

Economic Survey 2025-26: खाद नीति में बदलाव की जरूरत, यूरिया के अंधाधुंध इस्तेमाल पर ब्रेक

आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में यूरिया की कीमत में हल्की बढ़ोतरी का सुझाव दिया गया है, लेकिन इसके बदले किसानों को प्रति एकड़ सीधी नकद सहायता देने की बात कही गई है। सर्वे के मुताबिक सस्ती यूरिया के कारण किसान जरूरत से ज्यादा नाइट्रोजन का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे मिट्टी की सेहत खराब हो रही है और पैदावार पर असर पड़ रहा है। सरकार का लक्ष्य खाद के असंतुलित उपयोग को ठीक करना, मिट्टी की गुणवत्ता सुधारना और खेती को लंबे समय में ज्यादा टिकाऊ बनाना है।

पूरी र‍िपोर्ट