खरीफ में मोटे अनाज की भी खेती करेंगे किसान, यूपी सरकार मुफ्त में दे रही है बीज की मिनी किट
खरीफ में धान, दलहन और तिलहन (अरहर, उड़द, मूंग तिल, मूंगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी, नाइजर सीड आदि) की फसलों के साथ मिलेट्स यानी मोटे अनाज की भी खेती किसान करेंगे ।
खरीफ में धान, दलहन और तिलहन (अरहर, उड़द, मूंग तिल, मूंगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी, नाइजर सीड आदि) की फसलों के साथ मिलेट्स यानी मोटे अनाज की भी खेती किसान करेंगे ।
पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार सरकार ने ‘मत्स्य प्रजाति का विविधिकरण की योजना’ शुरू की है. इसके तहत मछली पालने वालों को 60% तक का अनुदान दिया जा रहा है. आवेदन करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई तय की गई है.
आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से खेती किसानी को सशक्त और टिकाऊ बनाने की कोशिश की जा रही है. इसी कड़ी में बिहार सरकार ने किसानों के लिए एक खास स्कीम लाई है. राज्य सरकार ने बिहार में ‘पोपुलराइजेशन ऑफ एरियल स्प्रे ऑफ पेस्टीसाइड एंड लिक्विड फर्टिलाइजर बाई ड्रोन’ योजना को मंजूरी दी है.
बायोचार फसल के लिए एक दमदार प्रोडक्ट है, जिसे आप खुद खेत में ही तैयार कर सकते हैं। यह एक तरह का चारकोल है, जो मिट्टी में कार्बन तत्वों की मात्रा बढ़ाता है।
बिहार कृषि ऐप एक हिंदी कृषि ऐप है, जिसे विशेष रूप से बिहार के किसानों के लिए डिज़ाइन किया गया है। कृषि विशेषज्ञों से वीडियो कॉल पर बात करने की सुविधा, मौसम और मंडी की वास्तविक जानकारी, डिजिटल पासबुक की सुविधा, हिंदी और भोजपुरी में मिलेगी सभी जानकारी, इस ऐप को किसान एंड्रॉयड और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं।
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में दलहन, तिलहन, मक्का आदि की फसल उगाने वाले किसानों को कृषक उन्नति योजना (Krishak Unnati Yojana) का फायदा देने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक में और भी कई फैसले लिए गए.
लखनऊ (यूपी)। किसानों की सहकारी संस्था इफको और आकाशवाणी लखनऊ की तरफ से आयोजित नवाचारी कृषकों के परिचर्चा कार्यक्रम में कई जिलों के आए जागरुक किसानों ने अपने अनुभव बाटें। लखीमपुर जिले के प्रगतिशील गन्ना किसान दिलजिंदर सिंह ने कहा, “मैं पिछले 8-9 वर्षों से गन्ने की पारंपरिक खेती छोड़कर वर्टिकल सिंगल बड विधि से…
National food security mission के मुताबिक कपास 40-50 मिलियन किसान और व्यापारियों की आजीविका का अहम हिस्सा है।
कृषि और संबद्ध क्षेत्र से उत्पादन का सकल मूल्य (GVO) वित्त वर्ष 2012 से वित्त वर्ष 2024 के दौरान स्थिर मूल्यों पर 54.6 प्रतिशत बढ़कर 29.49 लाख करोड़ रुपये हो गया। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने यह जानकारी दी।
वाराणसी में समीक्षा बैठक के दौरान कृषि मंत्री ने सब्जी उत्पादन बढ़ाने के लिए जीनोम एडिटिंग, बीज उपचार, जैविक खेती एवं प्राकृतिक खेती के लाभ को किसानों तक पहुंचाने और नकली खाद, अमानक बीज एवं पेस्टिसाइड जैसी समस्याओं से किसानों को निजात दिलाने के लिए कार्य-योजना बनाये जाने की बात कही।