भरता दुनिया में सबसे ज़्यादा दूध उत्पादन करने वाला देश है: डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह

भारत

दुनिया के टॉप दूध उत्पादक के रूप में भारत ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत अगले पांच वर्षों में दूध उत्पादन को 300 एमएमटी तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। 2014 में मिशन के शुभारंभ के बाद से, दूध उत्पादन में 63.5% की वृद्धि हुई है, जिसमें इस क्षेत्र में महिलाओं की महत्वपूर्ण भागीदारी है।

भारत दुनिया में दूध का सबसे बड़ा उत्पादक है और उसने अगले पांच सालों में 300 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) दूध उत्पादन का लक्ष्य रखा है, जो अभी 239 एमएमटी है, केंद्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने मंगलवार को लोकसभा में यह बात कही।
उन्होंने कहा कि जब से मोदी सरकार ने 2014 में राष्ट्रीय गोकुल मिशन (आरजीएम) शुरू किया है, तब से देश में दूध उत्पादन में 63.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और सरकार को अगले तीन वर्षों में इसमें 15 प्रतिशत की और वृद्धि होने की उम्मीद है।

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10 करोड़ लोग में 75 फीसदी महिलाएं
उन्होंने कहा, “भारत अब दुनिया में सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है। हमने अगले पांच सालों में 239 एमएमटी से 300 एमएमटी दूध उत्पादन का लक्ष्य रखा है।” मंत्री ने कहा कि देश में करीब 10 करोड़ लोग दूध उत्पादन में लगे हैं, जिनमें से 75 फीसदी महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि भारत में प्रति व्यक्ति दूध की खपत 471 ग्राम है।

2014 में शुरू की गई थी राष्ट्रीय गोकुल मिशन
पशुपालन एवं डेयरी विभाग राष्ट्रीय गोकुल मिशन को क्रियान्वित कर रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य देशी नस्लों का विकास एवं संरक्षण, गोजातीय आबादी का आनुवंशिक उन्नयन तथा गोजातीय पशुओं के दूध उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि करना है, जिससे किसानों के लिए दूध उत्पादन अधिक लाभकारी बन सके। 2014 में शुरू की गई यह योजना 2021-2022 से 2025-2026 तक विभाग की संशोधित पुनर्संयोजित योजनाओं के तहत जारी है।

राष्ट्रीय गोकुल मिशन का उद्देश्य
इसका उद्देश्य उन्नत तकनीकों का उपयोग करके टिकाऊ तरीके से गोजातीय पशुओं की उत्पादकता बढ़ाना और दूध उत्पादन बढ़ाना तथा प्रजनन उद्देश्यों के लिए उच्च आनुवंशिक योग्यता वाले सांडों के उपयोग को बढ़ावा देना है।
इसका उद्देश्य प्रजनन नेटवर्क को मजबूत करने और किसानों के दरवाजे पर कृत्रिम गर्भाधान सेवाओं की डिलीवरी के माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान कवरेज को बढ़ाना और स्वदेशी मवेशी और भैंस पालन को बढ़ावा देना है।

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