चना बुवाई बढ़ी

चना बुवाई बढ़ी, फिर भी बाजार में सख्ती क्यों?

चने की बुवाई इस साल बढ़ी है, लेकिन इसके बावजूद बाजार में कीमतें मजबूत बनी हुई हैं। त्योहारों की बढ़ी मांग, पुराने चने का कम स्टॉक तथा आयात में कमी के कारण चने के दाम ₹225–300 प्रति क्विंटल तक बढ़े हैं। भाव MSP के करीब हैं और आने वाले दिनों में भी MSP के आसपास बने रहने की संभावना है।

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rabi crop

रबी फसलों की बुआई लगभग पूरी, रकबा 2.8% बढ़ा

देश में रबी फसलों की बुआई लगभग पूरी हो चुकी है। 9 जनवरी तक रबी फसलों का कुल रकबा 644.29 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है, जो पिछले साल से 2.8% अधिक है। गेहूं की बुआई पूरी हो चुकी है और मौसम अनुकूल होने से अच्छी पैदावार की उम्मीद है। दालों, तिलहनों, सरसों, मक्का और जौ के रकबे में बढ़ोतरी हुई है, जबकि रबी ज्वार के रकबे में कमी दर्ज की गई है।

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सभी उर्वरकों पर 5% जीएसटी की मांग

सभी उर्वरकों पर 5% GST की मांग, उर्वरक उद्योग ने बजट से पहले रखी बड़ी मांग

उर्वरक कंपनियों ने बजट से पहले मांग की है कि सभी उर्वरकों पर 5% जीएसटी लगे, फंसा हुआ जीएसटी रिफंड जल्दी मिले और वन नेशन–वन लाइसेंस लागू हो, ताकि लागत घटे और किसानों को बेहतर फायदा मिले।

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सरकार

देश की 73% खाद ज़रूरत स्वदेशी उत्पादन से पूरी: सरकार

सरकार के मुताबिक 2025 में देश की करीब 73% उर्वरक ज़रूरत घरेलू उत्पादन से पूरी हुई और खाद का उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा। वहीं फर्टिलाइजर एसोसिएशन ऑफ इंडिया का कहना है कि इसी दौरान यूरिया और डीएपी के आयात में तेज़ बढ़ोतरी हुई है। यानी एक तरफ उत्पादन बढ़ा है, तो दूसरी तरफ कुछ उर्वरकों के लिए आयात पर निर्भरता को लेकर चिंता भी बनी हुई है।

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10 मार्च को लखनऊ में धरने का ऐलान

कर्ज माफी और ₹5000 पेंशन की मांग को लेकर प्रयागराज में जुटे किसान, 10 मार्च को लखनऊ में धरने का ऐलान

प्रयागराज के माघ मेले में भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) के राष्ट्रीय अधिवेशन में किसानों ने शत-प्रतिशत कर्ज माफी और ₹5,000 वृद्धावस्था पेंशन की मांग उठाई। देशभर से आए किसानों ने सरकार की नीतियों पर नाराज़गी जताई और 10 मार्च को लखनऊ में बड़े धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया।

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मिनी केन हारवेस्टर

मजदूरी कम, काम तेज: गन्ना खेती में आया आधुनिक हारवेस्टर

शाहजहाँपुर में गन्ना किसानों के लिए मिनी केन हारवेस्टर का सजीव प्रदर्शन किया गया। इस मशीन से गन्ना कटाई-छिलाई आसान होगी, मजदूरी और लागत कम होगी तथा समय की बचत होगी। कार्यक्रम में अधिकारियों, वैज्ञानिकों और किसानों ने हिस्सा लिया और नई गन्ना किस्मों व अंतरफसली खेती की जानकारी भी दी गई।

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तकनीक, प्रशिक्षण और अनुसंधान में साथ काम करेंगे भारत–फिजी

कृषि और खाद्य सुरक्षा पर द्विपक्षीय बैठक, तकनीक, प्रशिक्षण और अनुसंधान में साथ काम करेंगे भारत–फिजी

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फिजी के कृषि मंत्री के साथ बैठक कर कृषि और खाद्य सुरक्षा में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। दोनों देशों ने समझौता ज्ञापन को आगे बढ़ाने, संयुक्त कार्य समूह बनाने और तकनीक, प्रशिक्षण व अनुसंधान में मिलकर काम करने पर सहमति जताई।

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बिस्मिल

‘बिस्मिल’ गन्ना किस्म को मिली पांच राज्यों में खेती की मंजूरी

शाहजहाँपुर स्थित उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद ने ‘बिस्मिल’ नाम की नई उच्च उपज वाली गन्ना किस्म (को.शा. 17231) विकसित की है। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद अब यह किस्म उत्तर प्रदेश के साथ-साथ हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और राजस्थान में भी बोई जा सकेगी। यह वैरायटी रेड रॉट बीमारी के प्रति प्रतिरोधी है। इससे ज़्यादा पैदावार और बेहतर शुगर कंटेंट मिलता है, जिससे किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है।

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हिमाचल

हिमाचल में Farmer ID अनिवार्य, किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

हिमाचल प्रदेश सरकार ने सभी किसानों और बागवानों के लिए Farmer ID बनवाना अनिवार्य कर दिया है। इसका उद्देश्य किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे, सही और समय पर पहुँचाना है। Farmer ID से फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगेगी और योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी। यह व्यवस्था AgriStack योजना के तहत लागू की जा रही है, जिससे किसानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा।

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उर्वरक सब्सिडी में करीब ₹736 करोड़ की बढ़ोतरी

रबी 2025–26: उर्वरक सब्सिडी में करीब ₹736 करोड़ की बढ़ोतरी, डीएपी पर विशेष ध्यान

रबी सीजन 2025–26 में किसानों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने उर्वरकों पर बढ़ी हुई NBS सब्सिडी को मंजूरी दी है, जो 1 अक्टूबर 2025 से 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगी। इससे डीएपी, एनपीके, पोटाश और एसएसपी जैसे उर्वरक उचित दामों पर मिलेंगे। सरकार ने इस सीजन के लिए करीब ₹37,952 करोड़ का सब्सिडी बजट तय किया है। इसका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों के बावजूद किसानों को महंगाई से बचाना है।

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