इस साल देश में चीनी उत्पादन में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद है। ISMA की रिपोर्ट के अनुसार, 2025-26 सीजन में शुद्ध चीनी उत्पादन 18.5% बढ़कर 30.95 मिलियन टन तक पहुंच सकता है। महाराष्ट्र में 39%, कर्नाटक में 16%, और उत्तर प्रदेश में हल्की बढ़ोतरी की संभावना है।बेहतर बारिश, बढ़े हुए क्षेत्रफल और हाईटेक खेती की वजह से उत्पादन में सुधार हुआ है।
देश में गन्ने की फसल इस बार किसानों और चीनी मिलों दोनों के लिए खुशखबरी लेकर आई है। भारतीय चीनी एवं जैव ऊर्जा उत्पादक संघ (ISMA) की नई रिपोर्ट के मुताबिक, 2025-26 सीजन में देश का शुद्ध चीनी उत्पादन करीब 30.95 मिलियन टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल से लगभग 18.5% ज्यादा है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बार भी करीब 3.4 मिलियन टन चीनी एथनॉल उत्पादन के लिए डायवर्ट होगी, लेकिन इसके बावजूद कुल उत्पादन में इजाफा देखने को मिलेगा। इसका सबसे बड़ा कारण महाराष्ट्र में शानदार पैदावार और बढ़ा हुआ गन्ना क्षेत्रफल है।
महाराष्ट्र में रिकॉर्ड तोड़ उत्पादन की उम्मीद
इस बार महाराष्ट्र में गन्ने का क्षेत्रफल 13.82 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 14.71 लाख हेक्टेयर हो गया है। अच्छी बारिश और सिंचाई की सुविधा के चलते राज्य में करीब 39% ज्यादा चीनी उत्पादन की संभावना है। यानी पिछले साल के 9.35 मिलियन टन से बढ़कर लगभग 13 मिलियन टन तक पहुंच सकता है।
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उत्तर प्रदेश में स्थिर लेकिन बेहतर हालात
उत्तर प्रदेश में गन्ने का क्षेत्रफल भले ही थोड़ा घटकर 22.57 लाख हेक्टेयर रह गया है, लेकिन फसल की स्थिति पहले से बेहतर बताई जा रही है। बेहतर किस्मों, समय पर देखरेख और मिल-स्तरीय काम की वजह से यहां का उत्पादन 10.32 मिलियन टन तक पहुंच सकता है।
कर्नाटक में भी 16% बढ़त का अनुमान
कर्नाटक में गन्ने की खेती 6% बढ़कर 6.8 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है। बेहतर मौसम और पानी की उपलब्धता के चलते यहां चीनी उत्पादन में 16% तक बढ़ोतरी की उम्मीद जताई गई है।
स्टॉक और निर्यात की स्थिति
ISMA का कहना है कि देश में पर्याप्त चीनी स्टॉक मौजूद है, जिससे भारत इस सीजन में करीब 2 मिलियन टन चीनी निर्यात कर सकता है। संगठन ने सरकार से जल्द निर्यात नीति घोषित करने की मांग की है ताकि मिलें अपनी उत्पादन रणनीति तय कर सकें।
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