मध्य प्रदेश में 2026 होगा ‘कृषि वर्ष’,

मध्य प्रदेश में 2026 होगा ‘कृषि वर्ष’, किसानों पर सरकार का बड़ा फोकस

मध्य प्रदेश सरकार ने 2026 को “कृषि वर्ष” के रूप में मनाने का फैसला किया है। कृषि बजट बढ़कर 27,000 करोड़ रुपये हो गया है और किसानों की आय बढ़ाने, तकनीक, प्राकृतिक खेती और ई-मंडी जैसी योजनाओं पर जोर दिया जा रहा है। राज्य को दूध उत्पादन का केंद्र बनाने, पशुपालन को लाभकारी करने और गौशालाओं के लिए मदद बढ़ाने की घोषणा की गई है।

पूरी र‍िपोर्ट
श्रीरंग देवबा लाड को पद्मश्री

कपास अनुसंधान में अहम योगदान देने वाले श्रीरंग देवबा लाड को पद्मश्री

कपास खेती में नवाचार कर किसानों की पैदावार और आमदनी बढ़ाने वाले महाराष्ट्र के कृषि विशेषज्ञ श्रीरंग देवबा लाड को साल 2026 के पद्मश्री पुरस्कार के लिए चुना गया है। ‘कृषि ऋषि’ के नाम से मशहूर लाड का कहना है कि यह सम्मान उनके लिए निजी उपलब्धि नहीं, बल्कि किसानों तक तकनीक और ज्ञान पहुंचाने की नई प्रेरणा है।

पूरी र‍िपोर्ट
मुरादाबाद के रघुपत सिंह को मरणोपरांत पद्मश्री

बीज संरक्षण को बनाया जीवन का मिशन, मुरादाबाद के रघुपत सिंह को मरणोपरांत पद्मश्री

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के किसान रघुपत सिंह को पारंपरिक सब्जियों के विलुप्त होते बीजों के संरक्षण और उन्हें फिर से किसानों तक पहुंचाने के असाधारण योगदान के लिए भारत सरकार ने मरणोपरांत पद्मश्री सम्मान देने की घोषणा की है। रघुपत सिंह ने बीज संरक्षण को अपने जीवन का मिशन बनाया और 55 से अधिक विलुप्त सब्जियों के बीज बचाकर तीन लाख से ज्यादा किसानों को उनसे जोड़ा।

पूरी र‍िपोर्ट
डॉ. अशोक कुमार सिंह को पद्म सम्मान

गाजीपुर से पूसा तक: बासमती को नई पहचान दिलाने वाले डॉ. अशोक कुमार सिंह को पद्म सम्मान

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 2026 के पद्म पुरस्कारों की घोषणा में पूसा के पूर्व निदेशक डॉ. अशोक कुमार सिंह समेत 5 कृषि वैज्ञानिक और 4 किसानों को सम्मानित करने का ऐलान हुआ है। डॉ. सिंह ने बासमती धान की रोगरोधी और हर्बिसाइड टॉलरेंट किस्में विकसित कर भारतीय बासमती चावल को अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत पहचान दिलाई।

पूरी र‍िपोर्ट
पद्म पुरस्कार 2026

पद्म पुरस्कार 2026: किसानों और कृषि वैज्ञानिकों को मिला राष्ट्रीय सम्मान

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कार 2026 की सूची जारी की गई, जिसमें देशभर के 45 गुमनाम नायकों को सम्मानित किया गया है। इस साल कुल 131 पद्म पुरस्कार दिए जाएंगे। कृषि क्षेत्र से जुड़े 5 कृषि वैज्ञानिकों और 4 किसानों को भी पद्म सम्मान के लिए चुना गया है। इनमें उत्तर प्रदेश, असम, तेलंगाना और महाराष्ट्र के किसान शामिल हैं। यह सूची ज़मीनी स्तर पर काम करने वाले लोगों के योगदान को पहचान देने पर ज़ोर देती है।

पूरी र‍िपोर्ट
अरहर की खेती में छोटा बदलाव

अरहर की खेती में छोटा बदलाव, 20% तक बढ़ेगी पैदावार

इक्रिसैट के अनुसार अरहर (तूर) की खेती में अगर सीधे बुवाई की बजाय नर्सरी में पौधे तैयार कर रोपाई की जाए, तो पैदावार करीब 20% तक बढ़ सकती है। इससे प्रति हेक्टेयर उत्पादन 2.5 टन से बढ़कर लगभग 3 टन हो जाता है। यह तरीका पौधों को मजबूत बनाता है, फसल की अवधि 12–18 दिन कम करता है और अनियमित बारिश व सूखे के खतरे को घटाकर किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद करता है।

पूरी र‍िपोर्ट
MSP

कर्नाटक में 1.01 लाख टन चना MSP पर खरीदेगा केंद्र

केंद्र सरकार ने कर्नाटक में रबी 2026–27 सीजन के लिए 1.01 लाख टन चना MSP पर खरीदने की मंजूरी दी है, जिसका MSP 5,875 रुपये प्रति क्विंटल है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य सरकार से पूरी मात्रा की खरीद सुनिश्चित करने को कहा और पिछली फसलों की अधूरी खरीद पर नाराज़गी जताई। वहीं, देश में इस रबी सीजन में चना की खेती का रकबा 5 प्रतिशत बढ़ा है, जिसमें राजस्थान, मध्य प्रदेश और कर्नाटक आगे हैं।

पूरी र‍िपोर्ट
SAP पर 68.50 रुपये प्रति क्विंटल सब्सिडी मंजूर

पंजाब में गन्ना किसानों को बड़ी राहत, SAP पर 68.50 रुपये प्रति क्विंटल सब्सिडी मंजूर

पंजाब मंत्रिमंडल ने गन्ना किसानों के लिए एसएपी पर 68.50 रुपये प्रति क्विंटल की सीधी सब्सिडी को मंजूरी दी है, जिससे राज्य देश में गन्ने की सबसे ऊंची कीमत देने वाला बन गया है। इसके साथ ही, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (JICA) के साथ मिलकर बागवानी क्षेत्र को मजबूत करने का फैसला किया है, ताकि किसानों की आय बढ़ाई जा सके।

पूरी र‍िपोर्ट
मिथिला मखाना

कृषि निर्यात में बिहार की बड़ी कामयाबी, मिथिला मखाना पहुंचा दुबई

बिहार से पहली बार जीआई-टैग मिथिला मखाना का समुद्री मार्ग से दुबई को निर्यात किया गया है। पूर्णिया जिले से भेजी गई 2 मीट्रिक टन की यह खेप कृषि निर्यात में ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे किसानों को बेहतर दाम, नए बाजार और बिहार की वैश्विक पहचान को मजबूती मिलेगी।

पूरी र‍िपोर्ट
10 साल में 26% बढ़ी बागवानी,

खेती में बदलाव की कहानी: 10 साल में 26% बढ़ी बागवानी, अनाज पीछे क्यों छूटा?

पिछले 10 सालों में देश में बागवानी फसलों का रकबा 26% बढ़ा है, जबकि अनाज की खेती की रफ्तार धीमी रही। बेहतर दाम, ज्यादा आमदनी और लोगों की बदलती खानपान आदतों के कारण किसान तेजी से फल और सब्ज़ियों की खेती की ओर बढ़ रहे हैं। इससे खेती का रुझान अब उच्च मूल्य वाली फसलों की तरफ साफ दिखने लगा है।

पूरी र‍िपोर्ट