MSP पर CCI की रिकॉर्ड कपास खरीद

MSP पर CCI की रिकॉर्ड कपास खरीद, तेलंगाना और महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा

2025–26 सीजन में कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) ने अब तक 50 लाख बेल कपास MSP पर खरीदी है, जो पिछले साल से 60% ज्यादा है। इससे कपास के दामों को सहारा मिला है और किसान बाजार के बजाय CCI को कपास बेच रहे हैं। कम रकबा और खराब मौसम के कारण इस साल कपास उत्पादन थोड़ा घटने का अनुमान है।

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किसान सम्मेलन

किसानों के लिए नया बीज कानून जल्द, किसान सम्मेलन में शिवराज सिंह चौहान का बड़ा बयान

राजस्थान के नागौर में किसान सम्मेलन के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के हित में नए बीज कानून और पेस्टीसाइड एक्ट लागू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे नकली बीज बेचने वालों पर रोक लगेगी। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब 15 हजार रुपये मासिक आय और दुपहिया वाहन रखने वालों को भी घर मिलेगा।

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25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र लाने की तैयारी

महाराष्ट्र में प्राकृतिक खेती को नई रफ्तार, 25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र लाने की तैयारी

महाराष्ट्र सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने जा रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की है कि अगले दो साल में 25 लाख हेक्टेयर जमीन को प्राकृतिक खेती के दायरे में लाया जाएगा। इससे खेती की लागत घटेगी, मिट्टी की सेहत सुधरेगी और किसानों को जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद मिलेगी।

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सरसों की बुवाई में 4.3% की बढ़ोतरी

सरसों की बुवाई में 4.3% की बढ़ोतरी, राजस्थान से यूपी तक सरसों की फसल ने पकड़ी रफ्तार

देश में इस साल सरसों की खेती का रकबा बढ़ा है। 15 दिसंबर 2025 तक बुवाई करीब 84.67 लाख हेक्टेयर में हुई, जो पिछले साल से 4.3% ज्यादा है। राजस्थान, यूपी, मध्य प्रदेश, हरियाणा और पश्चिम बंगाल में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ज्यादातर राज्यों में फसल की हालत सामान्य है, कीटों का असर कम है और अनुकूल मौसम से फसल की बढ़वार अच्छी बनी हुई है।

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5 बिस्वा से 50 बीघा तक का सफर

5 बिस्वा से 50 बीघा तक का सफर: फसल कैलेंडर और स्मार्ट मार्केटिंग से बदली खेती की तस्वीर

चंदौली के युवा किसान अनिल मौर्य ने सिर्फ 5 बिस्वा से शुरुआत कर आज 50 बीघा में आधुनिक खेती का सफल मॉडल खड़ा किया है। बागवानी, ड्रिप सिंचाई, स्मार्ट मार्केटिंग और फसल कैलेंडर के जरिए उन्होंने नई फसलों को अपनाया और बेहतर दाम हासिल किए। कई असफलताओं के बाद भी हार न मानने वाले अनिल मौर्य आज किसानों के लिए प्रेरणा और सीख का केंद्र बन चुके हैं।

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फसल कैलेंडर

फसल कैलेंडर से बुवाई और कटाई, आंध्र प्रदेश को फल उत्पादन का ग्लोबल हब बनाने की तैयारी

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने किसानों के लाभ के लिए रबी-खरीफ फसल कैलेंडर बनाने के निर्देश दिए हैं। इससे बुवाई, कटाई और बिक्री की सही योजना बनेगी। उन्होंने कोल्ड-चेन, फूड प्रोसेसिंग और आम किसानों को दी जा रही सब्सिडी पर जोर देते हुए कृषि उत्पादों को बेहतर बाजार दिलाने की बात कही।

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राष्ट्रीय मखाना समृद्धि

राष्ट्रीय मखाना समृद्धि मंथन का आयोजन, बीज गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ाने पर जोर

बिहार के मखाना उत्पादन को और मजबूत बनाने के लिए कृषि विभाग ने “राष्ट्रीय मखाना समृद्धि मंथन” का आयोजन किया। इसमें बीज की गुणवत्ता बढ़ाने, क्लस्टर आधारित खेती, मशीनों की उपलब्धता और मखाना मजदूरों को लेबर कार्ड देने पर जोर दिया गया। साथ ही प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और विपणन के जरिए किसानों व उद्यमियों की आय बढ़ाने के लिए साझा रणनीति पर सहमति बनी।

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किसान दिवस 2025

किसान दिवस 2025: तकनीक, नवाचार और प्रेरणा—सफल किसानों की 10 कहानियाँ

इस किसान दिवस 2025 पर देखिए उन किसानों की प्रेरक कहानियाँ, जिन्होंने तकनीक और नवाचार के सहारे खेती में कमाल किया है। अपनी मेहनत और स्मार्ट प्रबंधन से उन्होंने न केवल उत्पादन और कमाई बढ़ाई, बल्कि मिट्टी और पर्यावरण की सुरक्षा का भी ध्यान रखा। उन्होंने यह दिखाया कि आधुनिक खेती में दृष्टिकोण और लगातार सीखने की भूख ही सबसे बड़ी ताकत है।

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गुड़ उत्पादन

बिहार के गन्ना किसानों को बड़ी राहत, गुड़ उत्पादन इकाई लगाने पर 1 करोड़ रुपये तक का अनुदान

बिहार सरकार गन्ना किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए गुड़ उत्पादन इकाइयों पर अनुदान दे रही है। इच्छुक किसान 25 दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस योजना में 6 लाख से 1 करोड़ रुपये तक, यानी लागत का 50% तक अनुदान मिलेगा, जिससे किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

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केले की फसल

ठंड और पाले से केले की फसल को कैसे बचाएं? जानिए 4 आसान उपाय

कड़ाके की ठंड और पाले से केले की फसल को नुकसान हो सकता है। केले के विशेषज्ञ राहुल भारम्बे के मुताबिक समय पर सिंचाई, खेत में धुआं, चारों ओर विंडब्रेक और ठंड के मौसम में भी सही मात्रा में खाद व माइक्रोन्यूट्रिएंट देने से फसल को सुरक्षित रखा जा सकता है और अच्छी पैदावार ली जा सकती है।

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