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अरहर की खेती में छोटा बदलाव

अरहर की खेती में छोटा बदलाव, 20% तक बढ़ेगी पैदावार

इक्रिसैट के अनुसार अरहर (तूर) की खेती में अगर सीधे बुवाई की बजाय नर्सरी में पौधे तैयार कर रोपाई की जाए, तो पैदावार करीब 20% तक बढ़ सकती है। इससे प्रति हेक्टेयर उत्पादन 2.5 टन से बढ़कर लगभग 3 टन हो जाता है। यह तरीका पौधों को मजबूत बनाता है, फसल की अवधि 12–18 दिन कम करता है और अनियमित बारिश व सूखे के खतरे को घटाकर किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद करता है।

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सिगरेट टैक्स बढ़ोतरी से किसान परेशान

नीलामी पर संकट, FCV तंबाकू किसानों ने सरकार को बताई परेशानी

एफसीवी तंबाकू किसानों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर कानूनी सिगरेट पर टैक्स कम करने की मांग की। किसानों का कहना है कि टैक्स बढ़ने से खपत घटेगी, दाम गिरेंगे और नीलामी प्रणाली प्रभावित होगी, जिससे किसानों को नुकसान होगा। वित्त मंत्री ने किसानों की चिंताओं पर विचार करने और रेवेन्यू न्यूट्रल रुख अपनाने का आश्वासन दिया है।

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MSP

कर्नाटक में 1.01 लाख टन चना MSP पर खरीदेगा केंद्र

केंद्र सरकार ने कर्नाटक में रबी 2026–27 सीजन के लिए 1.01 लाख टन चना MSP पर खरीदने की मंजूरी दी है, जिसका MSP 5,875 रुपये प्रति क्विंटल है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य सरकार से पूरी मात्रा की खरीद सुनिश्चित करने को कहा और पिछली फसलों की अधूरी खरीद पर नाराज़गी जताई। वहीं, देश में इस रबी सीजन में चना की खेती का रकबा 5 प्रतिशत बढ़ा है, जिसमें राजस्थान, मध्य प्रदेश और कर्नाटक आगे हैं।

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SAP पर 68.50 रुपये प्रति क्विंटल सब्सिडी मंजूर

पंजाब में गन्ना किसानों को बड़ी राहत, SAP पर 68.50 रुपये प्रति क्विंटल सब्सिडी मंजूर

पंजाब मंत्रिमंडल ने गन्ना किसानों के लिए एसएपी पर 68.50 रुपये प्रति क्विंटल की सीधी सब्सिडी को मंजूरी दी है, जिससे राज्य देश में गन्ने की सबसे ऊंची कीमत देने वाला बन गया है। इसके साथ ही, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (JICA) के साथ मिलकर बागवानी क्षेत्र को मजबूत करने का फैसला किया है, ताकि किसानों की आय बढ़ाई जा सके।

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नकली कीटनाशकों की ऑनलाइन बिक्री पर लगाम की मांग

नकली कीटनाशकों की ऑनलाइन बिक्री पर लगाम की मांग, सरकार से उद्योग की अपील

कीटनाशक उद्योग ने सरकार से मांग की है कि पेस्टिसाइड मैनेजमेंट बिल, 2025 में ऐसे सख्त और स्पष्ट नियम हों, जिससे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर नकली कीटनाशकों की बिक्री रोकी जा सके। उद्योग का कहना है कि बिना लाइसेंस गोदामों और कमजोर निगरानी के कारण किसानों तक नकली उत्पाद पहुंच रहे हैं, जो फसल और सुरक्षा के लिए खतरा हैं। यह मांग मुनाफे से ज्यादा किसानों की सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और उत्पादों की सही पहचान सुनिश्चित करने के लिए की गई है।

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ई-रेडिएशन सेंटर से बढ़ा निर्यात और रोजगार

किसानों से लेकर महिलाओं तक को फायदा, ई-रेडिएशन सेंटर से बढ़ा निर्यात और रोजगार

पटना के बिहटा में बने बिहार के पहले ई-रेडिएशन सेंटर से राज्य के फल-सब्जियों के निर्यात को नई रफ्तार मिली है। इस तकनीक से आम, लीची, केला, मखाना और आलू जैसे कृषि उत्पाद बैक्टीरिया और कीटों से मुक्त होकर 3 से 6 महीने, कुछ मामलों में एक साल तक सुरक्षित रह सकते हैं। इससे बिहार के उत्पाद अब सीधे खाड़ी देशों, जापान और नेपाल जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहुंच रहे हैं। इस पहल से किसानों को बेहतर दाम, निर्यात में नुकसान कम और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

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मिथिला मखाना

कृषि निर्यात में बिहार की बड़ी कामयाबी, मिथिला मखाना पहुंचा दुबई

बिहार से पहली बार जीआई-टैग मिथिला मखाना का समुद्री मार्ग से दुबई को निर्यात किया गया है। पूर्णिया जिले से भेजी गई 2 मीट्रिक टन की यह खेप कृषि निर्यात में ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे किसानों को बेहतर दाम, नए बाजार और बिहार की वैश्विक पहचान को मजबूती मिलेगी।

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25–27 फरवरी 2026 को IARI

25–27 फरवरी को IARI में लगेगा पूसा कृषि विज्ञान मेला 2026, महिला किसानों पर विशेष फोकस

25–27 फरवरी 2026 को IARI, नई दिल्ली में पूसा कृषि विज्ञान मेला 2026 आयोजित होगा। मेला “विकसित कृषि – आत्मनिर्भर भारत” थीम पर और अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष 2026 के तहत आयोजित किया जा रहा है। इसमें नई कृषि तकनीक, योजनाएं, नवाचार, फसल प्रदर्शन और पूसा बीज उपलब्ध होंगे। सभी किसान और कृषि से जुड़े लोग यहाँ जा सकते हैं।

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10 साल में 26% बढ़ी बागवानी,

खेती में बदलाव की कहानी: 10 साल में 26% बढ़ी बागवानी, अनाज पीछे क्यों छूटा?

पिछले 10 सालों में देश में बागवानी फसलों का रकबा 26% बढ़ा है, जबकि अनाज की खेती की रफ्तार धीमी रही। बेहतर दाम, ज्यादा आमदनी और लोगों की बदलती खानपान आदतों के कारण किसान तेजी से फल और सब्ज़ियों की खेती की ओर बढ़ रहे हैं। इससे खेती का रुझान अब उच्च मूल्य वाली फसलों की तरफ साफ दिखने लगा है।

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छत्तीसगढ़ के PSS प्रस्तावों को मंजूरी

रबी 2025–26: चना-मसूर-सरसों की MSP पर खरीद को हरी झंडी, छत्तीसगढ़ के PSS प्रस्तावों को मंजूरी

केंद्र सरकार ने रबी 2025–26 के लिए छत्तीसगढ़ के PSS प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। इसके तहत चना, मसूर और सरसों की MSP पर खरीद होगी। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य की कृषि तैयारियों की सराहना की। इससे किसानों को उचित दाम मिलेगा और उनकी आय बढ़ेगी।

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