‘विकसित भारत, विकसित खेती के बिना संभव नहीं’- शिवराज सिंह चौहान
‘एक जमाना था, जब हम अमेरिका का सड़ा हुआ पीएल 480 गेहूं मंगवाते थे, पेट भरने के लिए रिजेक्टेड गेहूं मंगाना पड़ता था, लेकिन मैं अपने वैज्ञानिकों को बधाई देता हूं कि, आज हम एक के बाद एक नई किस्में तैयार कर रहे हैं। नए गेहूं की किस्म तैयार करने के प्रयोग हो रहे हैं।’ आईसीएआर- भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान में जीन एडिटिंग प्रयोगशाला का उद्घाटन में बोले केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान।