GRAVIS ने राजस्थान के 1500 गांवों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग से पानी की समस्या का कैसे किया समाधान

राजस्थान। पश्चिमी राजस्थान का वह क्षेत्र है, जहां पानी की कमी के कारण लोगों को अपनी प्यास बुझाने के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। चाहे वह तपती दोपहर हो या सर्द रात, यह कहानी किसी एक गांव की नहीं, बल्कि राजस्थान के हजारों गांवों की है। यहां पानी की तलाश में हर व्यक्ति…

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हिंदी पत्रकारिता दिवस 2024: आज के ही दिन क्यों मनाते हैं ? महत्व और इतिहास भी जाने

आज यानी 30 मई को हर वर्ष हम हिंदी पत्रकारिता दिवस के रूप में मानते हैं। इसी दिन भारत में हिंदी का पहला अखबार ‘उदन्त मार्तण्ड’ संपादक पंडित जुगल किशोर शुक्ल द्वारा कोलकाता में प्रकाशित किया गया था। लेकिन बाद में आर्थिक तंगी के कारण इस अखबार का प्रकाशन बंद हो गया। लोगों का ऐसा…

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Chaudhary Charan Singh Death Anniversary: जब तक किसानों की स्थिति ठीक नहीं होगी, तब तक देश प्रगति नहीं करेगा” – चौधरी चरण सिंह

चौधरी चरण सिंह भारत के किसान राजनेता एवं पाँचवें (28 जुलाई 1979 से 14 जनवरी 1980 तक) प्रधानमंत्री थे। उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन किसानों के हित में समर्पित कर दिया था। वो हमेशा किसानों को देश के प्रगति से जोड़ते थे और कहते थे कि किसानों को एक नजर हल पर, दूसरी नजर दिल्ली पर…

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मल्टीलेयर फार्मिंग: एक साथ चार फसलें, कम लागत ज्यादा मुनाफा

सागर, (मध्य प्रदेश)। आधुनिक किसान खेती में तकनीकि का प्रयोग करके कम खेत में अधिक पैदावार के साथ अच्छी कमाई भी कर रहे हैं। मध्य प्रदेश के सागर जिले में रहने वाले युवा किसान आकाश चौरसिया अपने खेत में मल्टीलेयर फार्मिंग की मदद से कम जमीन में ज्यादा उत्पादन ले रहे हैं। वे मिट्टी के…

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डॉ. बक्शी राम, गन्ने की 14 किस्मों के जनक।

जानिए पद्मश्री पाने वाले केन मैन बख्शीराम और सिक्किम तुला राम उप्रेती?

लखनऊ। पद्म पुरस्कारों में इस बार कुछ नाम देखकर किसान समुदाय को काफी खुशी हुई। इनमें एक हैं गन्ने की बेहतरीन किस्म CO-0238 के जनक और शोधक डॉक्टर बक्शी राम और दूसरे हैं सिक्कम में जैविक खेती को नया आयाम देने वाले 98 साल के तुला राम उप्रेती। सरकार ने देश के तीन श्रेष्ठ सम्मान…

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