संसदीय समिति ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग का बजट बढ़ाने और अनुसंधान संस्थानों में खाली पद जल्दी भरने की मांग की है, ताकि योजनाओं का असर बेहतर हो सके।
संसद की कृषि, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण संबंधी स्थायी समिति ने सरकार से कहा है कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के बजट में बढ़ोतरी की जाए, ताकि कृषि को उसका सही महत्व और हिस्सेदारी मिल सके। समिति का कहना है कि इससे चल रही योजनाओं को बड़े स्तर पर लागू करना आसान होगा और उनका असर जमीन पर साफ दिखाई देगा।
संस्थानों में खाली पद भरने की माँग
समिति ने यह भी मांग की है कि कृषि अनुसंधान संस्थानों में खाली पदों को जल्दी भरा जाए। रिपोर्ट में कहा गया है कि समय पर भर्ती न होने से रिसर्च संस्थानों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है, इसलिए रिक्त पद भरना बेहद जरूरी है।
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सरकार का जवाब
सरकार ने समिति को बताया कि भर्ती और पदोन्नति के जरिए खाली पद भरे जा रहे हैं और यह एक सतत प्रक्रिया है। सेवानिवृत्ति और कार्यकाल पूरा होने की निगरानी कर पहले से ही भर्ती एजेंसियों को मांग भेजी जाती है।
बजट 1.73 प्रतिशत बढ़ाकर 1.17 लाख करोड़ रुपये किया
बजट को लेकर सरकार ने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग का बजट 1.73 प्रतिशत बढ़ाकर 1.17 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। मंत्रालय के अनुसार, बजट आवंटन योजनाओं की जरूरत, पिछले खर्च, विभाग की क्षमता और सरकार की कुल वित्तीय स्थिति को देखते हुए तय किया जाता है।
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