Budget 2026-27

Budget 2026-27: क्या Bharat-VISTAAR बनेगा किसानों के लिए गेम-चेंजर?

केंद्र सरकार किसानों के लिए Bharat-VISTAAR नाम का एक AI आधारित बहुभाषी डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू करने जा रही है। यह टूल AgriStack और ICAR की कृषि जानकारी को एक जगह जोड़कर किसानों को सही समय पर खेती से जुड़ी सलाह देगा। इसका मकसद खेती की उत्पादकता बढ़ाना, जोखिम कम करना और खासकर छोटे व किरायेदार किसानों की मदद करना है।

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PM-Kisan की राशि नहीं बढ़ी

बजट 2026-27: PM-Kisan की राशि नहीं बढ़ी, क्या किसानों को सालाना ₹6,000 ही मिलेंगे?

केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार ने पीएम-किसान सम्मान निधि योजना की राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। योजना का बजट 2025-26 की तरह ही ₹63,500 करोड़ रखा गया है, जिससे किसानों को आगे भी सालाना ₹6,000 की ही सहायता मिलेगी। बजट से पहले किसानों को राशि बढ़ने की उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने इस पर कोई ऐलान नहीं किया।

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AI और ICAR से बदलेगा किसानों का भविष्य

BUDGET 2026-27: खेती को मिलेगा टेक्नोलॉजी बूस्ट, AI और ICAR से बदलेगा किसानों का भविष्य

बजट 2026-27 में खेती को आधुनिक बनाने के लिए AI और ICAR को जोड़ने की घोषणा की गई है। भारत विस्तार योजना के तहत किसानों को डेटा-आधारित सलाह, रीयल-टाइम फसल मॉनिटरिंग और यील्ड फोरकास्टिंग की सुविधा मिलेगी। इससे खेती ज्यादा सस्टेनेबल बनेगी, जोखिम घटेगा और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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बजट 2026-27 में पशुपालकों पर खास फोकस

बजट 2026-27 में पशुपालकों पर खास फोकस, निजी क्षेत्र में पशु-चिकित्सा को मिलेगा प्रोत्साहन

बजट 2026-27 में पशुपालकों के लिए खास प्रावधान किए गए हैं। पशु-चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने, पशु-चिकित्सा पेशेवरों की संख्या बढ़ाने और निजी क्षेत्र को सब्सिडी के जरिए प्रोत्साहन देने पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही 1.5 लाख देखभाल सेवा प्रदाताओं को प्रशिक्षण देने का ऐलान किया गया है, जिससे पशुपालन और ग्रामीण रोजगार को मजबूती मिलेगी।

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Budget 2026-27

Budget 2026-27:कृषि से बायोफार्मा तक, बजट में विकास और रोजगार पर फोकस

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में अपना नौवां केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं। बजट का फोकस आर्थिक विकास तेज करने, रोजगार सृजन और सबका साथ-सबका विकास पर है। इसमें MSME को मजबूत करने, भारत को वैश्विक बायोफार्मा हब बनाने, नारियल, काजू और कोको उत्पादन बढ़ाने और पशुपालन व पशु चिकित्सा सेवाओं को प्रोत्साहन देने की घोषणाएं की जा रही हैं।

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CSIR-CIMAP किसान मेला–2026

CSIR-CIMAP किसान मेला–2026: 4000 किसानों की भागीदारी, एरोमा मिशन की सफलता की गूंज

सीएसआईआर–सीमैप, लखनऊ में 30–31 जनवरी 2026 को आयोजित किसान मेला–2026 में देशभर से करीब 4000 किसानों ने भाग लिया। मेले में औषधीय और सगंध पौधों की उन्नत खेती, नई किस्मों, तकनीकों और एरोमा मिशन की सफलताओं को साझा किया गया। सीएसआईआर महानिदेशक डॉ. एन. कलैसेल्वी ने किसानों और वैज्ञानिकों के साझा प्रयासों की सराहना की। इस दौरान नई पुस्तकों, फसलों की किस्मों, तकनीकों का लोकार्पण और उद्योगों को प्रौद्योगिकी हस्तांतरण भी किया गया, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

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चीनी उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर

2025-26 सीजन में चीनी उत्पादन ने पकड़ी रफ्तार, ISMA का बड़ा अनुमान

2025-26 चीनी सीजन में देश का चीनी उत्पादन तेज़ी से बढ़ा है। 31 जनवरी तक 1.95 करोड़ टन चीनी का उत्पादन हुआ, जो पिछले साल से 18% ज्यादा है। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में उत्पादन में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ISMA का अनुमान है कि पूरे सीजन में चीनी उत्पादन बढ़कर करीब 3.09 करोड़ टन तक पहुंच सकता है।

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राजस्थान में गेहूं खरीद की तारीखें तय

राजस्थान में गेहूं खरीद की तारीखें तय, जानिए कब तक होगा रजिस्ट्रेशन?

राजस्थान सरकार ने गेहूं की सरकारी खरीद की तारीखें तय कर दी हैं। MSP पर गेहूं की खरीद 10 मार्च से 30 जून 2026 तक होगी, जबकि किसानों के लिए रजिस्ट्रेशन 1 फरवरी से 25 जून तक किया जा सकेगा। इस बार खरीद में ज्यादा एजेंसियां शामिल होने से किसानों को बेहतर विकल्प मिलेंगे।

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सीएसआईआर-सीमैप किसान मेला 2026

सीएसआईआर-सीमैप किसान मेला 2026 का आयोजन: खेती से कारोबार तक का मंच

लखनऊ में सीएसआईआर–सीमैप द्वारा आयोजित किसान मेला–2026 में औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती व उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। मेले में किसानों, वैज्ञानिकों और उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया, नई तकनीकों, शोध सहयोग और बाजार से जुड़ी जानकारी साझा की गई, ताकि किसानों की आय बढ़ाई जा सके।

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इकोनॉमिक सर्वे

इकोनॉमिक सर्वे: चार साल में 100 अरब डॉलर तक पहुँच सकता है भारत का कृषि निर्यात

इकोनॉमिक सर्वे के अनुसार भारत अगले चार साल में कृषि निर्यात को 100 अरब डॉलर तक पहुँचा सकता है। उत्पादन ज्यादा होने के बावजूद भारत का वैश्विक कृषि निर्यात में हिस्सा कम है। सर्वे ने कहा कि स्थिर नीतियों और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से कृषि निर्यात बढ़ेगा, किसानों को फायदा होगा और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

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