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मध्यप्रदेश के केले के गढ़ बुरहानपुर के किसान राजेंद्र गंभीर पाटिल हमेशा से केले की खेती करते आ रहे हैं। केले के साथ वो तरबूज की सहफसली खेती भी करते हैं।

साइंस-बेस्ड इंटरक्रॉपिंग: तरबूज से लागत निकाली, केला शुद्ध मुनाफा, टर्नओवर 60 लाख रुपये

मध्यप्रदेश के केले के गढ़ बुरहानपुर के किसान राजेंद्र गंभीर पाटिल हमेशा से केले की खेती करते आ रहे हैं। केले के साथ वो तरबूज की सहफसली खेती भी करते हैं। नई तकनीक से खेती कर रहे इस किसान का टर्नओवर 45-60 लाख रुपये का है। भारत दुनिया का सबसे ज्यादा केले का उत्पादन करने…

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ICAR

ICAR ने लॉन्च की हाई-यील्ड काजू किस्म—भास्करा

कर्नाटक के तटीय इलाकों के लिए विकसित की गई काजू की नई किस्म “भास्करा” ज्यादा उपज देने वाली और कीट-रोधी है। यह टी मच्छर कीट के मध्यम प्रकोप से बचती है, मध्यम आकार के दाने देती है और एक पेड़ से 10 किलो से ज्यादा उत्पादन करती है। ICAR-पुत्तूर द्वारा विकसित यह किस्म स्थानीय किसानों के लिए बेहतर और लाभदायक विकल्प मानी जा रही है।

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PM किसान योजना

PM किसान योजना: किस्त न मिलने पर क्या करें?

पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जारी कर दी गई, जिसके तहत 9 करोड़ किसानों के खातों में 18 हजार करोड़ रुपये भेजे गए। लेकिन कई किसानों के खाते में किस्त नहीं पहुंची है। जानिए इसकी क्या वजह हो सकती है, इसका समाधान कैसे करें, और किसान अपनी समस्या के लिए कहाँ संपर्क कर सकते हैं?

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पीएम मोदी

प्राकृतिक खेती में भारत बनेगा लीडर: पीएम मोदी

कोयंबटूर में प्राकृतिक खेती सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत प्राकृतिक खेती में दुनिया का नेतृत्व करने की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने 9 करोड़ किसानों को पीएम किसान की 21वीं किस्त जारी की। पीएम ने युवाओं द्वारा तकनीकी करियर छोड़कर खेती अपनाने की तारीफ की और बताया कि प्राकृतिक खेती लागत कम करती है, मिट्टी को स्वस्थ बनाती है और किसानों की आय बढ़ाती है। सम्मेलन 19–21 नवंबर तक चल रहा है, जिसमें दक्षिण भारत के हजारों किसान और विशेषज्ञ शामिल हैं।

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ज्यादा पैदावार और कम बीमारी वाली खास किस्म

Purvansh मटर: ज्यादा पैदावार और कम बीमारी वाली खास किस्म

पूर्वांश (IPFD 18-3) फील्ड मटर की एक नई किस्म है जो जल्दी तैयार होती है, ज्यादा पैदावार देती है और कई जरूरी बीमारियों के प्रति काफी प्रतिरोधी है। इसमें प्रोटीन भी ज्यादा होता है और यह बिहार, झारखंड, असम, बंगाल और पूर्वी यूपी के किसानों के लिए उपयुक्त है।

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केंद्र का बड़ा फैसला

केंद्र का बड़ा फैसला, MSP पर होगी मूंगफली, सोयाबीन और प्याज की सरकारी खरीद

दलहन, तिलहन और प्याज के गिरते दामों से किसानों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश और राजस्थान में मूंगफली, प्याज, मूंग, उड़द और सोयाबीन जैसी फसलों की सरकारी खरीद मंजूर की है। कुल 9,700 करोड़ रुपये से ज्यादा मूल्य की उपज खरीदी जाएगी। आंध्र में मूंगफली और प्याज, जबकि राजस्थान में चार फसलों की रिकॉर्ड खरीद होगी।

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यूपी सरकार

यूपी सरकार दे रही है मोटे अनाज से जुड़े बिजनेस पर बड़ा अनुदान

यूपी सरकार मोटे अनाज (मिलेट्स) के बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए किसानों, एफपीओ और उद्यमियों को भारी अनुदान दे रही है। प्रसंस्करण व मार्केटिंग सेंटर के लिए 47.50 लाख तक, मोबाइल आउटलेट के लिए 10 लाख और मिलेट्स स्टोर के लिए 20 लाख रुपये की सहायता मिलेगी। आवेदन 5 दिसंबर तक कृषि विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन किए जा सकते हैं।

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एथेनॉल रेट और शक्कर MSP बढ़ाने की मांग तेज

एथेनॉल रेट और शक्कर MSP बढ़ाने की मांग तेज, सरकार कर रही समीक्षा

सरकार शक्कर उद्योग की मांग पर शक्कर MSP बढ़ाने पर विचार कर रही है, क्योंकि लागत अब 40 रुपये/किलो तक पहुँच गई है। मिलें एथेनॉल कीमत बढ़ाने की भी मांग कर रही हैं, क्योंकि मौजूदा दरों पर नुकसान हो रहा है। सरकार पहले 15 लाख टन निर्यात के असर को देखकर MSP पर फैसला करेगी।

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PMFBY में बड़े बदलाव

PMFBY में बड़े बदलाव: जंगली जानवरों से होने वाला फसल नुकसान भी अब बीमा में शामिल

सरकार ने PMFBY में बड़ा बदलाव करते हुए जंगली जानवरों से होने वाला फसल नुकसान और धान में जलभराव को दोबारा बीमा कवर में शामिल किया है। ये नियम खरीफ 2026 से लागू होंगे। किसान 72 घंटे में ऐप पर फोटो के साथ दावा कर सकेंगे। इससे छोटे किसानों और बाढ़ प्रभावित राज्यों के धान किसानों को सीधी राहत मिलेगी।

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सीड्स बिल

सरकारी ड्राफ्ट सीड्स बिल पर विवाद, क्या बदल जाएगा किसानों और बीज कंपनियों के लिए?

भारत सरकार के नए ड्राफ्ट सीड्स बिल में विदेशी संस्थाओं को बीजों के ट्रायल और सर्टिफिकेशन की अनुमति देने का प्रस्ताव है। सरकार का कहना है कि इससे बीजों की मंजूरी तेज होगी और किसानों तक नए बीज जल्दी पहुंचेंगे। ICAR की भूमिका भी बनी रहेगी।लेकिन अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS) ने इसका विरोध किया है। उनका कहना है कि इससे बड़ी विदेशी और घरेलू कंपनियों का दबदबा बढ़ेगा और बीज महंगे हो सकते हैं।

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