देश के 85% खेत हो रहे बांझ, इसका असल जिम्मेदार कौन?

देश के 85 % खेत बांझ हो रहे हैं, क्या आपको इसके कारण पता है? अजीब बात है कि भारत को कृषि प्रधान देश कहा जाता है और उसके बावजूद देश कहा जाता है और उसके बावजूद ये हाल है? इसके कारण क्या हैं और इस समस्या के समाधान क्या हो सकते हैं? जानिए डॉ. राजाराम त्रिपाठी से जो वर्तमान में अखिल भारतीय किसान महासंघ (आईफा) के राष्ट्रीय समन्वयक हैं.

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Solar Pump Subsidy:अनुदान पर उत्तर प्रदेश के किसानों को सोलर पंप लगवाने का सुनहरा मौका, इस तारीख तक करें आवेदन

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। 16 जनवरी से 20 जनवरी तक सोलर पम्प लगवाने के लिये आवेदन किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश सरकार PM KUSUM YOJANA के तहत यूपी के किसानों को खेती में मदद के लिये सोलर पम्प लगवाने पर सब्सिडी दे रही है ,इसके लिये आज से ही आवेदन करना अनिवार्य है। कब और कैसे करें…

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आशीष तिवारी अपने भाई अतुल तिवारी के साथ स्प्रिंकलर सिस्टम फिट करते हुए।

तकनीक से तरक्की पार्ट-7: स्प्रिंकलर से आलू की खेती, महीने में 80 हजार से 1 लाख की कमाई

कन्नौज (उत्तर प्रदेश)। आलू सब्जियों का राजा है। धान-गेहूं की तरह भी आलू करोड़ों लोगों की भूख मिटाता है। आलू उत्पादन में भारत दुनिया में दूसरे नंबर पर है। भारत में सबसे ज्यादा आलू उत्तर प्रदेश में पैदा होता है। सर्दियों के मौसम में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर सफर करेंगे तो चारों तरफ आलू ही नजर…

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Taknik Se Tarakki l Onion Farmer l Jain Irrigation

तकनीक से तरक्की पार्ट- 6 : खेती में मशीनों का साथ, किसान की आमदनी 50 लाख 

जुन्नर (महाराष्ट्र)। अगर आप पुणे, नाशिक या मुंबई में रहते हैं, तो सकता है, आपके घर की सब्जी जुन्नर से आई हो। महाराष्ट्र के ये बड़े शहर ही नहीं कई बार दिल्ली वाले भी जुन्नर के नारायणगांव का टमाटर और प्याज खाते हैं। पुणे की सब्जी बेल्ट कही जाने वाली जुन्नर तालुका में किसान बड़े…

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Mahadev Patel and his younger brother inspecting his vegetable farm

तकनीक से तरक्की- पार्ट 4 : ड्रिप इरिगेशन का कमाल, 50-60 लाख की सब्जियां उगाता है किसान

महादेव और उनके भाई को खरगोन समेत पूरे निमाड में सब्जी वाले किसान के रूप में जाना जाता है। उनके खेतों के टमाटर, मिर्च खीरा, देश के कई इलाकों में सप्लाई होता है। महादेव के कंधे से कंधा मिलाकर खेती करने वाले छोटे भाई कहते हैं, पानी, ड्रिप इरीगेशन और उनके भाई की मेहनत ने ये करिश्मा किया है।

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yadaunandan singh feeling confident after using all agri technoolgy in his field

तकनीक से तरक्की पार्ट 2- धान गेहूं की जगह बागवानी की नई फसलें और टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से कमाई कर रहे यदुनंदन

हमने अपनी खेती को बांट रखा है। एक हिस्से में 30-50 दिन की फसल होती है, तो किसी हिस्से में 3 महीने वाली, किसी खेत में 6 महीने तो किसी में 1 साल से लेकर डेढ़ साल तक वाली। यहां कि हमने जो अगर वुड और सागौन लगाया वो 10 साल में तैयार होंग। ये सब हमें समय- पर पैसे देते रहेंगे।

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Jain Drip Irrigation automation plant

तकनीक से तरक्की पार्ट- 1 ड्रिप इरिगेशन ऑटोमेशन सिस्टम: 90 एकड़ खेत में सिंचाई और फर्टिगेशन एक साथ

90 एकड़ में अमरुद, केला और लीची के पौधो के लिए सिंचाई और फर्टिगेशन करने का काम बहुत सारे मजदूरों से नहीं बल्कि एक ऑटोमेशन मशीन से ही हो जाता है। हर पौधे को मिल जाता है जरूरत के हिसाब से पौषण और पानी जिससे फसल की बढ़वार एक समान और एक समय पर होती है।

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Jain Irrigation layout system for fertigation

फर्टिगेशन से फसल को मिलता है 90 फीसदी तक पोषण

एक पौधे को अच्छे से ग्रोथ करने के लिए कार्बन नाइट्रोजन, पोटशियम, फास्फोरस, कैल्शियम, मैग्नीज, सल्फर, बोरान जैसे 17 पोषक तत्वों की जरूरत होती है। पारम्परिक तरीके से खाद देने पर पोषक तत्वों का सिर्फ 40 से 50 प्रतिशत ही पौधे को मिल पाता है वहीं जल विलेय उर्वरक देने पर इसका लाभ प्रतिशत 90 तक पहुंच जाता है।

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