कपास योजना

₹6,000 करोड़ की कपास योजना को अब भी कैबिनेट मंजूरी का इंतज़ार, घटता रकबा और पैदावार बनी बड़ी चुनौती

केंद्र सरकार की ₹6,000 करोड़ की कॉटन प्रोडक्टिविटी मिशन योजना को अभी कैबिनेट मंजूरी नहीं मिली है। योजना में फंड बंटवारे को लेकर विवाद है, क्योंकि कपड़ा मंत्रालय को 22% हिस्सा मिल रहा है, जबकि कपास की रिसर्च की जिम्मेदारी संभालने वाले ICAR को 10% से भी कम फंड मिल सकता है। इस बीच देश में कपास उत्पादन और रकबा लगातार घट रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों की आय बढ़ाने और पैदावार सुधारने के लिए रिसर्च, बेहतर किस्मों और किसानों का भरोसा मजबूत करना जरूरी है।

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IFFCO का नया प्राकृतिक उत्पाद ‘धर्मामृत’ लॉन्च

IFFCO का नया प्राकृतिक उत्पाद ‘धर्मामृत’ लॉन्च, नैनो उर्वरकों के साथ टिकाऊ खेती पर फोकस

IFFCO ने बेंगलुरु में धर्मामृत नाम का नया प्राकृतिक सीवीड आधारित उत्पाद लॉन्च किया है। यह अमीनो एसिड और एल्जिनिक एसिड से युक्त है, जो फसलों की बढ़वार, पोषक तत्वों के अवशोषण और मिट्टी की सेहत सुधारने में मदद करता है। नैनो उर्वरकों के साथ इसका उपयोग कम लागत में बेहतर उत्पादन और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देगा।

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वेजफेड खरीदेगा 20 हजार मीट्रिक टन टमाटर

टमाटर किसानों को मिलेगा सही दाम और समय पर भुगतान, वेजफेड खरीदेगा 20 हजार मीट्रिक टन टमाटर

बिहार में वेजफेड को 20 हजार मीट्रिक टन टमाटर की सप्लाई की जिम्मेदारी दी गई है। टमाटर की खरीद सीधे किसानों से होगी और उन्हें समय पर भुगतान मिलेगा। इससे बिचौलियों की भूमिका घटेगी और किसानों को बेहतर दाम मिलेंगे। यह पहल सब्जी किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है।

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ड्रिप इरिगेशन और टिशू कल्चर का कमाल,

ड्रिप इरिगेशन और टिशू कल्चर का कमाल, प्रीमियम रेट पर बिक रहा राजस्थान का अनार

पश्चिमी राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में अनार की खेती किसानों के लिए आमदनी का बड़ा जरिया बन गई है। ड्रिप इरिगेशन, टिशू कल्चर पौधों और सरकारी सब्सिडी की मदद से बालोतरा, बाड़मेर और जालौर जैसे क्षेत्रों में किसान लाखों रुपये कमा रहे हैं। ईश्वर सिंह और बीमा राम जैसे किसान साबित कर रहे हैं कि सही तकनीक के साथ रेगिस्तान में भी खेती से बड़ा मुनाफा संभव है।

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घना कोहरा

देशभर में घना कोहरा और ठंड का कहर, कई राज्यों में कोल्ड डे और शीतलहर का अलर्ट

देश के कई हिस्सों में घना कोहरा और कड़ाके की ठंड बनी हुई है। मौसम विभाग ने उत्तर, पूर्व और पूर्वोत्तर राज्यों में कोहरे, कोल्ड डे और शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। इसका असर यातायात और खेती पर पड़ सकता है, इसलिए किसानों और आम लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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पिछले साल के मुकाबले बेहतर रहेगा चाय कारोबार

पिछले साल के मुकाबले बेहतर रहेगा चाय कारोबार, दिसंबर की तुड़ाई से बढ़ेगा चाय उत्पादन

भारत के चाय उद्योग के लिए 2025 अच्छा साल रहने की उम्मीद है। इस साल चाय का उत्पादन पिछले साल से थोड़ा ज्यादा रह सकता है, जबकि निर्यात में 15–20 मिलियन किलो तक बढ़ोतरी की संभावना है। दिसंबर में तुड़ाई जारी रहने और ईरान, इराक व चीन को ज्यादा निर्यात से उद्योग को फायदा मिल रहा है।

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जम्मू-कश्मीर

जम्मू-कश्मीर के किसानों के लिए बड़ी राहत, SKUAST ने जारी की 16 नई उन्नत फसल किस्में

SKUAST ने जम्मू-कश्मीर के किसानों के लिए मक्का, गेहूं, चावल, दालें, सेब, जई और तिलहन की 16 नई जलवायु-अनुकूल और अधिक पैदावार देने वाली किस्में जारी की हैं। ये किस्में ठंडे मौसम और बदलते जलवायु हालात को ध्यान में रखकर विकसित की गई हैं, जिससे उत्पादन, पोषण सुरक्षा और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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यूपी में खाद की कालाबाजारी पर सख्त एक्शन

यूपी में खाद की कालाबाजारी पर सख्त एक्शन, जिला कृषि अधिकारी निलंबित

उत्तर प्रदेश सरकार ने खाद की कालाबाजारी पर सख्ती बढ़ा दी है। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के अनुसार प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है और 130 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा उर्वरक उपलब्ध है। कालाबाजारी और लापरवाही पर सिद्धार्थनगर के जिला कृषि अधिकारी को निलंबित किया गया है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नकली खाद और तस्करी करने वालों पर NSA तक की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

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कृषि वैज्ञानिकों ने जारी की एडवाइजरी

ठंड बढ़ते ही रबी फसलों के लिए अलर्ट, कृषि वैज्ञानिकों ने जारी की एडवाइजरी

बिहार में बढ़ती ठंड को देखते हुए बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर ने दिसंबर के लिए किसानों को एडवाइजरी जारी की है। वैज्ञानिकों ने गेहूं की बुआई 25 दिसंबर तक पूरी करने, राई और मक्का में सही दूरी व संतुलित खाद देने की सलाह दी है। सब्जियों, खासकर टमाटर में कीटों पर निगरानी रखने और समय पर नियंत्रण करने को कहा गया है।

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सर्दियों में गन्ने की धीमी बढ़वार

सर्दियों में गन्ने की धीमी बढ़वार: घबराने की ज़रूरत नहीं, जानिए क्या कहते हैं वैज्ञानिक ?

सर्दियों में गन्ने की बढ़वार कम होना सामान्य है, इसे रोग या खाद की कमी न समझें। IISR के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एपी द्विवेदी के अनुसार दिसंबर–जनवरी में खाद डालने की जरूरत नहीं होती, बस हल्की सिंचाई करते रहें। तापमान बढ़ते ही जनवरी के अंत या फरवरी की शुरुआत में गन्ने की बढ़वार फिर तेज हो जाती है।

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