WHO सम्मेलन से बाहर किए गए भारत के तंबाकू किसान, FAIFA ने जताई नाराजगी

WHO सम्मेलन से बाहर किए गए भारत के तंबाकू किसान

FAIFA (Federation of All India Farmer Associations) ने WHO के तंबाकू नियंत्रण सम्मेलन (COP11) से बाहर किए जाने पर नाराजगी जताई है। संगठन का कहना है कि करोड़ों तंबाकू किसान और कामगारों की आजीविका पर असर डालने वाले फैसले उनकी बात सुने बिना लिए जा रहे हैं। FAIFA ने कहा कि WHO का यह कदम भेदभावपूर्ण है, जबकि FCTC समझौते में खुद किसानों की आजीविका की रक्षा और वैकल्पिक खेती को बढ़ावा देने की बात कही गई है। भारत दुनिया के सबसे बड़े तंबाकू उत्पादक देशों में से एक है, जहां 3.6 करोड़ लोग इस उद्योग से जुड़े हैं।

भारत के तंबाकू किसानों के संगठन FAIFA (Federation of All India Farmer Associations) ने सोमवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) पर नाराजगी जताई है। FAIFA ने कहा कि WHO की तंबाकू नियंत्रण पर होने वाली बड़ी कॉन्फ्रेंस में किसानों को शामिल न करना गलत है, क्योंकि यह बैठक ऐसे फैसले लेगी जो सीधे किसानों की रोजी-रोटी से जुड़े हैं।

‘किसान समस्या नहीं हैं’
रिपोर्ट के मुताबिक FAIFA के अध्यक्ष पी.एस. मुरली बाबू ने कहा, “किसान समस्या नहीं हैं, बल्कि वे उन नीतियों के शिकार हैं जो उनके बिना बात किए बना दी जाती हैं। यह बहुत दुख की बात है कि COP11 कॉन्फ्रेंस एक बार फिर किसानों के लिए अपने दरवाज़े बंद कर रही है।”

11वीं बैठक 17 नवंबर को
इस बार WHO की Framework Convention on Tobacco Control (FCTC) की 11वीं बैठक 17 नवंबर को होने वाली है। लेकिन FAIFA का कहना है कि FCTC सचिवालय ने किसानों की भागीदारी को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उनके हित इस सम्मेलन के उद्देश्यों से मेल नहीं खाते।
FAIFA ने इस फैसले को “भेदभावपूर्ण और अनुचित” बताया और कहा कि FCTC के अनुच्छेद 17 और 18 में साफ लिखा है कि तंबाकू किसानों की आजीविका की रक्षा की जानी चाहिए और उन्हें वैकल्पिक खेती के लिए मदद दी जानी चाहिए।

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इन राज्यों में होती है खेती
भारत दुनिया के सबसे बड़े तंबाकू उत्पादक देशों में से एक है। ब्राज़ील, ज़िम्बाब्वे, अमेरिका और चीन के साथ। FAIFA के मुताबिक, देशभर में करीब 3.6 करोड़ लोग तंबाकू की खेती, सुखाने, व्यापार और इससे जुड़ी गतिविधियों पर निर्भर हैं, खासकर आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे राज्यों में।

भारत सरकार से की अपील
बिजनेस लाइन की रिपोर्ट के मुताबिक संगठन ने भारत सरकार से अपील की है कि वह COP11 में किसानों की आवाज उठाए और उनकी आजीविका को खतरे में डालने वाले किसी भी फैसले का विरोध करे।FAIFA ने कहा, “FCTC का असली मकसद सहयोग और आजीविका की सुरक्षा है, न कि किसानों को बाहर रखना या उन पर दबाव डालना।”

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