सीहोर में 7 फरवरी को राष्ट्रीय दलहन कॉन्फ्रेंस

सीहोर में 7 फरवरी को राष्ट्रीय दलहन कॉन्फ्रेंस, केंद्रीय कृषि मंत्री करेंगे अध्यक्षता

7 फरवरी 2026 को मध्य प्रदेश के सीहोर में दलहन कॉन्फ्रेंस आयोजित होगी, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे। इसमें सभी राज्यों के कृषि मंत्री शामिल होंगे और दलहन उत्पादन बढ़ाने व किसानों की आय बढ़ाने पर चर्चा होगी। सम्मेलन में किसानों से संवाद, प्रदर्शनी और फूड लेग्यूम्स रिसर्च सेंटर में नए भवन व प्रयोगशालाओं का उद्घाटन भी किया जाएगा।

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CAI

भारत-अमेरिका डील से टेक्सटाइल सेक्टर में नई उम्मीदें: CAI

अमेरिका ने भारतीय टेक्सटाइल उत्पादों पर आयात शुल्क 50% से घटाकर 18% कर दिया है। कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि इससे लागत कम होगी, बाजार में मांग बढ़ेगी और किसानों से लेकर निर्यातकों तक पूरे कपड़ा क्षेत्र को फायदा मिलेगा।

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योगी आदित्यनाथ

गन्ने के साथ तिलहन–दलहन की खेती से बदलेगी यूपी की तस्वीर: योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गन्ने के साथ तिलहन और दलहन की अंतर-फसल को खेती का भविष्य बताया है। उन्होंने कहा कि सरसों, मसूर, उड़द और मूंग जैसी फसलों को गन्ने के साथ उगाने से किसानों की आमदनी कई गुना बढ़ सकती है। यह योजना 2026-27 से मिशन मोड में लागू होगी, जिससे कम लागत में ज्यादा उत्पादन, स्थिर आय और किसानों की आर्थिक मजबूती सुनिश्चित होगी।

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GM फसलों पर समझौता नहीं

अमेरिका से व्यापार बढ़ेगा, लेकिन GM फसलों पर समझौता नहीं

भारत-अमेरिका ट्रेड डील में भारत ने जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) सोयाबीन और मक्का को मंजूरी देने से इनकार कर दिया है। सरकार ने साफ किया है कि कृषि जैसे संवेदनशील सेक्टर पर कोई समझौता नहीं होगा। अमेरिका चाहता था कि भारत GM फसलों को अनुमति दे, लेकिन भारत अपने रुख पर कायम रहा। हालांकि, सेब और कुछ ड्राई फ्रूट्स पर आयात शुल्क में सीमित राहत की संभावना जताई जा रही है।

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कृषि और डेयरी हित पूरी तरह सुरक्षित

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का दावा, कृषि और डेयरी हित पूरी तरह सुरक्षित

अमेरिका-भारत ट्रेड डील को लेकर सरकार ने कहा है कि यह समझौता भारत के हितों को ध्यान में रखकर किया गया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के मुताबिक, इससे किसानों, डेयरी, MSME, टेक्सटाइल और अन्य सेक्टर्स को फायदा होगा। अमेरिकी टैरिफ घटकर 18% हो गया है, जिससे भारत का निर्यात बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि डील के कुछ पहलुओं, खासकर कृषि क्षेत्र के असर को लेकर अभी पूरी तस्वीर साफ नहीं है।

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उत्तर प्रदेश में Soil to Silk सेंटर की शुरुआत

रेशम उद्योग को नई रफ्तार, उत्तर प्रदेश में Soil to Silk सेंटर की शुरुआत

उत्तर प्रदेश में रेशम उद्योग को बढ़ावा देने के लिए एक ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की शुरुआत की गई है, जहां मिट्टी से लेकर रेशमी कपड़े बनने तक की पूरी प्रक्रिया एक ही जगह दिखाई जाएगी। इस केंद्र से शुद्ध रेशम की पहचान आसान होगी और बुनकरों, कारीगरों व किसानों को अपने उत्पाद सीधे बेचने का मौका मिलेगा, जिससे उनकी आय बढ़ने की उम्मीद है।

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US ने शुल्क घटाकर 18% किया

Seafood Exports में फिर आएगी रफ्तार, US ने शुल्क घटाकर 18% किया

अमेरिका ने भारतीय समुद्री उत्पादों पर आयात शुल्क 25% से घटाकर 18% कर दिया है, जिससे भारत के सी-फूड निर्यात में फिर से तेज़ी आने की उम्मीद है। ऊंचे शुल्क के कारण हाल के महीनों में अमेरिका को मछली निर्यात में गिरावट आई थी, लेकिन अब नए ऑर्डर मिलने और निर्यात पुराने स्तर पर लौटने की संभावना जताई जा रही है।

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बिहार का कृषि लेखा-जोखा

अनाज उत्पादन बढ़ा, चावल पीछे छूटा: बिहार का कृषि लेखा-जोखा

बिहार सरकार मंगलवार को 2026–27 का करीब 3.70 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश करेगी। बजट से पहले आए आर्थिक सर्वेक्षण में कृषि पर खास जोर दिखा है। अनाज उत्पादन बढ़ा है, लेकिन चावल की उत्पादकता घटी है, जबकि गेहूं और मक्का में ज्यादा वृद्धि हुई है। सरकार ने 2031 तक मखाना की खेती का रकबा 70 हजार हेक्टेयर बढ़ाने का लक्ष्य रखा है और बागवानी व उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा देने की बात कही है। हालांकि आम और लीची के क्षेत्रफल में बहुत मामूली बढ़ोतरी हुई है।

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BUDGET

बजट 2026 से कृषि और किसानों के लाभ-हानि का लेखा-जोखा— प्रो. के.एन. तिवारी

प्रो. केएन तिवारी के मुताबिक केंद्रीय बजट 2026 में कृषि के लिए आवंटन बढ़ाया गया है और सरकार ने उच्च मूल्य वाली फसलों, निर्यात, भंडारण और तकनीक पर फोकस किया है। हालांकि उर्वरक सब्सिडी बढ़ने के बावजूद यूरिया सुधार, एमएसपी गारंटी और छोटे किसानों की बुनियादी समस्याओं पर ठोस कदम नहीं उठाए गए। उनका मानना है कि बजट सतत विकास की दिशा में तो है, लेकिन संरचनात्मक सुधारों की कमी के कारण इसकी सफलता सीमित रह सकती है।

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शिवराज सिंह चौहान

गांव, किसान और गरीब को केंद्र में रखने वाला ऐतिहासिक बजट: शिवराज सिंह चौहान

केंद्रीय बजट 2026-27 को कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐतिहासिक और विकसित भारत की नींव रखने वाला बताया है। बजट में गांव, गरीब, किसान, महिला और युवाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। ग्रामीण विकास बजट में 21% की बढ़ोतरी, कृषि बजट 1.32 लाख करोड़ रुपये और 1.70 लाख करोड़ रुपये से अधिक की उर्वरक सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। लखपति दीदी, SHE-मार्ट, मनरेगा, पंचायतों को सीधी सहायता और कृषि अनुसंधान के जरिए किसानों की आय बढ़ाने व ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

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