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गन्ने की पैदावार बढ़ाने में कारगर है गन्ने की खेती की 4 इन 1 टेक्नोलॉजी

भारत में बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती की जाती है. लेकिन ज्यादातर किसानों की प्रति एकड़ उपज काफी कम है. गन्ना कमाई वाली ठोस फसल है लेकिन जरुरी है कि अच्छी पैदावार मिले. ऐसे में किसानों को ये जानना ज़रूरी है कि बेहतर उपज के लिए क्या करना चाहिए.

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WHEAT

गेहूं की फसल को बढ़ते तापमान से बचाने के लिए कृषि वैज्ञानिकों ने जारी की एडवाइजरी

वर्तमान में धीरे-धीरे दिन के तापमान में बढ़ोतरी होने लगी है. फरवरी महीने के पहले सप्ताह से तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है. इस दौरान गेहूं की खेती से अच्छी पैदावार के लिए क्या उपाय करना चाहिए. इसके लिए चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय, हिसार हरियाणा के कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए एडवाइज़री जारी की है.

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शिवराज सिंह

‘सरकार Direct benefit transfer के माध्यम से कृषि सब्सिडी देने पर विचार कर सकती है’: शिवराज सिंह चौहान

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि को सरल बनाने के लिए संभावित नीतिगत बदलावों की घोषणा की, जिसमें Direct benefit transfer के माध्यम से उर्वरकों और कृषि उपकरणों के लिए सब्सिडी का सुझाव दिया गया. सरकार किसानों को समर्थन देने के लिए कृषि उपज की परिवहन लागत को कवर करने पर भी विचार कर रही है. इन उपायों का उद्देश्य किसानों को मौजूदा योजनाओं के बारे में सूचित करते हुए कृषि को अधिक कुशल बनाना और उपभोक्ताओं के लिए लागत कम करना है.

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शिवराज सिंह

‘उपज खरीद का ज्यादा से ज्यादा फायदा किसानों को मिलना चाहिए’- कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उपज खरीद का ज्यादा से ज्यादा फायदा किसानों को मिलना चाहिए. उन्होंने बताया गया कि 24 जनवरी 2025 तक रबी फसलों के अंतर्गत कुल क्षेत्रफल कवरेज पिछले वर्ष की तुलना में 12.17 लाख हेक्टेयर अधिक है. कृषि मंत्री आगामी खरीफ सीजन में उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर विभागीय अधिकारी से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह आगामी दिनों में चर्चा करेंगे.

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जगजीत

जब तक किसानों की मांगें नहीं मानी जाती, तब तक अनशन खत्म नहीं करेंगे: जगजीत सिंह दल्लेवाल

किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल, जो संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के संयोजक हैं, पिछले साल 26 नवंबर से खनौरी सीमा बिंदु पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं. खनौरी विरोध स्थल पर मीडिया को जानकारी देते हुए दल्लेवाल ने कहा कि पूरे देश को MSP की जरूरत है. उन्होंने कहा, “पंजाब को भी अपने भूमिगत जल स्तर को बचाने के लिए MSP की जरूरत है.”

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RABI CROP

Rabi Crop: धान, गेहूं और दलहन की बुआई में बढ़ोतरी, तिलहन और मोटे अनाज के रकबे में गिरावट

देशभर में रबी फसलों की बुआई अभी भी जारी है. कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के मुताबिक़ 20 जनवरी 2024 तक रबी फसलों के अंतर्गत बुआई का कुल क्षेत्रफल 640 लाख हेक्टेयर था. वहीं 27 जनवरी 2024 को जारी आंकड़ों के मुताबिक़ अभी तक रबी फसल की बुआई 655.88  लाख हेक्टेयर से अधिक में हो चुकी है. मतलब एक सप्ताह में लगभग 15 लाख हेक्टेयर की बुआई हुई है.

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हवा में कैसे उगाएं सब्ज़ियां?

रसायन खाद के प्रयोग से धीरे-धीरे मिट्टी की उर्वरक शक्ति कम होती जा रही है। जैसे-जैसे शहरों में विकास हो रहा है, वैसे-वैसे खेती लायक जमीन खत्म होती जा रही है। ऐसे में भविष्य में खेती लायक जमीन नहीं बचेगी, तो कैसे खेती होगी? इसके लिए वैज्ञानिकों ने नई कृषि पद्धतियाँ विकसित की हैं, जिन्हें…

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कृषि मंत्री

‘खेत से सीधे उपभोक्ता तक’ के मॉडल पर कार्य किया जा रहा है : केंद्रीय कृषि मंत्री

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूसा परिसर, नई दिल्ली में 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत सरकार की ओर से विशेष आमंत्रित किसान भाइयों-बहनों से मुलाकात और संवाद किया. शिवराज सिंह चौहान ने संवाद के दौरान आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि टेक्नोलॉजी के माध्यम से किसानों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है. चौहान ने अपने संबोधन में  इस बात पर भी जोर दिया कि “खेत से सीधे उपभोक्ता तक” के मॉडल पर कार्य किया जा रहा है. इसका उद्देश्य है कि किसान सीधे अपनी फसलें उपभोक्ताओं को बेच सकें, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम हो और किसानों को उनके उत्पाद का अधिकतम लाभ मिल सके.

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Photo : News Potli

किन सब्जियों की खेती पर सब्सिडी दे रही बिहार सरकार?

बिहार सरकार सब्जी की खेती को बढ़ावा देने और किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सब्जी की खेती पर अधिकतम 75% तक की सब्सिडी दे रही है। सरकार की सब्जी विकास योजना के तहत बैंगन, तरबूज, खरबूज, कद्दू, तोरई, करेला, भिंडी और मिर्च की खेती पर विभाग की ओर से सब्सिडी दी…

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जनवरी-फ़रवरी माह में बढ़ जाता है कीटों और रोगों का खतरा, आम के बागों की ऐसे करें देखभाल

अगर आप भी आम की बाग़वानी करते हैं तो यह जनवरी का समय आपके लिये अहम है. आधी जनवरी बीतने के बाद आम के पेड़ों पर बौर आने शुरू हो जाते हैं. ऐसे में आम के बगीचे में कीटों और रोगों का ख़तरा बढ़ जाता है. इस लिए बगीचे में खाद-पानी देने से लेकर कीट-रोगों तक से निपटने का ये बिल्कुल सही समय माना जाता है. बिहार कृषि विभाग के मुताबिक़ इस समय आम के बौर पर मधुआ कीट, दहिया कीट, पाऊडरी मिल्ड्यू और एन्थ्रेक्नोज जैसे रोगों का ख़तरा बढ़ जाता है. इन रोगों से बचाव के लिए कृषि विभाग ने बागवानों को कुछ सलाह दिये हैं.

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