कृषि बजट बढ़ाने की सिफारिश, किसानों के हित में संसदीय समिति की पहल
संसदीय समिति ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग का बजट बढ़ाने और अनुसंधान संस्थानों में खाली पद जल्दी भरने की मांग की है, ताकि योजनाओं का असर बेहतर हो सके।
संसदीय समिति ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग का बजट बढ़ाने और अनुसंधान संस्थानों में खाली पद जल्दी भरने की मांग की है, ताकि योजनाओं का असर बेहतर हो सके।
भारत में पपीते का उत्पादन इस साल करीब 60% बढ़ा है, जिससे निर्यात मजबूत हुआ है। बेहतर गुणवत्ता और लंबी शेल्फ लाइफ वाली F1 किस्म के कारण भारतीय पपीता कई देशों में निर्यात किया जा रहा है।
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया फार्मर एसोसिएशन (FAIFA) ने किसानों के लिए आधुनिक और टिकाऊ कृषि व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए श्वेत पत्र जारी किया है। इसमें 50 लाख हेक्टेयर पर्माकल्चर आधारित खेती और 10,000 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव शामिल है। संगठन का लक्ष्य 50 कृषि निर्यात जोन बनाकर, कोल्ड चेन और उच्च मूल्य वाली फसलों के जरिए कृषि निर्यात को 100 अरब डॉलर तक बढ़ाना है।
पूसा, नई दिल्ली ने किसानों को गेहूं, सरसों, आलू, प्याज और सब्जियों की खेती को लेकर नई फसल सलाह दी है। गेहूं में समय पर पहली सिंचाई, खाद और खरपतवार नियंत्रण पर जोर दिया गया है। साथ ही रतुआ रोग, आलू-टमाटर में झुलसा, सब्जियों में कीट और गेंदा में रोग की नियमित निगरानी की सलाह दी गई है, ताकि किसान बेहतर और सुरक्षित उत्पादन पा सकें।
भारत की कॉफी निर्यात से होने वाली कमाई 2025 में 2 अरब डॉलर से ज्यादा होने वाली है। कीमतें बढ़ने से निर्यात मूल्य बढ़ा है, हालांकि मात्रा थोड़ी घटी है। इटली, जर्मनी और बेल्जियम भारत की कॉफी के बड़े खरीदार हैं।
कानपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने ‘त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम’ की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मक्का कम पानी में उगने वाली लाभकारी फसल है और सरकार किसानों को अनुदान, बीज, मशीन व तकनीकी सहायता देकर मक्का की खेती को बढ़ावा दे रही है। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और खेती अधिक टिकाऊ बनेगी।
केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि गेहूं और धान की खरीद बढ़ रही है, इसलिए सभी राज्यों को नए भंडारण की सुविधाएँ बनानी चाहिए। पिछले 11 साल में खरीद और MSP बढ़ने से किसानों को ज्यादा लाभ मिला है। केंद्र सरकार स्टोरेज बनाने के लिए फंड और मदद भी दे रही है। अनाज की ढुलाई और भंडारण में नुकसान अब पहले से कम हो गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नकली और मिलावटी खाद बेचने वालों व कालाबाजारी करने वालों पर एनएसए के तहत सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को खाद की उपलब्धता और सही वितरण सुनिश्चित करने, रोजाना निगरानी रखने और ओवररेटिंग रोकने के आदेश दिए। सरकार का साफ लक्ष्य है कि किसी भी किसान को खाद के लिए भटकना न पड़े।
उत्तर प्रदेश रेशम निदेशालय में 75 लाख रुपये की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जा रहा है, जो इसी माह तैयार होगा। यहां रेशम उत्पादन की पूरी प्रक्रिया ‘सॉइल टू सिल्क’ के तहत दिखाई जाएगी और प्रदेश के बेहतरीन सिल्क उत्पादों की प्रदर्शनी व बिक्री होगी। इस पहल से रेशम उद्योग को बढ़ावा, किसानों-कारीगरों को प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
बिहार सरकार ने रबी सीजन में गेंदा फूल की खेती को बढ़ावा देने के लिए “फूल (गेंदा) विकास योजना” शुरू की है। इस योजना के तहत किसानों को प्रति हेक्टेयर लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा। आवेदन ऑनलाइन होंगे और महिला किसानों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। योजना का उद्देश्य कम लागत में किसानों की आय बढ़ाना और फूलों की व्यावसायिक खेती को प्रोत्साहित करना है।