हनुमानगढ़ के टिब्बी क्षेत्र में इथेनॉल फैक्ट्री के खिलाफ किसानों का विरोध जारी है। धान मंडी में हुई महापंचायत में राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों को नुकसान होने पर फैक्ट्री नहीं लगने दी जाएगी। स्थिति को देखते हुए सरकार ने पर्यावरण और भूजल प्रभाव की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति बनाई है और जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 144 लागू की गई है।
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी क्षेत्र में प्रस्तावित इथेनॉल फैक्ट्री के खिलाफ किसानों का विरोध लगातार जारी है। बुधवार को हनुमानगढ़ जंक्शन की धान मंडी में बड़ी महापंचायत हुई, जिसे देखते हुए प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में रहे और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।
10 दिसंबर को हुई थी घटना
इससे पहले 10 दिसंबर को राठी खेड़ा गांव में फैक्ट्री स्थल पर उपद्रव और आगजनी की घटना हुई थी। इसी वजह से महापंचायत के दौरान करीब 1200 पुलिस जवानों की तैनाती की गई और कई जगह बैरिकेड्स लगाए गए। हालांकि किसानों की महापंचायत शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई।
किसान नेता राकेश टिकैत पहुंचे
महापंचायत में पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि अगर फैक्ट्री से किसानों और खेती को नुकसान होने की आशंका है, तो इसे यहां नहीं लगने दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि संयुक्त किसान मोर्चा स्थानीय किसानों के फैसले के साथ खड़ा रहेगा और आंदोलन की दिशा स्थानीय समिति तय करेगी।
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पांच सदस्यीय समिति का गठन किया
किसानों के विरोध को देखते हुए राज्य सरकार ने इथेनॉल फैक्ट्री से होने वाले संभावित पर्यावरण और भूजल प्रभाव की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता बीकानेर के संभागीय आयुक्त करेंगे और इसमें पर्यावरण, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और भूजल विभाग के अधिकारी शामिल हैं।
वहीं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हनुमानगढ़ जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने बिना अनुमति किसी भी सभा और जुलूस पर रोक लगा दी है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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