बिहार सरकार

ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए लागत पर 40 प्रतिशत की सब्सिडी दे रही है बिहार सरकार, इन जिलों के किसान कर सकते हैं आवेदन

यदि आप बिहार के किसान हैं और बागवानी फसलों की खेती करना चाहते हैं तो ड्रैगन फ्रूट की खेती कर सकते हैं. राज्य सरकार इसके लिए किसानों को लागत पर 40 प्रतिशत की सब्सिडी दे रही है. किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या अपने जिले के सहायक निदेशक, उद्यान के पास जाकर ड्रैगन फ्रूट की खेती, सब्सिडी के लिए आवेदन, अधिकतम क्षेत्रफल जैसी जानकारियां हासिल कर सकते हैं.

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बिहार

बिहार में आंवला, अमरूद, एप्पल बेर और नींबू की खेती के लिए मिलेगी 50 फीसदी सब्सिडी, जानें कैसे होती है एप्पल बेर की खेती

बिहार सरकार ‘फसल विविधीकरण योजना’ के तहत राज्य में आंवला, अमरूद, एपल बेर और नींबू की खेती को बढ़ावा दे रही है. योजना के तहत राज्य सरकार ने 105 हेक्टर में इन फलों की खेती का लक्ष्य रखा है. इसकी खेती के लिए किसानों को 50% की सब्सिडी भी दी जा रही है.

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शिवराज सिंह चौहान

पिछले 11 वर्षों में कृषि क्षेत्र के उत्पादन में 40% की वृद्धि: शिवराज सिंह चौहान

पिछले 11 वर्षों में कृषि क्षेत्र के उत्पादन में 40% की वृद्धि हुई है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिहार में डॉ. राजेंद्र प्रसाद कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के चतुर्थ दीक्षांत समारोह के संबोधन में कहा कि कृषि में नवाचार और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना है।

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बिहार कृषि ऐप

‘Bihar Krishi App’…इसका उपयोग, डाउनलोड और रजिस्ट्रेशन का तरीका जानिए

बिहार कृषि ऐप एक हिंदी कृषि ऐप है, जिसे विशेष रूप से बिहार के किसानों के लिए डिज़ाइन किया गया है। कृषि विशेषज्ञों से वीडियो कॉल पर बात करने की सुविधा, मौसम और मंडी की वास्तविक जानकारी, डिजिटल पासबुक की सुविधा, हिंदी और भोजपुरी में मिलेगी सभी जानकारी, इस ऐप को किसान एंड्रॉयड और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं।

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जलवायु अनुकूल कृषि

बिहार में जलवायु अनुकूल कृषि के लिए हुई बैठक, BISA-PUSA बनेगा सेंटर ऑफ एक्सिलेंस

बिहार सरकार कृषि क्षेत्र को जलवायु परिवर्तन के अनुकूल बनाने, नवाचार को बढ़ावा देने और किसानों की आय दोगुनी करने को लेकर कार्य कर रही है. इसी कड़ी में सरकार बीसा-पूसा, समस्तीपुर में जलवायु अनुकूल कृषि के लिए सेंटर ऑफ एक्सिलेंस सेंटर स्थापित करेगी.

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टिश्यू कल्चर तकनीक

टिश्यू कल्चर तकनीक का कमाल, बिहार में केले के रकबे में 58 प्रतिशत और उत्पादन में 261 प्रतिशत का उछाल

बिहार ने कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचारों के सहारे बड़ा कदम बढ़ाया है. राज्य में टिश्यू कल्चर तकनीक के जरिए केले की खेती में जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई है. वर्ष 2004-05 में जहां कुल उत्पादन 5.45 लाख मीट्रिक टन था, वहीं 2022-23 में यह बढ़कर 19.68 लाख मीट्रिक टन हो गया है.

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मखाना खेती

जलवायु संकट से जूझ रही मखाना खेती..बिहार के किसानों की आजीविका पर मंडरा रहा खतरा

बिहार के मिथिला और सीमांचल क्षेत्र में मखाना सिर्फ एक खेती नहीं, बल्कि संस्कृति और लाखों लोगों की आजीविका का आधार है। देश के कुल मखाना उत्पादन का 85 प्रतिशत हिस्सा बिहार से आता है, जहां लगभग 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में इसकी खेती होती है और सालाना करीब 10,000 टन पॉप्ड मखाना उत्पादित होता है, लेकिन मखाना फार्मिंग पर आई एक रिपोर्ट ने मखाना उत्पादक किसानों की जमीनी सच्चाई और बढ़ते जलवायु संकट की गंभीरता को उजागर किया है।

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मशरूम की खेती के लिए 12 लाख रुपये की सब्सिडी दे रही है बिहार सरकार, इस वेबसाइट से करें आवेदन

बिहार सरकार(Bihar Government) राज्य में कृषि के सतत विकास और किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में राज्य में वित्त वर्ष 2025-26 में एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत मशरूम उत्पादन(Mushroom Production) को बढ़ावा देने के लिए 4 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई है। यह योजना राज्य में मशरूम उत्पादन को संगठित और आधुनिक बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

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अमेरिका तक पहुंचा बिहार का मखाना, औसतन उत्पादन 16 क्विंटल से बढ़कर 28 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हुआ

2012 तक राज्य में करीब 13 हजार हेक्टेयर भूमि पर मखाना की खेती होती थी, जो अब बढ़कर 35,224 हेक्टेयर तक पहुंच गई है. इसके साथ ही उत्पादकता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जहां पहले प्रति हेक्टेयर औसतन 16 क्विंटल उत्पादन होता था, वहीं अब यह बढ़कर 28 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हो गया है.

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बिहार में खाद्यान्न उत्पादन पिछले वर्ष की तुलना में 14.73 लाख टन अधिक होने का अनुमान, कृषि मंत्री सिन्हा ने बताई इसकी वजह

बिहार सरकार कृषि विभाग वर्ष 2024-25 के लिए तृतीय अग्रिम पूर्वानुमान जारी किया. राज्य में खाद्यान्न उत्पादन 226.807 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचने की उम्मीद है, जो पिछले साल की तुलना में 14.73 लाख टन अधिक है. कृषि विभाग ने चावल, गेहूं और मक्का में रिकॉर्ड उत्पादन की भी उम्मीद जताई है.

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