नैनो DAP लिक्‍विड

IFFCO की दो नई यूनिट फूलपुर और आंवला में नैनो DAP लिक्‍विड का उत्‍पादन हुआ शुरू, जानिए कितनी है क्षमता

इफको ने उत्तर प्रदेश में आंवला, बरेली और फूलपुर, प्रयागराज में अपने दो और नैनो यूनिट्स में इफको नैनो डीएपी लिक्विड का व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर दिया है। दोनों नैनो उर्वरक यूनिट्स की क्षमता प्रतिदिन 2-2 लाख बोतल उत्पादन की है। उत्पादन में इस वृद्धि से देश में नैनो डीएपी लिक्विड की आपूर्ति बढ़ेगी और यह देश भर के हमारे किसानों को आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।

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कृषि मंत्री

कृषि मंत्री ने छत्तीसगढ़ में कृषि व ग्रामीण विकास की प्रगति की समीक्षा की, किसानों की आय वृद्धि समेत इन विषयों पर भी की चर्चा

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को मंत्रालय (महानदी भवन), रायपुर, छत्तीसगढ़ में पंचायत एवं ग्रामीण विकास और कृषि विभाग के कार्यों की व्यापक समीक्षा की. बैठक में राज्य और केंद्र की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की गई और भावी विकास रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ सरकार की प्रतिबद्धता और प्रशासनिक कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य ने कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य किए हैं. उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए उन्नत गांव और खुशहाल किसान की अवधारणा को सशक्त बनाना हमारी प्राथमिकता है.

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ग्रीष्मकालीन जुताई

ग्रीष्मकालीन जुताई कब करें? मानसून आने से पहले किसान कर लें ये काम, बढ़ेगी पैदावार

बेहतर उत्पादन के लिए खेत की जुताई एक महत्वपूर्ण क्रिया है। तेज धूप में गहरी जुताई करने से मिट्टी में पाए जाने वाले हानिकारक जीवाणु खत्म हो जाते हैं. ग्रीष्मकालीन जुताई मई-जून के दौरान मानसून आने से पहले की जाती है. ग्रीष्मकालीन जुताई कम लागत में गुणवत्तायुक्त उत्पादन में सहायक है. इसलिए किसान अपने खेतों की जुताई मानसून से पहले कर लें. इससे आगामी फसल की बेहतर पैदावार होगी. इसको लेकर कृषि विभाग ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है. 

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केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी

देश में राशन की कोई कमी नहीं, अफवाहों से बचें..केंद्र सरकार का ऐलान

केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी ने भरोसा दिलाया है कि देश में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है. चावल का मौजूदा स्टॉक 135 लाख मीट्रिक टन के बफर मानक के मुकाबले 356.42 लाख मीट्रिक टन है. इसी तरह, गेहूं का स्टॉक 276 लाख मीट्रिक टन के बफर मानक के मुकाबले 383.32 लाख मीट्रिक टन है, जो जरूरत से कहीं ज्यादा है, जिससे देश भर में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होती है.

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खाद्यान्न में धान, गेहूं, मोटे अनाज और दालें शामिल हैं।

केंद्र सरकार ने फसल वर्ष 2025-26 के लिए रिकॉर्ड 354.64 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन का रखा लक्ष्य

भारत ने 2025-26 के फसल वर्ष में खाद्यान्न उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि करने का लक्ष्य रखा है, जो कि अनुमानित अनुकूल मानसून वर्षा से प्रेरित है। यह लक्ष्य मौजूदा वर्ष के 341.55 मिलियन टन के लक्ष्य से अधिक है। चावल उत्पादन 147.35 मिलियन टन तक पहुँचने का अनुमान है, जबकि गेहूँ उत्पादन 117.40 मिलियन टन निर्धारित किया गया है।

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खेत की मिट्टी की होगी जांच, 05 मई को विशेष अभियान के तहत नमूने जुटाएंगे कृषि विभाग के अधिकारी

पूरे उत्तर प्रदेश में 05 मई को विशेष अभियान के तहत खेत की मिट्टी की जांच की जाएगी, जिसमें कृषि विभाग के अधिकारी किसानों के खेतों से मिट्टी के नमूने जुटाएंगे. उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि खेतों की उर्वरता की जांच कर, ज़रूरी खाद और माइक्रोन्यूट्रिएंस डालने की सलाह दी जाएगी. इससे लागत में कमी और उत्पादकता में वृद्धि होगी.

