DBW 303 (करण वैष्णवी) गेहूं की एक ज्यादा पैदावार देने वाली किस्म है जिसे शुरुआती बुवाई और सिंचित खेतों के लिए विकसित किया गया है। यह 8.1 टन/हेक्टेयर तक उत्पादन देती है, दानों की गुणवत्ता अच्छी है और इसमें 12.1% प्रोटीन होता है। यह किस्म रतुआ और पत्तियों के रोगों के प्रति प्रतिरोधी है और गिरने की समस्या नहीं होती।
ICAR–भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल ने किसानों के लिए गेहूं की एक उच्च पैदावार देने वाली किस्म DBW 303 (करण वैष्णवी) तैयार की है। यह किस्म खासकर शुरुआती बुवाई (Early Sown) और सिंचित खेतों के लिए बेहद उपयुक्त मानी जाती है।
कितनी है पैदावार?
DBW 303 की पैदावार लगभग 8.1 टन प्रति हेक्टेयर तक दर्ज की गई है, जो इसे सामान्य गेहूं की किस्मों से अधिक उत्पादक बनाती है। यह किस्म पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, पश्चिम यूपी, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड (तराई क्षेत्र), गुजरात, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के लिए अनुशंसित है।

क्वालिटी
गुणवत्ता की बात करें तो इस गेहूं में ज्यादा दाने, अच्छी चपाती (रोटी) क्वालिटी और 12.1% प्रोटीन पाया जाता है। मजबूत पौधे होने के कारण इसमें गिरने (lodging) की समस्या नहीं होती। इसके अलावा यह किस्म रतुआ (rust) और अन्य पत्तियों के रोगों के प्रति काफी हद तक प्रतिरोधी है, जिससे फसल सुरक्षित रहती है और उत्पादन में कमी नहीं आती।
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किसानों के लिए बेहतर विकल्प
वैज्ञानिकों का कहना है कि DBW 303 एक ऐसी किस्म है जो लगातार कई सीजनों में उच्च पैदावार, अच्छे दाने और मजबूत पौधों के कारण किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद करेगी। यह किस्म कम जोखिम और ज्यादा लाभ चाहने वाले किसानों के लिए बेहतर विकल्प बन रही है।
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