कर्नाटक के मुधोल (बागलकोट) में गन्ना किसानों का प्रदर्शन गुरुवार रात हिंसक हो गया। किसान ₹3500 प्रति टन गन्ने का दाम मांग रहे थे, जबकि सरकार ने ₹3300 तय किया है। नाराज प्रदर्शनकारियों ने 30 से ज्यादा गन्ना भरे ट्रैक्टरों में आग लगा दी और फैक्टरी के बाहर पुलिस व सुरक्षा कर्मियों से भिड़ंत भी हुई। कई लोग घायल हुए। सरकार का कहना है कि उपद्रवियों ने किसानों के बीच घुसकर तोड़फोड़ की और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
कर्नाटक के बागलकोट जिले के मुधोल में गन्ना किसानों का प्रदर्शन गुरुवार रात हिंसक हो गया। सरकार ने शुगर फैक्टरी मालिकों और किसानों के साथ बैठक कर गन्ने का दाम ₹3300 प्रति टन तय किया था, लेकिन किसान ₹3500 प्रति टन की मांग पर अड़े रहे। इसी नाराजगी के बीच प्रदर्शनकारियों ने 30 से ज़्यादा गन्ना भरे ट्रैक्टरों में आग लगा दी।
किसने लगाई आग?
हिंसा फैलने के बाद पुलिस ने जिले के तीन तालुकों में धारा 144 लगा दी है। सरकार और किसान संगठनों ने कहा कि कुछ उपद्रवी प्रदर्शन में घुसकर तोड़फोड़ कर रहे हैं, जिन्होंने ट्रैक्टर और गन्ने की फसल में आग लगाई।
क्यों बिगड़े हालात?
गुरुवार शाम मामला तब बिगड़ा, जब खबर मिली कि समीरवाड़ी सोमैया शुगर फैक्टरी में गन्ना पिसाई शुरू हो गई है और किसान अपनी फसल लेकर फैक्टरी जा रहे हैं। इसे रोकने के लिए प्रदर्शनकारी वहां पहुंच गए। दोनों पक्षों में भिड़ंत हो गई और पत्थरबाज़ी के दौरान कई पुलिसकर्मी, फैक्टरी कर्मचारी और बागलकोट के एसपी भी घायल हो गए।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी घटना पर कहा कि कुछ शरारती तत्वों ने किसानों के बीच घुसकर आगजनी की है और दोषियों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढ़ें – HD 3388: गर्मी में भी खूब पैदावार देने वाली नई गेहूं किस्म
मुधोल के किसान अब भी ₹3500 प्रति टन की मांग पर टिके
दरअसल, बेलगावी, कलबुर्गी, चिक्कोडी और बागलकोट में गन्ना किसानों के बड़े विरोध के बाद सरकार ने दाम तय करने के लिए बैठक की थी। अधिकांश किसान ₹3300 के फैसले से मान गए, लेकिन मुधोल के किसान अब भी ₹3500 प्रति टन की मांग पर टिके हुए हैं। गुरुवार को गारलापुर के किसान भी बसों से मुधोल पहुंचकर आंदोलन को समर्थन देने लगे।
घटना के बाद पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है और बाकी उपद्रवियों की तलाश जारी है।
ये देखें –