Viksit Bharat – G RAM G: अब समय पर मिलेगा वेतन, प्रशासनिक खर्च बढ़ाकर 9%

विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)

विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत प्रशासनिक खर्च 6% से बढ़ाकर 9% किया गया है, जिससे रोजगार सहायकों और कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलेगा। योजना में रोजगार की गारंटी 125 दिन कर दी गई है, भुगतान में देरी पर मुआवजा मिलेगा और गांवों में जल संरक्षण, बुनियादी ढांचा व आजीविका से जुड़े काम होंगे।

विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों और मजदूरों को बड़ी राहत दी गई है। सरकार ने प्रशासनिक खर्च की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दी है, जिससे रोजगार सहायकों, पंचायत सचिवों और तकनीकी स्टाफ को समय पर वेतन मिल सकेगा।

वेतन भुगतान के लिए इतनी राशि
इस फैसले को लेकर भोपाल में विभिन्न राज्यों के रोजगार सहायकों ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर आभार जताया। मंत्री ने बताया कि इस नई व्यवस्था के तहत कुल 1.51 लाख करोड़ रुपये के बजट में से 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि वेतन भुगतान और प्रशासनिक जरूरतों के लिए सुरक्षित की गई है। इससे वेतन में होने वाली देरी की समस्या खत्म होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस राशि के खर्च पर सख्त निगरानी रहेगी और अनावश्यक खर्चों पर रोक लगेगी।

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125 दिन रोजगार की कानूनी गारंटी
इस योजना के तहत मजदूरों के अधिकारों को और मजबूत किया गया है। रोजगार की कानूनी गारंटी अब 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। यदि 15 दिन के भीतर मजदूरी का भुगतान नहीं होता है तो मजदूरों को अतिरिक्त मुआवजा मिलेगा। मजदूरी दरें यथावत रहेंगी और हर साल तय फार्मूले के अनुसार बढ़ाई जाएंगी। पिछले पांच वर्षों में मजदूरी में लगभग 29 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो चुकी है।

60 दिन तक काम रोकने का अधिकार
खेती के व्यस्त मौसम को ध्यान में रखते हुए राज्यों को साल में 60 दिन तक कृषि कार्यों के लिए योजना के काम रोकने का अधिकार भी दिया गया है, ताकि किसानों को मजदूरों की कमी का सामना न करना पड़े। योजना के तहत जल संरक्षण, ग्रामीण बुनियादी ढांचा, आजीविका से जुड़े कार्य और प्राकृतिक आपदाओं से बचाव से जुड़े काम कराए जाएंगे। मंत्री ने कहा कि विकसित ग्राम पंचायत योजना के तहत गांव का विकास गांव की जरूरतों के अनुसार और ग्राम सभा की सहभागिता से तय होगा।

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