महाराष्ट्र और कर्नाटक

महाराष्ट्र और कर्नाटक में बढ़ता किसान संकट, आत्महत्याओं के आंकड़े चिंताजनक

महाराष्ट्र और कर्नाटक दोनों राज्यों में किसान आत्महत्याओं की स्थिति बेहद गंभीर है। महाराष्ट्र में जनवरी–सितंबर 2025 के बीच 781 किसानों ने आत्महत्या की, जबकि कर्नाटक में नवंबर 2025 तक 377 मामले दर्ज हुए। दोनों ही जगह आत्महत्याओं की बड़ी वजह कर्ज़, फसल नुकसान और मौसम है।

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Nano-fertilizer

Nano-fertilizer को स्थायी मंजूरी देने की तैयारी में सरकार

सरकार नैनो-फर्टिलाइज़र को स्थायी मंजूरी देने की तैयारी कर रही है, लेकिन उससे पहले सभी परीक्षण रिपोर्टों की गहरी जांच होगी। कंपनियों को टैगिंग रोकने की चेतावनी दी गई है। ICAR के अध्ययन में नैनो यूरिया के मिले-जुले नतीजे सामने आए हैं। कुछ जगह उपज घटी तो कुछ जगह 5–15% बढ़ी।

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भारत का चाय निर्यात बढ़ा

भारत का चाय निर्यात बढ़ा, उत्पादन पर मौसम का असर

जनवरी-अक्टूबर 2025 में भारत का चाय निर्यात 6.47% बढ़कर 228.52 मिलियन किलो हुआ, मूल्य ₹6882.91 करोड़ रहा और औसत कीमत ₹301.20 प्रति किलो। उत्तरी भारत से निर्यात बढ़ा, दक्षिणी भारत से घटा, जबकि खराब मौसम के कारण उत्पादन 21% घटकर 161.93 मिलियन किलो रहा।

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सोयाबीन ज्ञान

सोयाबीन किसानों के लिए नया ऐप – “सोयाबीन ज्ञान”

लिए नया एआई आधारित ऐप “सोयाबीन ज्ञान” लॉन्च किया गया है। यह ऐप फसल में लगने वाले रोग और कीट की पहचान करता है और उपचार के सुझाव देता है। ऐप में मौसम चेतावनी, मंडी भाव अपडेट और 24 घंटे सहायता जैसी सुविधाएं भी हैं। इसका उद्देश्य किसानों को सटीक जानकारी और समय पर मदद देकर फसल की सुरक्षा और उत्पादन बढ़ाना है।

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खाद वितरण

हरियाणा में खाद वितरण की नई डिजिटल व्यवस्था

हरियाणा सरकार ने खाद वितरण को ‘मेरी फसल–मेरा ब्यौरा’ (MFMV) पोर्टल से जोड़ दिया है। अब रजिस्ट्रेशन के बाद ही किसानों को खाद मिलेगी। नई व्यवस्था से काला बाजारी रुकी, खपत घटी और सरकार ने सब्सिडी में बड़ी बचत की। छोटे किसानों तक भी खाद आसानी से पहुंच रही है।

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इंपोर्ट में 41% की बढ़ोतरी का अनुमान

भारत में खाद की मांग बढ़ी, इंपोर्ट में 41% की बढ़ोतरी का अनुमान

भारत में अच्छी बारिश के कारण खाद की मांग बढ़ गई है, इसलिए 2025-26 में खाद का इंपोर्ट 41% बढ़कर 223 लाख टन होने का अनुमान है। अप्रैल–अक्टूबर में इंपोर्ट 69% बढ़ा। यूरिया, DAP और NPK की खरीद सबसे ज्यादा बढ़ी है। FAI का कहना है कि देश में अभी खाद की कोई कमी नहीं है और अगले 2–3 साल में भारत यूरिया में आत्मनिर्भर हो सकता है। सरकार ने इस साल खाद पर 1.9 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की सब्सिडी भी दी है।

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फर्टिलाइजर कंपनियों पर सख्ती,

फर्टिलाइजर कंपनियों पर सख्ती, लाइसेंस रद्द और FIR का सिलसिला जारी

केंद्र सरकार ने कालाबाजारी, जमाखोरी, घटिया खाद बेचने और खाद डायवर्जन जैसे मामलों में सख्त कार्रवाई करते हुए देशभर में 5,835 से ज्यादा लाइसेंस रद्द किए और 649 FIR दर्ज की हैं। मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने बताया कि डीलरों की गड़बड़ियों पर राज्य सरकारों को कार्रवाई करनी चाहिए। सरकार ने कहा कि खाद की सप्लाई समय पर भेजी जा रही है, लेकिन कई डीलर जमाखोरी कर रहे हैं। किसानों से जबरन अतिरिक्त सामान खरीदवाने की शिकायतों पर भी सरकार कदम उठाएगी।

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CAI की अपील

कच्चे कपास पर इंपोर्ट ड्यूटी खत्म की जाए: CAI की अपील

CAI ने सरकार से कच्चे कपास पर 11% आयात शुल्क हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि महंगा कपास और कमजोर मांग से टेक्सटाइल उद्योग संकट में है। बरसात से देशी कपास की गुणवत्ता भी गिरी है, इसलिए मिलों को आयात करना पड़ेगा। शुल्क हटाने से उद्योग को सस्ता कपास मिलेगा और भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

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रमेश चंद

रमेश चंद की किसानों से अपील, बिना MSP वाली फसलों में है ज्यादा कमाई

नीति आयोग के सदस्य रमेश चंद ने किसानों से कहा कि वे सिर्फ़ MSP वाली फसलों पर निर्भर न रहें और ऐसी फसलें उगाएँ जिनकी बाजार में अधिक मांग है। उनका कहना है कि MSP वाली फसलों की वृद्धि दर कम है, जबकि बिना MSP वाली फसलें तेजी से बढ़ रही हैं और उनसे अधिक कमाई हो सकती है। उन्होंने जोर दिया कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए किसानों को आधुनिक तकनीक, नवाचार और पूरी वैल्यू चेन से जोड़ना जरूरी है, ताकि खेती लाभकारी बने और किसान मजबूत हों।

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जलवायु परिवर्तन

जलवायु परिवर्तन से सबसे ज्यादा प्रभावित महाराष्ट्र, किसानों के लिए सरकार कर रही ये काम

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संसद में बताया कि जलवायु परिवर्तन से महाराष्ट्र के किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। सरकार NICRA और फसल बीमा जैसी योजनाओं के जरिए मदद दे रही है। अब तक 11 लाख किसानों को लाभ और ₹26,000 करोड़ से अधिक बीमा राशि दी गई है। फसल नुकसान होने पर SDRF और NDRF से भी सहायता मिलेगी।

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