IFFCO का नया प्राकृतिक उत्पाद ‘धर्मामृत’ लॉन्च, नैनो उर्वरकों के साथ टिकाऊ खेती पर फोकस

IFFCO का नया प्राकृतिक उत्पाद ‘धर्मामृत’ लॉन्च

IFFCO ने बेंगलुरु में धर्मामृत नाम का नया प्राकृतिक सीवीड आधारित उत्पाद लॉन्च किया है। यह अमीनो एसिड और एल्जिनिक एसिड से युक्त है, जो फसलों की बढ़वार, पोषक तत्वों के अवशोषण और मिट्टी की सेहत सुधारने में मदद करता है। नैनो उर्वरकों के साथ इसका उपयोग कम लागत में बेहतर उत्पादन और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देगा।

IFFCO (इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइज़र कोऑपरेटिव लिमिटेड) ने बेंगलुरु में हुई सहकारी एवं किसान सम्मेलन में “धर्मामृत (Dharamrut)” नाम का एक नया प्राकृतिक उत्पाद लॉन्च किया है। यह एक समुद्री शैवाल (सीवीड) से बना बॉटेनिकल एक्सट्रैक्ट है, जिसमें अमीनो एसिड और एल्जिनिक एसिड शामिल हैं। इसका मकसद किसानों को टिकाऊ, आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल खेती की ओर बढ़ने में मदद करना है।

वैज्ञानिक तकनीक और प्राकृतिक तरीकों का मेल
IFFCO के मैनेजिंग डायरेक्टर के. जे. पटेल ने बताया कि धर्मामृत जैसे उत्पाद वैज्ञानिक तकनीक और प्राकृतिक तरीकों का अच्छा मेल हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे उत्पाद फसलों में पोषक तत्वों की बेहतर उपयोग क्षमता बढ़ाते हैं, पौधों की ताकत बढ़ाते हैं और कुल मिलाकर खेती को ज्यादा लाभकारी बनाते हैं।

कम लागत में बेहतर पैदावार लक्ष्य
उन्होंने यह भी कहा कि नैनो उर्वरकों के साथ धर्मामृत जैसे प्राकृतिक उत्पादों का इस्तेमाल करने से किसान कम लागत में बेहतर पैदावार ले सकते हैं, साथ ही मिट्टी की सेहत भी सुधरती है। यही तरीका भविष्य की जलवायु-स्मार्ट और टिकाऊ खेती के लिए जरूरी है।

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मिट्टी और पर्यावरण की सुरक्षा पर भी ध्यान
IFFCO के चेयरमैन दिलीप संघानी ने कहा कि सहकारी संस्थाएं लंबे समय से भारतीय खेती की रीढ़ रही हैं। किसान-केंद्रित नवाचारों और सहकारी व्यवस्था को मजबूत करके किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी और पर्यावरण की सुरक्षा भी की जा रही है।इस सम्मेलन में करीब 2,000 किसानों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन का मकसद किसानों से सीधे संवाद करना, उनकी जरूरतों को समझना और नई कृषि तकनीकों को बढ़ावा देना था।

धर्मामृत क्या है?
धर्मामृत एक ऐसा प्राकृतिक उत्पाद है जो पौधों में पोषक तत्वों का अवशोषण बढ़ाता है, जड़ और पौधे की बढ़वार को मजबूत करता है, फसल को मौसम और तनाव से लड़ने में मदद करता है और मिट्टी की लंबी अवधि की सेहत सुधारता है।
ऐसा माना जा रहा है कि IFFCO का यह नया कदम किसानों को कम लागत में बेहतर उत्पादन और टिकाऊ खेती की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करेगा।

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