योगी सरकार का बड़ा फैसला, किसानों को 6% ब्याज पर मिलेगा कर्ज

योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि अब लघु और सीमांत किसानों को उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक से 6 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण मिलेगा, जबकि बाकी ब्याज सरकार देगी। सहकारिता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि सहकारी बैंकों की स्थिति अब मजबूत है, एम-पैक्स के जरिए सदस्यता और कारोबार बढ़ा है और सहकारिता प्रदेश में आत्मनिर्भरता व रोजगार का मजबूत माध्यम बन रही है।

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छोटे और सीमांत किसानों को बड़ी राहत देते हुए घोषणा की है कि अब उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक (LDB) से किसानों को केवल 6 प्रतिशत ब्याज दर पर कर्ज मिलेगा। पहले इस कर्ज पर किसानों को करीब 11.50 प्रतिशत ब्याज देना पड़ता था। बाकी ब्याज की राशि अब राज्य सरकार खुद वहन करेगी।
यह घोषणा मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत की गई। मुख्यमंत्री यह घोषणा अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के समापन अवसर पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित युवा सहकार सम्मेलन और यूपी को-ऑपरेटिव एक्सपो-2025 के उद्घाटन के दौरान की।

सहकारिता आत्मनिर्भरता की ताकत
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सहकारिता सिर्फ आर्थिक व्यवस्था नहीं, बल्कि आपसी भरोसे, समानता और आत्मनिर्भरता का आधार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से देश में पहली बार सहकारिता मंत्रालय बना और केंद्रीय मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा मिली।उन्होंने बताया कि दुनिया की करीब एक-चौथाई सहकारी संस्थाएं भारत में हैं, जिनसे 30 करोड़ से ज्यादा लोग जुड़े हुए हैं। बीते 11 वर्षों में तकनीक और डिजिटलीकरण से सहकारिता क्षेत्र ज्यादा पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त हुआ है।

एम-पैक्स से बढ़ी सदस्यता और कारोबार
मुख्यमंत्री ने बताया कि एम-पैक्स (बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां) के जरिए किसानों और आम लोगों को जोड़ा गया।सितंबर से नवंबर 2025 के बीच 24 लाख नए सदस्य जुड़े हैं। 43 करोड़ रुपये का शेयर कैपिटल जमा हुआ। वहीं जिला सहकारी बैंकों में 2 लाख नए खाते खुले और 550 करोड़ रुपये का डिपॉजिट बढ़ा है।उन्होंने कहा कि 2017 से पहले 16 जिला सहकारी बैंक डिफॉल्टर हो चुके थे, लेकिन अब सभी बैंक मुनाफे में और मजबूत हैं।

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सहकारी बैंकों का मुनाफा बढ़ा
वर्ष 2024-25 में सहकारी बैंकों ने 162 करोड़ रुपये से ज्यादा का लाभ कमाया।यूपी स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक को नाबार्ड से ‘ए’ श्रेणी का दर्जा मिला है और इसकी 40 शाखाएं चल रही हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले यूपी की पहचान “वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया” से होती थी, लेकिन अब प्रदेश “वन डिस्ट्रिक्ट, वन को-ऑपरेटिव बैंक” की ओर बढ़ रहा है।बलरामपुर में नया जिला सहकारी बैंक खोलने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।

एम-पैक्स को ब्याज मुक्त कर्ज
मुख्यमंत्री ने बताया कि एम-पैक्स को 10 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है। इसे आगे 15 लाख रुपये तक बढ़ाने की तैयारी है।6760 एम-पैक्स को खाद के कारोबार के लिए ब्याज मुक्त कर्ज दिया गया।एम-पैक्स ने अब तक 6400 करोड़ रुपये का कारोबार किया है और 191 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है।इसके अलावा 161 एम-पैक्स पर जनऔषधि केंद्र भी खोले गए हैं।

सहकारिता से रोजगार और विकास संभव
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि दुनिया में पूंजीवाद की सीमाएं सामने आ रही हैं और सहकारिता ही समावेशी विकास का रास्ता है। उन्होंने कहा कि सहकारिता से जीडीपी और प्रति व्यक्ति आय दोनों बढ़ाई जा सकती हैं।उन्होंने बांस से बनने वाले उत्पादों का उदाहरण देते हुए कहा कि इससे रोजगार बढ़ेगा, जंगलों की कटाई रुकेगी और वैश्विक बाजार में अवसर मिलेंगे।
कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने स्वागत भाषण दिया। एक्सपो में प्रदेश के विभिन्न जिलों के उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई है, जो 31 दिसंबर तक चलेगी।इस मौके पर जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण, कई विधायक, एमएलसी और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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