भारत सरकार ने ट्रंप के उस बयान पर पलटवार किया है जिसमें वे कह रहे थे कि भारत अमेरिका में चावल डंप करता है ऐसे में वे एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने पर विचार कर सकते हैं। इसके जवाब में कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने कहा है कि भारत की तरफ से अमेरिका में चावल डंप करने का कोई मामला है ही नहीं क्योंकि वे ज्यादातर बासमती चावल एक्सपोर्ट करता हैं जो एक महंगी वैरायटी है।
अपने एक बयान में अग्रवाल ने सोमवार को कहा कि हम US को ज्यादातर बासमती चावल एक्सपोर्ट करते हैं जो एक GI प्रोडक्ट है। हमारे चावल एक्सपोर्ट का 80 परसेंट से ज्यादा बासमती चावल है। हम बहुत कम नॉन-बासमती सफेद चावल एक्सपोर्ट करते हैं। US में हमारे बासमती चावल के एक्सपोर्ट प्राइस आम एक्सपोर्ट प्राइस के मुकाबले बहुत ज्यादा हैं। इसलिए पहली नजर में US में डंपिंग का कोई मामला नहीं है।
कॉमर्स सेक्रेटरी ने कहा कि यूएस ने भारत के खिलाफ कोई डंपिंग जांच शुरू नहीं की है। इस महीने की शुरुआत में यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में खेती और एग्रीकल्चर सेक्टर के रिप्रेजेंटेटिव के साथ एक राउंडटेबल में कहा था कि वह भारत, थाईलैंड और चीन समेत उन देशों पर एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने पर विचार कर सकते हैं, जिन पर यूएस में कथित तौर पर चावल डंप करने का आरोप है। चावल की कथित डंपिंग पर कुछ किसान प्रतिनिधियों की शिकायतों का जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा कि वह इसका ध्यान रखेंगे और टैरिफ से समस्या आसानी से हल हो जाएगी।
भारतीय चावल पर पहले से ही अमरिका में 50 फीसदी का एक्स्ट्रा टैरिफ लगा है जो इस साल अगस्त में लगाया गया था। दोनों देश टैरिफ से निपटने के लिए एक बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत कर रहे हैं।