यूपी के 5 शहरों में सीड पार्क, किसानों को मिलेगा उन्नत बीज और सब्सिडी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ समेत 5 शहरों में सीड पार्क बनाने की घोषणा की। इससे किसानों को उन्नत बीज, तकनीकी मदद और सब्सिडी का लाभ मिलेगा, जिससे उत्पादन और आमदनी बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ समेत 5 शहरों में सीड पार्क बनाने की घोषणा की। इससे किसानों को उन्नत बीज, तकनीकी मदद और सब्सिडी का लाभ मिलेगा, जिससे उत्पादन और आमदनी बढ़ेगी।
पिछले 5 सालों में महाराष्ट्र के कपास किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत ₹3,653 करोड़ का मुआवज़ा मिला है।विदर्भ क्षेत्र के किसानों को इससे सबसे ज़्यादा लाभ हुआ है।साल 2024–25 में राज्य ने 92.32 लाख गांठ कपास का रिकॉर्ड उत्पादन किया।वहीं, CCI ने किसानों से 144.55 लाख क्विंटल कपास खरीदकर उन्हें ₹10,714 करोड़ का भुगतान किया।
इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई और कपास उत्पादन में स्थिरता आई
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के किसान रविंद्र यादव ने मेहनत और तकनीक से खेती को मुनाफे का बिज़नेस बना दिया है।ड्रिप इरिगेशन से पानी की बचत और उत्पादन दोगुना हुआ।वे अरबी और अदरक जैसी फसलों से सालाना 20–25 लाख रुपये तक की कमाई कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के किसान अब पारंपरिक फसलों के साथ मशरूम की खेती कर अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। राज्य सरकार और उद्यान विभाग एयर-कंडीशन्ड यूनिट्स लगाने में किसानों की मदद कर रहे हैं, जिससे वे पूरे साल उच्च गुणवत्ता वाला मशरूम उगा सकें।
खरीफ फसल की कटाई के समय भारत में दिवाली का त्योहार किसानों के लिए विशेष महत्व रखता है। यह सिर्फ दीपों और खुशियों का पर्व नहीं, बल्कि किसानों के लिए मेहनत का फल, समृद्धि और परिवार की खुशियों का प्रतीक भी है। खेतों में ताजी फसल, देवी लक्ष्मी की पूजा और घरों में रोशनी और मिठाइयाँ इस पर्व को खास बनाती हैं। कृषि के लिहाज़ से भी दिवाली का समय महत्वपूर्ण है, क्योंकि दीप और मशाल जलाने की परंपरा कीट नियंत्रण में मदद करती है और फसल को सुरक्षित रखती है। ऐसे में दिवाली किसानों के लिए मेहनत, मुनाफा और उत्सव का संगम बनकर उभरता है।
मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए सौर ऊर्जा पंप पर सब्सिडी बढ़ाकर 90% कर दी है। अब किसानों को ज्यादा क्षमता वाले पंप भी दिए जाएंगे। साथ ही, राज्य में हर खेत तक सिंचाई पहुंचाने, सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आमदनी दोगुनी करने पर जोर है। सरकार ने सोयाबीन को भी भावांतर योजना में शामिल किया है ताकि किसानों को बाजार भाव घटने पर नुकसान न हो।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यूपी के देवरिया में किसान मेला और स्व. रविन्द्र किशोर शाही की 43वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का उद्घाटन किया। उन्होंने किसानों को सशक्त बनाने, प्राकृतिक खेती अपनाने और धरती की सुरक्षा करने पर जोर दिया। साथ ही, खराब बीज और गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। मंत्री ने गरीबों और महिलाओं के कल्याण के लिए केंद्र की योजनाओं पर भी प्रकाश डाला।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ और ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ को समय पर लागू करने के निर्देश दिए। इसके तहत 11 मंत्रालयों और राज्यों के अधिकारियों के साथ बैठक कर योजनाओं का त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। इन पहलों से दलहन उत्पादन, किसानों की आय और रोजगार में वृद्धि होगी।
लखनऊ में किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 17 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की।
मुख्य मांगों में गन्ने का मूल्य ₹450 प्रति क्विंटल करना, कृषि ऋण माफी, सस्ती बिजली, फसल बीमा में सुधार, एमएसपी को कानूनी दर्जा, और आवारा पशुओं से फसल सुरक्षा शामिल हैं।किसानों ने कहा कि खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है, इसलिए सरकार को जल्द ठोस कदम उठाने चाहिए।
केंद्र सरकार ने ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ योजना की नई नीति लागू की है, ताकि पानी की हर बूंद का सही उपयोग हो और किसानों की आय बढ़े। अब राज्य अपनी जरूरत के अनुसार जल संरक्षण और सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाएं बना सकेंगे। खर्च की सीमा में लचीलापन दिया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर योजनाएं तेजी से लागू होंगी। इस नीति से जल प्रबंधन, फसलों की पैदावार और किसानों की आय में सुधार की उम्मीद है।