केंद्र सरकार ने कालाबाजारी, जमाखोरी, घटिया खाद बेचने और खाद डायवर्जन जैसे मामलों में सख्त कार्रवाई करते हुए देशभर में 5,835 से ज्यादा लाइसेंस रद्द किए और 649 FIR दर्ज की हैं। मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने बताया कि डीलरों की गड़बड़ियों पर राज्य सरकारों को कार्रवाई करनी चाहिए। सरकार ने कहा कि खाद की सप्लाई समय पर भेजी जा रही है, लेकिन कई डीलर जमाखोरी कर रहे हैं। किसानों से जबरन अतिरिक्त सामान खरीदवाने की शिकायतों पर भी सरकार कदम उठाएगी।
केंद्र सरकार ने बताया कि कालाबाजारी, जमाखोरी, घटिया खाद बेचने और अनियमितताओं के मामलों में पूरे देश में 5,371 खाद कंपनियों और डीलरों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं। यह जानकारी केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने राज्यसभा में दी।उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों को पूरी छूट है कि वे जमाखोरी, ज्यादा कीमत वसूलने और घटिया खाद बेचने पर सख्त कार्रवाई करें। केंद्र सरकार भी आवश्यक वस्तु अधिनियम और उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत गलत काम करने वालों पर कार्रवाई करती है।
अब तक की कार्रवाई
मंत्री ने बताया कि अब तक कालाबाजारी के मामलों में 5,058 कारण बताओ नोटिस, 442 FIR, 3,732 लाइसेंस रद्द किए गए हैं। जमाखोरी के मामलों में 687 नोटिस, 202 लाइसेंस रद्द, 446 FIR हुआ है। वहीं घटिया खाद बेचने के मामलों में 3,811 नोटिस, 1,437 लाइसेंस रद्द, 65 FIR दर्ज किया गया है।जबकि खाद डायवर्जन (खाद को गलत जगह भेजना) के मामलों में 3,058 नोटिस, 464 लाइसेंस रद्द, 96 FIR हुआ है। कुल मिलाकर पिछले सात महीनों में 12,814 नोटिस, 5,835 लाइसेंस रद्द, और 649 FIR दर्ज हुईं।
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सरकार की चिंता
मंत्री नड्डा ने बताया कि केंद्र राज्यों को पर्याप्त खाद भेज रहा है और इसकी निगरानी ऑनलाइन की जा रही है। लेकिन कई जगह डीलर जमाखोरी कर रहे हैं, जिस पर कार्रवाई राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसानों की जरूरत से ज्यादा खाद उठाने पर भी नियंत्रण जरूरी है।
किसानों की शिकायत पर भी चर्चा
सांसद किरण चौधरी ने कहा कि कई बार डीलर किसानों को खाद के साथ अतिरिक्त सामान खरीदने के लिए मजबूर करते हैं। इस पर नड्डा ने कहा कि मंत्रालय इस मुद्दे पर कंपनियों और डीलरों से बातचीत करेगा ताकि किसानों को कोई दिक्कत न हो।
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