मिथिला मखाना

कृषि निर्यात में बिहार की बड़ी कामयाबी, मिथिला मखाना पहुंचा दुबई

बिहार से पहली बार जीआई-टैग मिथिला मखाना का समुद्री मार्ग से दुबई को निर्यात किया गया है। पूर्णिया जिले से भेजी गई 2 मीट्रिक टन की यह खेप कृषि निर्यात में ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे किसानों को बेहतर दाम, नए बाजार और बिहार की वैश्विक पहचान को मजबूती मिलेगी।

पूरी र‍िपोर्ट
25–27 फरवरी 2026 को IARI

25–27 फरवरी को IARI में लगेगा पूसा कृषि विज्ञान मेला 2026, महिला किसानों पर विशेष फोकस

25–27 फरवरी 2026 को IARI, नई दिल्ली में पूसा कृषि विज्ञान मेला 2026 आयोजित होगा। मेला “विकसित कृषि – आत्मनिर्भर भारत” थीम पर और अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष 2026 के तहत आयोजित किया जा रहा है। इसमें नई कृषि तकनीक, योजनाएं, नवाचार, फसल प्रदर्शन और पूसा बीज उपलब्ध होंगे। सभी किसान और कृषि से जुड़े लोग यहाँ जा सकते हैं।

पूरी र‍िपोर्ट
10 साल में 26% बढ़ी बागवानी,

खेती में बदलाव की कहानी: 10 साल में 26% बढ़ी बागवानी, अनाज पीछे क्यों छूटा?

पिछले 10 सालों में देश में बागवानी फसलों का रकबा 26% बढ़ा है, जबकि अनाज की खेती की रफ्तार धीमी रही। बेहतर दाम, ज्यादा आमदनी और लोगों की बदलती खानपान आदतों के कारण किसान तेजी से फल और सब्ज़ियों की खेती की ओर बढ़ रहे हैं। इससे खेती का रुझान अब उच्च मूल्य वाली फसलों की तरफ साफ दिखने लगा है।

पूरी र‍िपोर्ट
छत्तीसगढ़ के PSS प्रस्तावों को मंजूरी

रबी 2025–26: चना-मसूर-सरसों की MSP पर खरीद को हरी झंडी, छत्तीसगढ़ के PSS प्रस्तावों को मंजूरी

केंद्र सरकार ने रबी 2025–26 के लिए छत्तीसगढ़ के PSS प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। इसके तहत चना, मसूर और सरसों की MSP पर खरीद होगी। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य की कृषि तैयारियों की सराहना की। इससे किसानों को उचित दाम मिलेगा और उनकी आय बढ़ेगी।

पूरी र‍िपोर्ट
चीनी उत्पादन

चीनी उत्पादन में 22% की बढ़ोतरी, न्यूनतम बिक्री मूल्य बढ़ाने की मांग क्यों कर रही है ISMA?

2025–26 सीजन में 15 जनवरी तक देश का चीनी उत्पादन 22% बढ़कर 1.59 करोड़ टन पहुँच गया है। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में उत्पादन में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, चीनी के दाम लागत से नीचे जाने और गन्ने की कीमतें बढ़ने से मिलों की हालत कमजोर हो रही है, जिससे किसानों को भुगतान में देरी का खतरा बढ़ गया है। ISMA ने चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य (MSP) को बढ़ाने की मांग की है।

पूरी र‍िपोर्ट
21 से 31 जनवरी 2026 तक खुलेंगे गेहूं उत्पाद निर्यात के आवेदन

DGFT का ऐलान: 21 से 31 जनवरी 2026 तक खुलेंगे गेहूं उत्पाद निर्यात के आवेदन

केंद्र सरकार ने करीब तीन साल बाद गेहूं के आटे और उससे बने उत्पादों के 5 लाख टन निर्यात को सीमित रूप से मंजूरी दी है। यह निर्यात तय कोटे और लाइसेंस के तहत होगा, जबकि गेहूं के सीधे निर्यात पर रोक जारी रहेगी। अच्छे मानसून और बेहतर पैदावार की उम्मीद के चलते सरकार ने यह फैसला लिया है।

पूरी र‍िपोर्ट
देश में रबी फसलों का कुल रकबा 2.8% बढ़ा

देश में रबी फसलों का कुल रकबा 2.8% बढ़ा, अब पैदावार मौसम पर निर्भर

देश में रबी फसलों की बुआई लगभग पूरी हो चुकी है और कुल रकबा 652.33 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जो पिछले साल से 2.8% ज्यादा है। गेहूं, चना, मसूर और सरसों की बुआई पूरी हो चुकी है और अब पैदावार आगे के मौसम पर निर्भर करेगी। दालों, सरसों, मक्का और जौ के रकबे में बढ़ोतरी दर्ज हुई है, जबकि ज्वार के रकबे में गिरावट आई है।

पूरी र‍िपोर्ट
30% आयात शुल्क

अमेरिकी दालों पर 30% शुल्क, भारत–US ट्रेड डील पर बढ़ा तनाव

भारत ने अमेरिका से आने वाली दालों, खासकर पीली मटर पर 30% आयात शुल्क लगा दिया है। इससे अमेरिका के सांसदों और किसानों में नाराजगी है, क्योंकि भारत अमेरिकी दालों का बड़ा बाजार है। अमेरिका का कहना है कि इस फैसले से उनके किसानों को नुकसान होगा, जबकि भारत इसे घरेलू किसानों की सुरक्षा और दाम नियंत्रण के लिए जरूरी बता रहा है।

पूरी र‍िपोर्ट
50 हजार लोग शामिल

महाराष्ट्र: किसान-मजदूर-आदिवासी एकजुट, सीपीएम ने 40 हजार लोगों के साथ निकाला पैदल मार्च

ठाणे–पालघर से माकपा का लॉन्ग मार्च शुरू हुआ, जिसमें करीब 40 हजार किसान और आदिवासी शामिल हैं। यह मार्च वनाधिकार कानून के अमल, बंदर परियोजनाओं के विरोध, रोजगार गारंटी कानून में बदलाव और स्मार्ट मीटर के खिलाफ निकाला गया है।

पूरी र‍िपोर्ट
सरकार ने 5 लाख टन गेहूं उत्पादों के निर्यात को दी मंजूरी

घरेलू भंडार मजबूत, सरकार ने 5 लाख टन गेहूं उत्पादों के निर्यात को दी मंजूरी

केंद्र सरकार ने 2022 से लगे प्रतिबंध में आंशिक ढील देते हुए 5 लाख टन गेहूं उत्पादों (आटा, मैदा, सूजी) के निर्यात की अनुमति दी है। देश में रिकॉर्ड उत्पादन और पर्याप्त भंडार के बीच यह फैसला लिया गया है, जिससे विदेशों में रहने वाले भारतीयों को भारतीय ब्रांड्स के गेहूं उत्पाद मिल सकेंगे। हालांकि, निर्यात की समय-सीमा और मात्रा को लेकर उद्योग को अभी स्पष्टता का इंतजार है।

पूरी र‍िपोर्ट