कपास उत्पादन अनुमान बढ़ा

कपास उत्पादन अनुमान बढ़ा, बाजार में सप्लाई मजबूत

कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CAI) ने 2025–26 सीजन के लिए भारत का कपास उत्पादन अनुमान बढ़ाकर 317 लाख गांठ कर दिया है। महाराष्ट्र और तेलंगाना में बेहतर पैदावार से कुल सप्लाई मजबूत हुई है। वहीं घरेलू खपत और निर्यात में थोड़ी कमी के कारण सीजन के अंत में करीब 122.59 लाख गांठ कपास के सरप्लस का अनुमान है।

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CAI की अपील

कच्चे कपास पर इंपोर्ट ड्यूटी खत्म की जाए: CAI की अपील

CAI ने सरकार से कच्चे कपास पर 11% आयात शुल्क हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि महंगा कपास और कमजोर मांग से टेक्सटाइल उद्योग संकट में है। बरसात से देशी कपास की गुणवत्ता भी गिरी है, इसलिए मिलों को आयात करना पड़ेगा। शुल्क हटाने से उद्योग को सस्ता कपास मिलेगा और भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

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ड्यूटी-फ्री कपास आयात

भारत में ड्यूटी-फ्री कपास आयात की अवधि 31 दिसंबर 2025 तक बढ़ी

भारत सरकार ने कपास के ड्यूटी-फ्री आयात की समयसीमा 30 सितंबर से बढ़ाकर 31 दिसंबर 2025 कर दी है। इससे अक्टूबर-दिसंबर में आयात दोगुना होकर करीब 20 लाख गांठ होने की उम्मीद है। यह कदम टेक्सटाइल उद्योग को राहत देने के लिए है, क्योंकि घरेलू दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार से लगभग 20% ज़्यादा हैं और अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर 50% टैरिफ लगाया है। ब्राज़ील से आयात तेजी से बढ़ा है और इससे दक्षिण भारत की मिलों को सस्ती कपास मिलेगी।

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आयात शुल्क हटाने

कपास पर 11 प्रतिशत आयात शुल्क हटाने से किसे फायदा और किसे नुकसान? जानिए शुल्क छूट की क्या है वजह?

केंद्र सरकार ने कपास पर 20 सितंबर 2025 तक के लिए 11 प्रतिशत इंपोर्ट ड्यूटी हटा दी है। सरकार का दावा है कि उसके इस फैसले से टेक्सटाइल इंडस्ट्री को राहत मिलेगी और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा, लेकिन किसान संगठनों का आरोप है कि यह फैसला किसानों के खिलाफ है और इसका सीधा असर उनकी कमाई पर पड़ेगा।

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