ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर में DAP की बिक्री घटी, जबकि यूरिया की बिक्री में करीब 20 प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कॉम्प्लेक्स खाद की बिक्री में मामूली बढ़त हुई है। सरकार का कहना है कि सभी प्रमुख खादों की उपलब्धता पर्याप्त है और पूरे महीने की मांग पूरी करने के लिए स्टॉक मौजूद है।
खाद की बिक्री को लेकर सामने आए ताजा आंकड़ों से पता चला है कि इस महीने DAP (डाई-अमोनियम फॉस्फेट) की बिक्री में गिरावट आई है, जबकि यूरिया की बिक्री में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं कॉम्प्लेक्स खाद की बिक्री में हल्की बढ़त देखने को मिली है। सरकार के मुताबिक यूरिया, डीएपी, म्यूरेट ऑफ पोटाश (MoP), कॉम्प्लेक्स और सिंगल सुपर फॉस्फेट (SSP) की उपलब्धता सामान्य बनी हुई है।
12 दिसंबर तक कितनी खाद उपलब्ध थी
सरकार ने बताया कि 12 दिसंबर तक देश में—यूरिया: 66.56 लाख टन, DAP: 20.67 लाख टन, MoP: 7.09 लाख टन, कॉम्प्लेक्स: 40.13 लाख टन और SSP: 20.96 लाख टन खाद उपलब्ध थी। सरकार के मुताबिक यह मात्रा पूरे महीने की जरूरत के लिए पर्याप्त है।
पिछले साल की तुलना में बिक्री का हाल
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 1 से 12 दिसंबर के बीच DAP की बिक्री घटकर 4.76 लाख टन से 4.22 लाख टन रह गई, MoP की बिक्री 0.95 लाख टन से घटकर 0.88 लाख टन हुई और SSP की बिक्री भी 2.25 लाख टन से घटकर 2.11 लाख टन रह गई।वहीं दूसरी ओर यूरिया की बिक्री 20% बढ़कर 17.97 लाख टन से 21.55 लाख टन हो गई और कॉम्प्लेक्स खाद की बिक्री में 2% की बढ़ोतरी हुई और यह 5.34 से 5.45 लाख टन पहुंच गई।
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अप्रैल से अक्टूबर तक बिक्री बढ़ी
बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के अनुसार, फर्टिलाइजर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FAI) ने बताया कि मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से अक्टूबर के बीच—यूरिया: 216.4 लाख टन, DAP: 57.2 लाख टन, MoP: 13 लाख टन, कॉम्प्लेक्स: 89.2 लाख टन और SSP: 34.8 लाख टन की बिक्री हुई है। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में 0.4% से 18.5% तक ज्यादा है।
दिसंबर में कितनी खाद की जरूरत होगी
कृषि मंत्रालय ने राज्यों से मिले आंकड़ों के आधार पर दिसंबर महीने में खाद की मांग का अनुमान लगाया है। रबी सीजन (अक्टूबर से जनवरी) में आमतौर पर खाद की सबसे ज्यादा मांग रहती है।अनुमान के अनुसार दिसंबर में जरूरत होगी—यूरिया: 43.78 लाख टन, DAP: 8.13 लाख टन, MoP: 2.80 लाख टन, कॉम्प्लेक्स: 15.26 लाख टन और SSP: 4.85 लाख टन है।
वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में साफ कहा कि देश में यूरिया की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि अच्छी बारिश के कारण फसलों की बुवाई ज्यादा हुई है, इसी वजह से मांग बढ़ी है और देश को एक बार फिर बंपर पैदावार की उम्मीद है।
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