राजस्थान के हनुमानगढ़ में इथेनॉल फैक्ट्री के विरोध में किसानों की महापंचायत हिंसक हो गई। किसानों ने फैक्ट्री में घुसकर तोड़फोड़ और आगजनी की, जबकि पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। किसान प्लांट से प्रदूषण और खेती को नुकसान होने का आरोप लगाकर इसे दूसरी जगह ले जाने की मांग कर रहे हैं। इलाके में धारा 144 और इंटरनेट बंद है।
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी इलाके में 450 करोड़ रुपये की लागत से बन रही एक निजी इथेनॉल फैक्ट्री के खिलाफ किसानों का विरोध कई महीनों से चल रहा था। रविवार को किसानों ने महापंचायत बुलाई, लेकिन माहौल अचानक बिगड़ गया। गुस्से में प्रदर्शनकारी फैक्ट्री के अंदर घुस गए, तोड़फोड़ की, तीन बुलडोजर नुकसान पहुंचाए और लगभग 10 गाड़ियों में आग लगा दी।
पुलिस और किसानों में टकराव
स्थिति संभालने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इसमें कांग्रेस विधायक अभिमन्यु पूनिया सहित कई लोग घायल हुए। घायलों को अस्पताल भेजा गया।
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किसान क्यों कर रहे हैं विरोध?
किसानों का कहना है कि इस इथेनॉल प्लांट से वायु प्रदूषण बढ़ेगा, भूजल दूषित हो जाएगा, आसपास की खेती बर्बाद हो जाएगी और लोगों की रोज़ी-रोटी पर खतरा आएगा। इसी वजह से वे फैक्ट्री को किसी दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग कर रहे हैं। कई किसान नेता और आसपास के इलाकों के संगठन भी महापंचायत में शामिल हुए।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना की और कहा कि कांग्रेस किसानों के साथ खड़ी है। उन्होंने राज्य सरकार पर सवाल उठाया कि वह किसानों के साथ सख्ती क्यों कर रही है।
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