Budget 2026-27:कृषि से बायोफार्मा तक, बजट में विकास और रोजगार पर फोकस

Budget 2026-27

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में अपना नौवां केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं। बजट का फोकस आर्थिक विकास तेज करने, रोजगार सृजन और सबका साथ-सबका विकास पर है। इसमें MSME को मजबूत करने, भारत को वैश्विक बायोफार्मा हब बनाने, नारियल, काजू और कोको उत्पादन बढ़ाने और पशुपालन व पशु चिकित्सा सेवाओं को प्रोत्साहन देने की घोषणाएं की जा रही हैं।

नई दिल्ली।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज 1 फरवरी 2026 को संसद में अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं। बजट पेश करते हुए उन्होंने देशवासियों का आभार जताया और कहा कि यह बजट पहली बार कर्तव्य भवन में तैयार किया गया है।

वित्त मंत्री ने बताया कि इस बजट के तीन मुख्य उद्देश्य हैं—देश की आर्थिक रफ्तार को तेज करना, आम लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और सबका साथ-सबका विकास सुनिश्चित करना। इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सहायक नीतिगत वातावरण, बेहतर पूंजी आवंटन और मजबूत जोखिम प्रबंधन पर खास ध्यान दिया गया है।

भारत बनेगा वैश्विक बायोफार्मा हब
रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को गति देने के लिए सरकार अब तक 350 से अधिक सुधार लागू कर चुकी है। बजट में चैंपियन MSME तैयार करने, शहरों में आर्थिक क्षेत्रों के विकास और भारत को वैश्विक बायोफार्मा हब बनाने की योजनाओं को प्रमुखता दी गई है। सरकार अगले पांच वर्षों में बायोफार्मा क्षेत्र में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव कर रही है। साथ ही केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) को और मजबूत करने की बात कही गई है।

नारियल संवर्धन योजना का प्रस्ताव
वित्त मंत्री ने नारियल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एक नई नारियल संवर्धन योजना का भी प्रस्ताव रखा। इस योजना के तहत प्रमुख नारियल उत्पादक राज्यों में पुराने और अनुपयोगी पेड़ों की जगह नई और उन्नत किस्मों के पौधे लगाए जाएंगे, जिससे उत्पादन और उत्पादकता दोनों बढ़ाई जा सके।

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काजू और कोको की खेती पर ज़ोर
इसके साथ ही भारतीय काजू और कोको के लिए एक विशेष कार्यक्रम लाने की घोषणा की गई है। इसका उद्देश्य भारत को कच्चे काजू और नारियल के उत्पादन व प्रोसेसिंग में आत्मनिर्भर बनाना, निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ाना और 2030 तक भारतीय काजू व कोको को वैश्विक स्तर पर प्रीमियम ब्रांड के रूप में स्थापित करना है।

पशुपालन में अहम घोषणाएं
पशुपालन और पशु चिकित्सा क्षेत्र को लेकर भी बजट में अहम घोषणाएं की जा रही हैं। निजी क्षेत्र में पशु चिकित्सा सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए पूंजी सब्सिडी सहायता योजना शुरू की जाएगी। वित्त मंत्री ने बताया कि 1.5 लाख देखभाल सेवा प्रदाताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। वहीं ऑरेंज इकोनॉमी से जुड़े क्षेत्रों में 2030 तक करीब 20 लाख पेशेवरों की आवश्यकता होगी।

मतलब बजट में कृषि, MSME, पशुपालन, बायोफार्मा और रोजगार सृजन को विकास की धुरी बनाते हुए आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत कदम उठाने पर जोर दिया जा रहा है।

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