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केंद्र सरकार

MSP पर गेहूं की खरीद 250 लाख मीट्रिक टन से अधिक, 103.89 लाख मीट्रिक टन खरीद के साथ पंजाब सबसे आगे

देश भर में केंद्र सरकार ने चालू सीजन में अब तक न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर 256.3 लाख मीट्रिक टन (LMT) गेहूं की खरीद की है और इसके लिए 21.03 लाख किसानों को 62,155.96 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है. गुरुवार को जारी किए गए आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई. सरकारी बयान के मुताबिक, इस साल 30 अप्रैल तक खरीदे गए गेहूं की मात्रा पिछले साल की इसी तारीख तक की कुल खरीद 205.41 LMT से 24.78 प्रतिशत अधिक है. पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे सभी 5 प्रमुख गेहूं खरीद राज्यों ने पिछले साल की तुलना में इस साल अधिक गेहूं खरीदा है.

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गन्ना

गन्ना किसानों के लिए बड़ी खबर, केंद्र ने गन्‍ने का FRP 15 रुपये बढ़ाया, 2025-26 के लिए 355 रुपये क्विंटल को दी मंजूरी

कैबिनेट बैठक में आज गन्ना किसानों के लिए बड़ा फैसला लिया गया. सरकार ने किसानों के हित में फैसला लेते हुए गन्‍ने का एफआरपी मूल्‍य बढ़ा दिया . नया मूल्‍य 2025-26 गन्ना के लिए 355 रुपये प्रति किविंटल को मंजूरी दी गई. इसमें 15 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. आपको बता दें कि प्रत्येक सीज़न में, केंद्र सरकार कृषि लागत और मूल्य आयोग (सीएसीपी) की सिफारिशों के आधार पर गन्ने की एफआरपी तय करती है. एफआरपी बेंचमार्क मूल्य है, जिसके नीचे कोई भी चीनी मिल किसानों से गन्ना नहीं खरीद सकती है. एफआरपी की वास्तविक गणना सभी प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों की उत्पादन लागत के आधार पर की जाती है.

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अंग्रेजी दवाओं की छुट्टी करेगा छांछ से बना ये Bio Pesticides, बनाने का तरीका समझिए…

खेती में रासायनिक खादों और कीटनाशकों के लगातार बढ़ते प्रयोग से उत्पादन बढ़े या न बढ़े, उत्पाद की गुणवत्ता जरूर खराब हो रही है। इसके कई अन्य बुरे परिणाम भी हैं जैसे मिट्टी के स्वास्थ्य पर बुरा असर, पर्यावरण को नुकसान आदि।इसी को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारें भी प्राकृतिक खेती और जैविक खेती को बढ़ावा दे रही हैं। किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार उन्हें आर्थिक सहायता भी दे रही है। इसके साथ ही देश में कई किसान ऐसे भी हैं जो बड़े पैमाने पर प्राकृतिक और जैविक खेती कर रहे हैं और अच्छी कमाई भी कर रहे हैं। उन्हीं किसानों में से एक हैं जोधपुर के मथानिया गांव के प्रगतिशील किसान रतनलाल डागा, जो 60 एकड़ में जैविक खेती करते हैं।

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सॉइल हेल्थ कार्ड का सार्थक प्रयोग

सॉइल हेल्थ कार्ड, खाद का सही इस्तेमाल, जलवायु अनुकूल खेती..जानिए कृषि मंत्री ने ICAR से और किन मुद्दों पर बात की

कृषि अनुसंधान, देश के कृषि क्षेत्र का प्रमुख आधार है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन अनुसार इसे और अधिक सशक्त करने तथा कृषि शोध के क्षेत्र में नवाचार करने के साथ ही वर्तमान योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रभावी कार्यान्वयन के उद्देश्य से केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के उप महानिदेशकों के साथ मैराथन बैठक की शुरुआत की। नई दिल्ली के एनएएससी कॉम्प्लेक्स स्थित बोर्ड रूम में यह अहम बैठक हुई। बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने आईसीएआर के विभिन्न प्रभागों द्वारा किए जा रहे शोध प्रयोगों की जानकारी लेने के साथ ही भावी रणनीतियों के बारे में विस्तार से मार्गदर्शन दिया।

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