कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर पीएसएस के तहत चना की तुरंत खरीद की मांग की है। उनका कहना है कि एमएसपी से कम दाम मिलने से किसान संकट में हैं और समय पर सरकारी खरीद से उन्हें राहत मिल सकती है।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत चना (बंगाल चना) की तुरंत खरीद शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि बाजार में चने के दाम एमएसपी से काफी नीचे चल रहे हैं, जिससे राज्य के लाखों किसान आर्थिक संकट में हैं।इस मामले में सिद्धारमैया ने पीएम मोदी को एक खास चिट्ठी लिखी है और उनसे किसानों के हित में तुरंत हस्तक्षेप करने की बड़ी अपील की है।
कर्नाटक में चने की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने बताया कि चना कर्नाटक की प्रमुख दलहन फसलों में से एक है। राज्य में इसकी खेती करीब 9.24 लाख हेक्टेयर में होती है और अनुमानित उत्पादन 6.27 लाख मीट्रिक टन है। धारवाड़, गडग, बेलगावी, विजयपुरा, कलबुर्गी, बीदर, रायचूर समेत कई जिलों के किसान चने की खेती पर निर्भर हैं।
एमएसपी से कम मिल रहे दाम
केंद्र सरकार ने रबी सीजन 2026–27 के लिए चने का एमएसपी 5,875 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, लेकिन कर्नाटक की मंडियों में किसान इससे काफी कम दाम पर चना बेचने को मजबूर हैं। मंडियों में कीमतें 4,260 से 5,813 रुपये प्रति क्विंटल के बीच चल रही हैं। कई जगह किसानों को एमएसपी से 800 से 1,200 रुपये कम दाम मिल रहे हैं।
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कीमतें और गिरने का डर
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनवरी से मार्च के बीच फसल की आवक बढ़ेगी, जिससे चने के दाम और गिर सकते हैं। इससे ग्रामीण इलाकों में किसानों की परेशानी और बढ़ने की आशंका है। सिद्धारमैया ने केंद्र सरकार से मांग की है कि पीएसएस के तहत तुरंत चना खरीद को मंजूरी दी जाए और NAFED व NCCF जैसी केंद्रीय एजेंसियों को कर्नाटक में जल्द से जल्द खरीद केंद्र खोलने के निर्देश दिए जाएं।
राज्य सरकार पूरी तरह तैयार
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने सभी जरूरी अधिसूचनाएं जारी कर दी हैं और एजेंसियों को नामित कर दिया गया है। किसान पंजीकरण, भंडारण, परिवहन और करों में छूट जैसी सुविधाएं देने के लिए भी राज्य सरकार तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसपी पर खरीद किसानों की आय और सम्मान से जुड़ा मामला है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
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