सरकारी गोदामों

गेहूं की आपूर्ति बढ़ी, सरकार ने स्टॉक लिमिट हटाई

केंद्र सरकार ने कीमतों पर नजर रखने और आने वाले त्योहारी सीजन से पहले गेहूं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लि‍हाज से 27 मई, 2025 को जारी गेहूं स्टॉक सीमा आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह फैसला घरेलू बाजारों में आरामदायक आपूर्ति…

पूरी र‍िपोर्ट
धान खेती का नया मॉडल

कम पानी, कम मजदूरी, ज्यादा उत्पादन: धान खेती का नया मॉडल

IRRI की स्टडी के मुताबिक, डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR) पर सही निवेश से भारत में जलवायु-अनुकूल धान खेती को बढ़ावा मिल सकता है। यह तरीका कम पानी और कम मजदूरी में खेती संभव बनाता है। नई DSR-अनुकूल धान किस्मों ने परीक्षण में करीब 15% ज्यादा पैदावार दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे किसानों की लागत घटेगी, आय बढ़ेगी और पर्यावरण पर दबाव भी कम होगा।

पूरी र‍िपोर्ट
बिहार का कृषि लेखा-जोखा

अनाज उत्पादन बढ़ा, चावल पीछे छूटा: बिहार का कृषि लेखा-जोखा

बिहार सरकार मंगलवार को 2026–27 का करीब 3.70 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश करेगी। बजट से पहले आए आर्थिक सर्वेक्षण में कृषि पर खास जोर दिखा है। अनाज उत्पादन बढ़ा है, लेकिन चावल की उत्पादकता घटी है, जबकि गेहूं और मक्का में ज्यादा वृद्धि हुई है। सरकार ने 2031 तक मखाना की खेती का रकबा 70 हजार हेक्टेयर बढ़ाने का लक्ष्य रखा है और बागवानी व उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा देने की बात कही है। हालांकि आम और लीची के क्षेत्रफल में बहुत मामूली बढ़ोतरी हुई है।

पूरी र‍िपोर्ट
PM-Kisan की राशि नहीं बढ़ी

बजट 2026-27: PM-Kisan की राशि नहीं बढ़ी, क्या किसानों को सालाना ₹6,000 ही मिलेंगे?

केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार ने पीएम-किसान सम्मान निधि योजना की राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। योजना का बजट 2025-26 की तरह ही ₹63,500 करोड़ रखा गया है, जिससे किसानों को आगे भी सालाना ₹6,000 की ही सहायता मिलेगी। बजट से पहले किसानों को राशि बढ़ने की उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने इस पर कोई ऐलान नहीं किया।

पूरी र‍िपोर्ट
AI और ICAR से बदलेगा किसानों का भविष्य

BUDGET 2026-27: खेती को मिलेगा टेक्नोलॉजी बूस्ट, AI और ICAR से बदलेगा किसानों का भविष्य

बजट 2026-27 में खेती को आधुनिक बनाने के लिए AI और ICAR को जोड़ने की घोषणा की गई है। भारत विस्तार योजना के तहत किसानों को डेटा-आधारित सलाह, रीयल-टाइम फसल मॉनिटरिंग और यील्ड फोरकास्टिंग की सुविधा मिलेगी। इससे खेती ज्यादा सस्टेनेबल बनेगी, जोखिम घटेगा और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

पूरी र‍िपोर्ट
चीनी उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर

2025-26 सीजन में चीनी उत्पादन ने पकड़ी रफ्तार, ISMA का बड़ा अनुमान

2025-26 चीनी सीजन में देश का चीनी उत्पादन तेज़ी से बढ़ा है। 31 जनवरी तक 1.95 करोड़ टन चीनी का उत्पादन हुआ, जो पिछले साल से 18% ज्यादा है। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में उत्पादन में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ISMA का अनुमान है कि पूरे सीजन में चीनी उत्पादन बढ़कर करीब 3.09 करोड़ टन तक पहुंच सकता है।

पूरी र‍िपोर्ट
भारतीय चाय के भविष्य पर मंथन

भारतीय चाय के भविष्य पर मंथन, 29 जनवरी को नीलगिरी में बड़ी बैठक

तमिलनाडु के कून्नूर में 29 जनवरी को राष्ट्रीय चाय सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर के चाय निर्माता शामिल होंगे। FITMA की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में चाय उद्योग की चुनौतियों, नीति निर्माण, गुणवत्ता सुधार और चाय की खपत बढ़ाने की योजना “मिशन 1K” पर चर्चा होगी। यह सम्मेलन भारतीय चाय के भविष्य को नई दिशा देने की कोशिश है।

पूरी र‍िपोर्ट
उर्वरकों में आत्मनिर्भरता नहीं

उर्वरकों में आत्मनिर्भरता नहीं, संतुलित इस्तेमाल ही असली रास्ता: अर्थशास्त्री गुलाटी

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत के लिए रासायनिक उर्वरकों में आत्मनिर्भर होना फिलहाल संभव नहीं है, क्योंकि यूरिया, डीएपी और पोटाश के लिए देश आयात पर निर्भर है। प्रो. अशोक गुलाटी ने उर्वरकों के संतुलित और कुशल उपयोग पर ज़ोर देते हुए यूरिया-प्रधान सब्सिडी नीति में सुधार की जरूरत बताई। नीति आयोग के रमेश चंद ने हर जगह 4:2:1 एनपीके अनुपात लागू करने को अवैज्ञानिक बताया।

पूरी र‍िपोर्ट
एक एकड़ से 14 लाख तक कमा

एक एकड़ से 14 लाख तक कमाई, सही तकनीक और टाइमिंग ने बदली अदरक की खेती की तस्वीर

महाराष्ट्र के संभाजीनगर जिले के किसान तुकाराम ने अदरक की खेती में सही तकनीक, टाइमिंग और योजना अपनाकर एक एकड़ से करीब 14 लाख रुपये तक की कमाई की है। रेज्ड बेड, सही दूरी पर बुवाई, बीज की बेहतर तैयारी और आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल से उन्होंने उत्पादन और मुनाफा दोनों बढ़ाए।

पूरी र‍िपोर्ट
77वें गणतंत्र दिवस

गणतंत्र दिवस पर आईसीएआर में किसानों से मिले कृषि मंत्री, MSP से लेकर निर्यात तक पर जोर

77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूसा, नई दिल्ली स्थित आईसीएआर में देशभर से आए किसानों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार कई कदम उठा रही है। दालों की 100% MSP पर खरीद, चावल निर्यात की बाधाएं हटाने, फसल बीमा में सुधार, वैज्ञानिक मदद और डिजिटल फार्मर आईडी जैसी पहलों से खेती को लाभकारी पेशा बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

पूरी र‍िपोर्ट