भारत में अफीम की खेती कहाँ होती है?
भारत उन गिने-चुने देशों में से एक है जहाँ कानूनी तौर पर अफीम की खेती होती है और एकमात्र देश है जो कानूनी तौर पर अफीम गोंद का उत्पादन करता है.
भारत उन गिने-चुने देशों में से एक है जहाँ कानूनी तौर पर अफीम की खेती होती है और एकमात्र देश है जो कानूनी तौर पर अफीम गोंद का उत्पादन करता है.
फसलों की वृद्धि में खाद की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसमें मौजूद सूक्ष्म पोषक तत्व फसल के उत्पादन और गुणवत्ता दोनों को बनाए रखने में मदद करते हैं। इतना ही नहीं, इसका महत्वपूर्ण कार्य यह है कि यह मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखता है, यानी मिट्टी की उत्पादन क्षमता बरकरार रहती है। लेकिन…
वित्त वर्ष 2025-26 की अप्रैल-जून तिमाही में भारत का चाय निर्यात मूल्य के संदर्भ में 17 प्रतिशत बढ़कर 218.95 मिलियन डॉलर हो गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 187.38 मिलियन डॉलर था। ऐसा पारंपरिक खरीदारों की ओर से चाय की मजबूत मांग के कारण हुआ।
सरकार ने अंडा देने वाले पक्षियों, दुधारू पशुओं, मधुमक्खियों और पशुओं में 18 एंटीबायोटिक दवाओं, 18 एंटीवायरल दवाओं और एक एंटीप्रोटोज़ोअन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह प्रतिबंध उन फार्मों पर भी लागू होगा जहाँ से आंतें प्राप्त होती हैं और पशु आवरण उत्पादन के किसी भी चरण में। इसका उद्देश्य वृद्धि को बढ़ावा देने या उपज बढ़ाने के लिए रोगाणुरोधी दवाओं के इस्तेमाल को रोकना है।
पीएम धन-धान्य योजना के तहत जिलों के चयन की प्रक्रिया पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि खाद्यान्न में हमारा उत्पादन 40 प्रतिशत से ज़्यादा बढ़ा है फलों, दूध, सब्जियों में भी उत्पादन ऐतिहासिक रूप से बढ़ा है लेकिन फिर भी एक राज्य की उत्पादकता और दूसरे राज्य की उत्पादकता में काफी अन्तर है। राज्यों में भी एक ज़िले की दूसरे ज़िले से उत्पादकता कम है, इसलिए जिन ज़िलों में उत्पादकता कम है या केसीसी पर किसान लोन बहुत कम लेते हैं, ऐसे ज़िलों को हम चिन्हित करेंगे।
पिछले 11 वर्षों में खाद्यान्न, बागवानी और दूध उत्पादन में लगातार वृद्धि है। लेकिन दलहन और तिलहन में उत्पादन बढ़ाने की जरूरत है। इसके लिए वैज्ञानिक रिसर्च करें।आईसीएआर का 97वां स्थापना दिवस कार्यक्रम के संबोधन में केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ के जरिए 500 शोध के विषय सामने आए हैं, जिन पर गंभीरता से काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छोटी जोत के किसानों के लिए बड़ी नहीं, छोटी मशीनें बनाने का काम करेंगे। जबरन गैर उपयोगी कृषि उत्पाद बेचने वालों को भी फटकार लगायी।इस मौके पर मंत्री ने कहा कि वैज्ञानिक आधुनिक महर्षि हैं, खुद से ज्यादा दूसरों को महत्व देते हैं।
मोदी कैबिनेट ने 24000 करोड़ रुपये की लागत वाली पीएम धन-धान्य कृषि योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना में 36 योजनाओं को शामिल किया गया है, जिससे 1.7 करोड़ किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी जानकारी दी।
रेटिंग एजेंसी ICRA ने 2026 के लिए भारत के चीनी उत्पादन में 15% की वृद्धि का अनुमान लगाया है, जो महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे प्रमुख राज्यों में अनुकूल मानसून के कारण गन्ने की पैदावार में वृद्धि के कारण है। इस वृद्धि से चीनी कंपनियों के राजस्व में 6-8% की वृद्धि होने की संभावना है। हालाँकि चीनी की कीमतें स्थिर रहने की उम्मीद है।
ग्रामीण ऊर्जा मॉडल के जरिए उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण इलाकों में एलपीजी के उपयोग में 70 फीसदी की कमी लाने का लक्ष्य तय किया है।निजी गोशालाओं के निर्माण को भी बढ़ावा देगी यह योजना। योजना के तहत सरकार 43 चयनित गौशालाओं में बायोगैस और जैविक खाद संयंत्र स्थापित करने की भी योजना बना रही है। हर गौशाला से प्रति माह 50 क्विंटल तक गोबर का उत्पादन होने की उम्मीद है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने बायोस्टिमुलेंट की बिक्री पर महत्वपूर्ण बैठक की। उन्होंने बायोस्टिमुलेंट पर सख्त रवैया अपनाते हुए अधिकारियों से पारदर्शी रूप से काम करने को कहा। उन्होंने कहा कि किसान सर्वोपरि हैं, लापरवाही ना बरतें अफसर।किसानों के हित में आईसीएआर से बायोस्टिमुलेंट की उपयोगिता का परीक्षण को जरूरी बताते हुए मंत्री ने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से प्रमाणित होने पर ही बायोस्टिमुलेंट को अनुमति दी जाएगी और संदेहास्पद बायोस्टिमुलेंट निर्माताओं के खिलाफ कार्रवाई होगी।