ठंड और पाले से केले की फसल को कैसे बचाएं? जानिए 4 आसान उपाय

केले की फसल

कड़ाके की ठंड और पाले से केले की फसल को नुकसान हो सकता है। केले के विशेषज्ञ राहुल भारम्बे के मुताबिक समय पर सिंचाई, खेत में धुआं, चारों ओर विंडब्रेक और ठंड के मौसम में भी सही मात्रा में खाद व माइक्रोन्यूट्रिएंट देने से फसल को सुरक्षित रखा जा सकता है और अच्छी पैदावार ली जा सकती है।

भारत दुनिया में केले का सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता देश है। देश के लाखों किसान केले की खेती से अपनी आजीविका चलाते हैं। केला एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक फसल है, लेकिन इस समय देश के कई हिस्सों में पड़ रही कड़ाके की ठंड और पाले (फ्रॉस्ट) से केले की फसल को भारी नुकसान हो रहा है।

चार जरूरी उपाय
जानकारों के अनुसार ज्यादा ठंड केले की फसल के लिए नुकसानदायक होती है। ऐसे में किसानों के मन में सवाल है कि ठंड और पाले से फसल को कैसे बचाया जाए, ताकि उत्पादन पर असर न पड़े। न्यूज़ पोटली से बातचीत में एग्रोनॉमिस्ट और केले के विशेषज्ञ राहुल भारम्बे ने केले की फसल को ठंड से बचाने के लिए 4 जरूरी उपाय बताए हैं।

1. समय पर सिंचाई करें
एक्सपर्ट के मुताबिक ठंड के मौसम में खेत में सिंचाई करना बहुत जरूरी है। नमी बनी रहने से पाले का असर कम हो जाता है और फसल सुरक्षित रहती है। सूखी जमीन में पाला लगने का खतरा ज्यादा होता है।

2. खेत में धुआं करें
अगर केले की फसल 6–7 महीने की हो चुकी है, तो सूरज ढलने के समय खेत में धुआं करना फायदेमंद होता है। धुआं फसल के ऊपर एक परत बना देता है, जिससे ठंडी हवा सीधे पौधों तक नहीं पहुंच पाती और पाले से बचाव होता है।

3. विंडब्रेक लगाएं
खेत की मेड़ या चारों तरफ विंडब्रेक लगाना भी फायदेमंद होता है। इसके लिए खेत के किनारे हाथी घास या अन्य ऊंचे पौधे लगाए जा सकते हैं। इससे ठंडी हवा सीधे केले की फसल को नुकसान नहीं पहुंचाती। यह तरीका गर्मियों में लू से बचाव के लिए भी उपयोगी है।

4. खाद और माइक्रोन्यूट्रिएंट देना बंद न करें
एक्सपर्ट बताते हैं कि कई किसान ठंड में खाद और माइक्रोन्यूट्रिएंट देना बंद कर देते हैं, जो गलत है। फसल की जरूरत के अनुसार सही मात्रा में खाद और माइक्रोन्यूट्रिएंट देना जरूरी है, तभी पौधों की ग्रोथ और उत्पादन अच्छा होगा। उनका कहना है कि अच्छी पैदावार के लिए सभी उपाय एक साथ अपनाने जरूरी हैं, सिर्फ एक तरीका अपनाने से पूरा फायदा नहीं मिलता।
उन्होंने वीडियो में यह भी बताया है कि कौन-कौन से माइक्रोन्यूट्रिएंट देने हैं और उनकी मात्रा क्या होनी चाहिए।

देखिए वीडियो –

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *