पंजाब सरकार ने विधानसभा में वर्ष 2025-26 के लिए अपना बजट पेश किया. इस बजट में पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने राज्य के लोगों के लिए कई बड़ी घोषणाएं की. इसमें किसानों के लिए भी कई बड़ी घोषणाएं की गई. वित्त मंत्री ने कहा कि हमने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कृषि के बजट में पांच फीसदी की बढ़ोत्तरी की है. आपको बता दें कि बजट में कृषि के लिए 14,524 करोड़ रुपये रखे गए हैं. किसानों को बिजली सब्सिडी में भी इजाफा किया गया है.
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि इस बजट का मुख्य उद्देश्य पंजाब को एक नई दिशा में लेकर जाना है, और इसे ‘बदलता पंजाब’ की थीम पर पेश किया गया है. विपक्ष पर निशाना साधते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब के लोग भूले नहीं है की कैसे उन्हें कांग्रेस बीजेपी अकाली सरकारों में लंबे लंबे पावर कट्स से गुज़रना पड़ता था. किसानों को खेतों में पानी देने के लिए रात-रात भर जागना पड़ता था. कांग्रेस, बीजेपी और अकाली सरकारों ने कभी भी पॉवर इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारने पे ध्यान नहीं दिया, बल्कि बत्ती गुल पंजाब बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी.
ये भी पढ़ें – केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा ‘टेक्नालॉजी को लैब टू लैंड पहुंचाने पर हमारा फोकस’
पराली प्रबंधन पर ध्यान
उन्होंने बताया कि बजट में किसानों के लिए बिजली सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया है, जिसके लिए 9992 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है. बजट में पराली प्रबंधन पर भी ध्यान दिया गया है. फसल अवशेष प्रबंधन के लिए सरकार ने पांच सौ करोड़ रुपये का प्रावधान रखा है. इसके अलावा पशुओं की सेहत को ध्यान में रखते हुए 704 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है.
गन्ने का खरीद मूल्य 401 रुपये प्रति क्विंटल
वित्त मंत्री हरपाल सिंह ने बताया कि गन्ने का खरीद मूल्य 401 रुपये प्रति क्विंटल रहेगा, जो पूरे देश में सबसे अधिक है. इसके लिए 250 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. इसके अलावा मक्के की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए पंजाब के तीन जिलों में मक्का उगाने वाले किसानों को 17500 प्रति हेक्टेयर मिलेगा. इसके साथ ही दूध उत्पादकों को सहायता देने के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है.
अन्य घोषणाएं
पंजाब में वाटर सप्लाई और सेनिटेशन के लिए 1614 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है. इसके अलावा, 176 गांवों में पाइपों के जरिए पानी आपूर्ति की जाएगी. पंजाब सरकार ने महिलाओं को बसों में मुफ्त सफर के लिए 450 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. वित्त मंत्री ने 268 करोड़ रुपये का बजट स्वास्थ्य इंश्योरेंस और इलाज सुविधाओं के लिए आवंटित किया. 65 हजार परिवारों को स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत कवर किया जाएगा और बीमा कवर 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये किया गया है .
ये देखें –