चीनी उत्पादन 15% घटकर लगभग 27-27.2 मिलियन टन होने का अनुमान

SUGAR

गन्ने में जल्दी फूल आने और प्रमुख राज्यों में कम पैदावार के कारण 2024-25 सीज़न के लिए भारत का चीनी उत्पादन 15% घटकर लगभग 27-27.2 मिलियन टन होने का अनुमान है. मौसम में बदलाव और फसल संक्रमण के कारण हुई इस गिरावट से स्टॉक और बिक्री दर पर असर पड़ने की उम्मीद है.

दुनिया के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक देश भारत में चीनी उत्पादन सितंबर में समाप्त होने वाले चालू 2024-25 सत्र में 15% घटकर 2.7-2.72 करोड़ टन रहने का अनुमान है.  राष्ट्रीय सहकारी चीनी कारखाना संघ लिमिटेड (NFCSFL) ने 2024-25 सत्र के लिए एथेनॉल उत्पादन  के लिए डायवर्जन के बाद 2.7 करोड़ टन यानी चीनी उत्पादन कम रहने का अनुमान लगाया है, जबकि पिछले वर्ष यह उत्पादन 3.19 करोड़ टन रहा था.

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक़ भारतीय चीनी और जैव ऊर्जा विनिर्माता संघ (ISMA) ने भी शुक्रवार को जारी अपने दूसरे अनुमान में 2024-25 सत्र के लिए चीनी उत्पादन घटकर 2.72 करोड़ टन रहने का अनुमान लगाया है. रिपोर्ट के मुताबिक़ तीनों प्रमुख उत्पादक राज्यों – उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक में उत्पादन घटने की संभावना है.

ये भी पढ़ें – Budget 2025: Kisan Credit Card की लिमिट बढ़ाकर ₹5 लाख की गई

NFCSFL के आंकड़ों के अनुसार, 31 जनवरी तक चीनी उत्पादन 1.65 करोड़ टन तक पहुंच गया है, जो पिछले साल की समान अवधि के 1.87 करोड़ टन से कम है. दोनों उद्योग निकायों ने चीनी उत्पादन में संभावित गिरावट के लिए मौसम चक्र में बदलाव के कारण महाराष्ट्र और कर्नाटक में गन्ने में जल्दी फूल आने को जिम्मेदार ठहराया है.

ISMA के मुताबिक़ उत्तर प्रदेश में गन्ने की पैदावार और चीनी की प्राप्ति दर पिछले साल की तुलना में कम है, जिसका मुख्य कारण व्यापक रूप से लाल सड़न संक्रमण और विभिन्न प्रकार के प्रतिस्थापन है. इसी तरह, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे दो अन्य प्रमुख राज्यों में दक्षिण-पश्चिम मानसून व मानसून के बाद अधिक वर्षा से कई गन्ना उत्पादक क्षेत्रों में जल्दी फूल आने के कारण गन्ना उपज कम मिल रही है.

NFCSFL के अध्यक्ष हर्षवर्धन पाटिल ने कहा कि इन कारणों से, सत्र के अंत तक शुरू में अपेक्षित चीनी उत्पादन में कमी आ सकती है. उन्होंने कहा कि इन दोनों राज्यों में मिलों का पेराई सत्र भी अपेक्षा से पहले समाप्त होने की संभावना है. ISMA ने इस वर्ष 30 सितंबर तक 62.5 लाख टन का पहले का बचा जमा भंडार रहने का अनुमान लगाया है. 

ये देखें –

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *