केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संसद में बताया कि जलवायु परिवर्तन से महाराष्ट्र के किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। सरकार NICRA और फसल बीमा जैसी योजनाओं के जरिए मदद दे रही है। अब तक 11 लाख किसानों को लाभ और ₹26,000 करोड़ से अधिक बीमा राशि दी गई है। फसल नुकसान होने पर SDRF और NDRF से भी सहायता मिलेगी।
लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि भारत में जलवायु परिवर्तन (Climate Change) अब खेती के लिए सबसे बड़ी समस्या बन रहा है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र उन राज्यों में से है जहां इसका असर सबसे अधिक दिखाई दे रहा है।
NICRA नाम की योजना शुरू की
सरकार ने महाराष्ट्र के कई जिलों में NICRA नाम की योजना शुरू की है। इस योजना का मकसद यह पता लगाना है कि बदलते मौसम, कम बारिश, सूखा और तापमान बढ़ने से फसलों पर क्या असर हो रहा है।
महाराष्ट्र के ये जिलें सबसे ज्यादा प्रभावित
मंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र के नांदेड़ और नंदुरबार को सबसे ज्यादा जोखिम वाले जिले माना गया है। इसके अलावा अकोला, वर्धा, चंद्रपुर, जालना, अहमदनगर, लातूर और उस्मानाबाद जैसे जिलों को भी अधिक जोखिम वाला बताया गया है।इनमें से छह जिलों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू हो चुके हैं। इस योजना में किसानों को पानी बचाने और बेहतर खेती करने की तकनीकें दी जा रही हैं, जैसे सामुदायिक तालाब, पानी जमा करने के कुएं, माइक्रो इरिगेशन (कम पानी से सिंचाई), मल्चिंग और उन्नत बीज किस्में।सरकार सोयाबीन और चना की नई किस्मों पर भी काम कर रही है।
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11 लाख किसानों को मिला फायदा
मंत्री ने बताया कि सरकार की योजनाओं से महाराष्ट्र में अब तक 11 लाख किसानों को सीधा फायदा मिला है और 11.25 लाख हेक्टेयर जमीन कवर की गई है। इसके लिए अब तक केंद्र सरकार ₹3,000 करोड़ से ज्यादा दे चुकी है।
फसल खराब होने पर मदद
उन्होंने कहा कि अगर बारिश, सूखा, ओलावृष्टि या अन्य प्राकृतिक घटनाओं से किसी किसान की 33% से ज्यादा फसल खराब होती है, तो उन्हें SDRF और NDRF फंड से मदद दी जाएगी।प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत महाराष्ट्र के किसानों को अभी तक ₹26,342 करोड़ बीमा राशि दी जा चुकी है। अगर बीमा कंपनियां भुगतान में देरी करती हैं, तो उन्हें 12% ब्याज देना होगा।
सरकार का आश्वासन
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वे खुद महाराष्ट्र का दौरा कर चुके हैं और केंद्र तथा राज्य सरकार मिलकर किसानों की मदद कर रही हैं। लक्ष्य यह है कि बदलते मौसम के बावजूद महाराष्ट्र की खेती सुरक्षित और टिकाऊ बनी रहे।
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