31 मार्च 2025 तक देश में चीनी उत्पादन 247.61 लाख टन तक पहुंचा: ISMA

इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA)

इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) ने सोमवार को देश में चीनी उत्पादन को लेकर आंकड़े जारी किए. इसके मुताबिक़ देश भर में 95 मिलों के साथ वित्त वर्ष 2024-25 में 31 मार्च, 2025 तक चीनी उत्पादन 247.61 लाख टन तक पहुंच गया है. ISMA के अनुसार, देश में चीनी उत्पादन उम्मीद के मुताबिक है, जिससे सप्लाई को लेकर किसी तरह की बाधा नहीं है.

ISMA द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 31 मार्च तक चीनी उत्पादन 87.5 लाख टन तक पहुंच गया है. इसके बाद महाराष्ट्र में 80.06 लाख टन, कर्नाटक में 39.55 लाख टन, गुजरात में 8.21 लाख टन और तमिलनाडु में 4.16 लाख टन चीनी उत्पादन रिकॉर्ड किया गया है. वहीं, बाकी 28.13 लाख टन का श्रेय दूसरे राज्यों को दिया जाता है.
ISMA के बयान के अनुसार, डेटा में वह चीनी शामिल नहीं है, जिसे इथेनॉल उत्पादन के लिए डायवर्ट किया गया है. ISMA ने पहले कहा था कि 12 मार्च, 2025 को इसकी कार्यकारी समिति द्वारा गहन समीक्षा के बाद, इथेनॉल उत्पादन के लिए 35 लाख टन डायवर्ट करने के बाद शुद्ध चीनी उत्पादन अनुमान को संशोधित कर 264 लाख टन कर दिया गया था.

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ISMA ने कहा है कि वह अनुकूल मौसम की स्थिति और बेहतर रोपण के कारण आगामी 2025-26 सत्र को लेकर आशावादी है. 2024 के मानसून ने विशेष रूप से महाराष्ट्र और कर्नाटक में गन्ना रोपण को बढ़ावा दिया है, जिससे अक्टूबर 2025 में पेराई सत्र की समय पर शुरुआत के लिए मंच तैयार हो गया है. उत्तर प्रदेश और दूसरे उत्तरी राज्यों में, गन्ने की किस्मों को बदलने के प्रयास पहले से ही आशाजनक परिणाम दिखा रहे हैं.

चालू सीजन में 10 लाख टन निर्यात की अनुमति
ISMA ने आगे कहा कि भारत सरकार द्वारा 20 जनवरी, 2025 को घोषित हालिया निर्णय, जिसमें चालू सीजन के लिए 10 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति दी गई है, से उद्योग को काफी लाभ हुआ है. इस नीति ने मिल मालिकों को वित्तीय स्थिरता प्रदान करते हुए घरेलू चीनी स्टॉक को संतुलित करने में मदद की है. साथ ही समय पर निर्यात ने मिलों को तय समय पर भुगतान करने की अनुमति दी है, जिससे 5.5 करोड़ किसानों और उनके परिवारों को लाभ हुआ है.
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