क्या है सरकार का ‘लैब टू लैंड कॉनसेप्ट’ और कैसे इससे किसानों को फायदा होगा?
सरकार किसानों को क्वालिटी का बीज मुहैया कराने के लिए लैब टू लैंड कॉनसेप्ट पर काम कर रह है। कैसे इस कॉनसेप्ट से किसानों को फायदा होगा? जानने के लिए पढ़िए पूरी खबर
सरकार किसानों को क्वालिटी का बीज मुहैया कराने के लिए लैब टू लैंड कॉनसेप्ट पर काम कर रह है। कैसे इस कॉनसेप्ट से किसानों को फायदा होगा? जानने के लिए पढ़िए पूरी खबर
लखनऊ (यूपी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी पार्टनरशिप कॉन्क्लेव में कम पानी में धान की खेती करने वाले 5 किसानों को सम्मानित किया। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी के पास देश की 11 फीसदी कृषि लायक जमीन है, जबकि देश की 17% आबादी प्रदेश में निवास करती है…
देश में बाग़वानी फसलों का उत्पादन पिछले साल की तुलना में इस साल कम होने की आशंका है। साल 2023-24 में उत्पादन 353.19 मिलियन टन रहने की उम्मीद है, जो पिछले साल की तुलना में करीब 0.65 फीसदी कम है। दरअसल सरकार ने शनिवार को तीसरी तिमाही के आंकड़े जारी किए हैं, उसी में इसकी जानकारी दी गई है।
किन्नू. एक सिट्स्र वर्गीय फल.. इसमें किन्नू के साथ स्वीट ओरेंज, माल्टा और डेजी आदि किस्में आती हैं। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान में बड़े इलाके में इसकी खेती होती है। तकनीक से तरक्की सीरीज में इस बार कम लागत वाली इसी किन्नू की खेती की पूरी जानकारी सिरसा (हरियाणा)। माथे पर पसीना, आंखों में चमक.. चेहरे…
केंद्र सरकार देश भर में कोल्ड स्टोरेजेज की इसी कमी को दूर करने के लियें एक योजना लाई है. नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड ने ये ऐलान किया है कि वह कोल्ड स्टोरेज के निर्माण के लिए किसानों या उद्यमियों को 35 से 50 परसेंट की सब्सिडी देगा.
इस समय महाराष्ट्र के मराठवाड़ा के कई हिस्सों में सोयाबीन की फसल पर पीला मोज़ेक और हरा मोज़ेक यानी केवड़ा रोग देखा जा रहा है. पीला मोज़ेक रोग मूंग के पीले मोज़ेक विषाणु के कारण होता है। हरा मोज़ेक सोयाबीन मोज़ेक वायरस के कारण होता है।
कर्नाटक के किसानों और राज्य सरकार के लंबे समय से मांग के बाद केंद्र सरकार कर्नाटक में किसानों से मूंग, हरे चने और सूरजमुखी के बीज खरीदने के लिए तैयार हो गई है. केंद्र की ओर से हरे चने की कीमत ₹8,682 प्रति क्विंटल तय की गई है जबकि सूरजमुखी के बीज की कीमत ₹7,280 प्रति क्विंटल तय की गई है.
बीते कुछ दिनों में हमने हरियाणा, राजस्थान और पंजाब जैसे राज्यों से कई तस्वीरें देखीं जहां गुलाबी सुंडी के प्रकोप में आई अपनी कपास की फसल किसान खुद नष्ट कर रहे थे. न्यूज पोटली ने ऐसी कई खबरों को रिपोर्ट किया. किसानों का कहना था इसका हल सरकार और वैज्ञानिकों के पास भी नहीं. लेकिन…
न्यूज़ पोटली के लिए रोहित परासर की रिपोर्ट किसान व बागवानों के व्यापक कल्याण एवं समृद्धि के लिए खेती की लागत को कम करने, आय को बढ़ाने, मानव एवं पर्यावरण पर रासायनिक खेती के पड़ने वाले दुष्प्रभावों से बचाने एवं पर्यावरण व बदलते जलवायु परिवेश के समरूप कृषि का मार्ग प्रशस्त करने के लिए 5…
मध्यप्रदेश के मंदसौर में एक विशेष किस्म के लहसुन की खेती. इसका नाम है ऊंटी लहसुन. इससे खाने में स्वाद का तड़का तो लगता ही है किसानों को आमदनी भी खूब होती है.