भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चाय उत्पादक देश है। भारत के उत्तर पूर्वी भाग में सबसे अधिक चाय का उत्पादन होता है। यहाँ देश का लगभग 83 प्रतिशत चाय का उत्पादन होता है। भारत दुनिया के सर्वाधिक चाय खपत करने वाले देशों में से एक है। यहां देश में चाय उत्पादन का 80 प्रतिशत देश के भीतर उपभोग किया जाता है। भारतीय चाय बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक़ भारत ने 2024 में 255 मिलियन किलोग्राम चाय निर्यात किया। इसके साथ ही श्रीलंका को पछाड़ भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चाय निर्यातक देश बन गया है। इसी क्रम में केन्या ने अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा है।
चाय, पानी के बाद दुनिया का सबसे अधिका पिया जाने वाला पेय पदार्थ है। चाय भारत के नकदी फसलों में से एक है। भारत में सबसे अधिक चाय का उत्पादन असम में होता है। दूसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल है। दक्षिण राज्यों की बात करें तो तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में चाय की खेती होती है। दक्षिण के राज्यों में देश का 17 प्रतिशत चाय का उत्पादन होता है। भारत की असम, दार्जिलिंग और नीलगिरि चाय को दुनिया में बेहतरीन चाय में से एक माना जाता है। भू-राजनीतिक तनावों के कारण वैश्विक बाजार में अनिश्चितताओं के बावजूद भारत का चाय निर्यात 2024 में 255 मिलियन किलोग्राम पर पहुंच गया, जो 10 साल का उच्चतम स्तर है। 2024 में देश के निर्यात में 2023 में दर्ज 231.69 मिलियन किलोग्राम के इसी आंकड़े से 10 फीसदी की जोरदार वृद्धि हुई।
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2024 में भारत के निर्यात मूल्य में 15 फीसदी की वृद्धि
भारत 25 से अधिक देशों को चाय निर्यात करता है, जिसमें यूएई, इराक, ईरान, रूस, अमेरिका और यूके इसके प्रमुख बाजार हैं। भारत दुनिया के शीर्ष पांच चाय निर्यातकों में से एक है, जो कुल विश्व निर्यात का लगभग 10 फीसदी हिस्सा है। भारत की असम, दार्जिलिंग और नीलगिरी चाय दुनिया में सबसे बेहतरीन चाय में से एक मानी जाती है। भारत के निर्यात का मूल्य 2023 के 6,161 करोड़ रुपए से 15 फीसदी बढ़कर 2024 में 7,111 करोड़ रुपए हो गया। आंकड़ों के माने तो इराक को भेजे जाने वाले शिपमेंट में जोरदार वृद्धि हुई है, जो चाय निर्यात का 20 फीसदी है। इसी के साथ व्यापारियों को इस वित्त वर्ष में पश्चिम एशियाई देश को 40-50 मिलियन किलोग्राम चाय भेजने की उम्मीद है।
ब्लैक टी का सबसे ज़्यादा निर्यात
भारत से निर्यात की जाने वाली अधिकांश चाय ‘काली चाय’ (ब्लैक टी) है, जो कुल निर्यात का लगभग 96 फीसदी हिस्सा बनाती है।
अन्य किस्मों में नियमित चाय (रेगुलर टी), ग्रीन टी, हर्बल चाय, मसाला चाय और नींबू चाय (लेमन टी) शामिल हैं। भारत ने चाय उत्पादन को बढ़ावा देने, भारतीय चाय के लिए एक विशिष्ट ब्रांड बनाने और चाय उद्योग से जुड़े परिवारों के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं।
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